अंकल से चुदवाने के चक्कर में हुआ रेप भाग 2


हैल्लो दोस्तों कैसे हैं आप सभी | मैं प्रीति आपके सामने आज फिर हाज़िर हूँ | मैंने आप लोगों को अपने पिछले भाग में बताया की कैसे मैं भी उन अंकल की दीवानी हो गयी थी और उनसे चुदवाना चाह रही थी | पर ऐन टाइम पे मेरी दोस्तों ने आ कर पूरा मज़ा बिगाड़ दिया था और रात में हम लोगों को एक पार्टी में जाना था और अंकल को भी इनवाईट किया था साथ चलने के लिए | अब मैं आपका ज्यादा टाइम न लेते हुए आगे की घटना बताती हूँ |

उस पार्टी वाली रात को मैने एक ब्लू कलर की स्कर्ट पहनी थी और डिज़ाइनर टॉप था वो पहना हुआ था | मैं बहुत सेक्सी दिख रही थी फिर हम अंकल की कार में बैठ के पार्टी के लिए निकल गये रास्ते में कुछ लड़के रोड के किनारे खड़े थे शराब पी रहे थे देखने में वो सब गुंडे मवाली टाइप के दिख रहे थे | अचानक से वो सामने आ गये और अंकल ने गाड़ी रोक दी हम लोग सब बोल रहे थे की अंकल गाड़ी चलाइये पर अंकल नहीं बढ़ा सकते थे क्यूंकि वो सब सामने ही खड़े थे | वो सब नशे में धुत्त थे उन्होंने अंकल को बाहर आने को कहा उन लोग ने हमलोगों को नहीं था क्यूंकि हम लोग पीछे की सीट पर बैठे हुए थे | उन लोग ने अंकल से पैसे मांगे और अंकल ने डर के कारण पैसे दे दिए और कार में बैठे ही थे की उन लोग की नज़र हम लोगों पे पड़ी | हम लोग डर गये | एक लड़के ने मेरी फ्रेंड दिशा की तरफ हाथ बढाया और उसकी कान से बाली खींचने ही वाला था कि अंकल ने कार भगाई वहां से तो उसके हाथ में लग गयी थी चोट |

हमे नहीं पता था की वो लोग हमारा पीछा करके पार्टी तक आ जायंगे | हम लोग सब वहाँ एक दम नोरमल हो कर पहुचे | पार्टी में सब खाना खा रहे थे मिल जुल के और मैं पानी लेने थोडा आगे गयी | वहाँ इतनी भीड़ थी की कोई भी किसी को आसानी से नहीं ढूंढ सकता था | उनमे से एक लड़के ने मेरे मुह पर हाथ रखा और मैं देख भी न पाई वो सारे लड़के मुझे उठा कर ले गये मेरी आँखों में पट्टी बाँध दी थी और हाथ पैर सब बाँध दिए थे | जब मेरी आँखों से पट्टी हटाई गयी तब मैंने खुद को एक कमरे में पाया मुझे नहीं पता था की वो लोग मुझे कहाँ ले के आये हैं | सब मेरे सामने खड़े थे कुछ नहीं तो 6 लड़के थे वो सब मुझे घूरे जा रहे थे और बोल रहे थे की भाई आज तो मजा ही आ जायगा शराब और शबाब दोनों का मजा मिलेगा इतनी मस्त माल है | उस अंकल की गलती की सजा इस लड़की को मिलेगी और सब जोर जोर से हंसने लगे और फिर बाद में उनमे से एक लड़का मेरी तरफ आया मैं चिल्ला भी नहीं पा रही थी क्यूंकि मुह में भी पट्टी बंधी थी | वो मेरे पास आया और मेरे पैरों के पास आ के बैठ गया मैंने अपने पैर सिकोड़ लिए और रोने लगी और कहने लगी की प्लीज मुझे छोड़ दो मुझे जाने दो मैंने तुम लोगों का क्या बिगाड़ा है ? तुम लोग प्लीज मुझे जाने दो और रोने लगी तब वो सारे लड़के मेरे पास आने लगे….. मैं और डरने लगी की अब मेरे साथ क्या होगा मैं और जोर जोर से रोने लगी थी |

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फिर मैंने देखा की वो लोग सब तरफ से मुझे घेर के खड़े हो गये और मेरे हाथ पैर और मुह से पट्टी हटाने लगे |  मैं थोडा अच्छा फील कर रही थी की चलो इन लोग ने मेरी बाते मानी पर शायद मैं गलत थी | क्यूंकि इन लोगों ने चाक़ू निकाला और मेरे गले में लगा कर केहने लगे की देखो तुम चिल्लाओगी और भागोगी तो बेवजह तुम्हे मरना पड़ेगा तो इससे अच्छा यही है की जो हम करना चाहते हैं हमलोगों को करने दो | इसी में भलाई है और मैं एक दम सुन्न हो कर बैठ गयी और ऐसे ही सुन्न हालत में इन लोगों ने मुझे नंगा कर दिया | एक एक कपडा ऐसे निकाल रहे थे जैसे कोई भूखा शेर अपने शिकार की खाल उतारता है | कुछ ही मिनट में इन लोगों ने मुझे एक दम नंगी कर दिया था |

