सुप्रिया की चुदाई की कहानी


भाइयो एवं बहनों आज में आप लोगो को अपनी लाइफ की एक रियल घटना बताने जा रहा हूँ | यह कहानी पढ़ कर आप लोगो को बहुत मजा आने बाला है और आप लोगो का लंड खड़े होने वाला है | मुझे पता है कि आप लोगो को यह कहानी पढ़ने में बहुत मजा