सब मुझे भूखे शेर की तरह देखे जा रहे थे और मैं चुपचाप ऐसे ही सुन्न बैठी रही | फिर सब बैठ गये और एक लड़का मेरे पास ही खड़ा था मैं इनकी योजना समझ गयी थी की ये एक एक कर के मुझे चोदना चाहते हैं | उसने सबसे पहले मेरे बाल संवारे और गाल में एक किस की और मुझे तुरंत ही होश आया और मेरी आँखों से आंसू बहने लगे फिर वो मेरे हाँथ सहलाते हुए मेरे लिप्स पर अपने होंठ रख के किस करने लगा उसके मुंह से गन्दी सी दारू की महक आ रही थी | मुझे बहुत गन्दा लग रहा था पर मैं एक लाचार लडकी थी उस समय फिर उसने मेरे दूध पीना चालू किया तो मैं भी गरम होने लगी थी और मेरी चूत भी गीली होंने लगी थी | फिर मेरे दूध पीने के बाद उसने मेरी जांघे चाटी और फिर मेरी चूत को खोल के देखा तो मेरी चूत गीली दिखी तो वो अपने दोस्तों को बोलता है भाई लोगों टेंशन लेने की जरुरत नहीं है ये भी चुदासी है इसकी चूत गीली हो गयी है अब आराम से चुद्वायेगी | इतना कह कर उसने मेरी चूत पर जीभ रखी और मेरे मुंह से आआह्ह्ह्ह की आवाज़ निकल गयी तो वो भी समझ गया की मुझे अच्छा लगा | फिर वो मेरी चूत चाट रहा था और मैं ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊ.. उऊंन्ह्ह अआः हाहहः अहाहाहा आहा आऔऊन्न्न्ह ऊन्न्हा कर रही थी | मेरी मुंह से निकली आवाज़ सुन कर वो भी जोश में आ गया था और जोर जोर से अपनी जीभ मेरी चूत में रगड़ रहा था | फिर उसने अपने कपडे उतारे और उसका लंड सांप की तरह फनफना के निकल आया उसका लंड ज्यादा बड़ा नहीं था अंकल की अपेक्षा उसका लंड बहुत ही छोटा था फिर उसने मुझे चूसने के लिए कहा मैंने न तो हां कर सकती थी और न ही ना कर सकती थी | मैं कुछ नहीं बोली और उसने अपना लंड मेरे मुंह में घुसा दिया और मेरे मुह को चोदने लगा |

कुछ देर ऐसे ही मेरे मुह को चोदने के बाद उसने मेरी टाँगे उठाई और अपने कंधे में रख लीं और अपना लंड मेरी चूत में रख कर एक जोरदार धक्का मारा मेरी चूत गीली थी इसलिए उसका लंड आसानी से मेरी चूत में फिसल गया और वो मुझे चोदने लगा और मेरे मुंह से अआः आआहहः आआअहा आआअह्ह्ह आआहा आआः की आवाजे आ रही थी | फिर उसमे से एक और लड़का आया और वो मेरे दूध को मसाला रहा था और पहले वाला तो चुदाई में मगन था और मैं बस अआः आआहहह अहाआः आआआहहह अहाआअहहह अहहः करते जा रही थी | अब मुझे भी मजा आने लगा था और मैं खुद बोल उठी तेरे लंड में दम नहीं है क्या ? कैसा मरा मरा सा चोद रहा है मेरे मुह से ये सुन कर सब चौंक गये की इसने ऐसा कैसे बोल दिया | फिर उस लड़के ने कहा मादरचोद रंडी रुक चोदता हूँ | बस इतना बोल के वो 2 मिनट में ही झड गया | सब लोग उस पर हंसने लगे वो मायूस हो कर किनारे जा कर बैठ गया और दारू पीने लगा | फिर दो और आये वो भी बारी बारी से अपना लंड चुसवा रहे थे | अब मैं भी खुल चुकी थी तो मैं तैयार थी सबसे चुदवाने के लिए | तभी दूसरा बंदा मेरी चूत चोदने लगा और मैं बाकियों के लंड बारी बारी से चूसे जा रही थी…….सभी के लंड अंकल की तुलना में कोई ख़ास बड़े नहीं थे इसलिए मुझे उतनी दिक्कत नहीं हो रही थी | जो भी वहां मौजूद लड़के मुझे चोद रहे थे मैं बस यही सोचा रही थी कि अंकल चोद रहे हैं मुझे |

बारी बारी से सब मुझे चोद रहे थे और मैं बस चुदवा रही थी और अआः आआअहहहह आआअहाह्ह ऊउन्न्ह आअहौऊम ऊउम्मम्म ऊउन्न अआः हहहहः और चोदो और चोदो और जोर से चोदो अआः आअहहह अहहहौउऔन्न्न्ह आऔउआनन्हब अहहहः करे जा रही थी | जब सब चुदाई करके थक जाते तो वो दारू पीने चले जाते फिर पी के मुझे चोदने आ जाते सारे लड़कों ने मुझे कम से कम तीन बार चोदा था और मेरा पूरा शारीर उनके वीर्य से सना हुआ था मुझे बहुत चिपचिपा चिपचिपा सा लग रहा था पर मैं कर भी क्या सकती थी | सब वहीँ ही नशे में चूर हो कर सो गये | फिर मैं मौके का फायदा उठा कर वहां से भाग निकली और सुनसान सड़क में पहुंची एक आंटी और उनका परिवार वहां मुझे मिल गया था तो उनने मेरी मदद की और मुझे घर तक छोड़ा | मैंने किसी से कुछ नहीं बताया क्यूंकि बदनामी मेरी ही होती |

तो दोस्तों ये थी मेरी रेप की कहानी जो मैंने आज आप लोगों को बताई लेकिन पिकचर अभी बाकी है मेरे दोस्त | आगे के भाग में आप लोगो को बताउंगी की कैसे अंकल के साथ मैंने मजे किये | मेरी इस भाग की स्टोरी पढने के लिए आपका धन्यवाद |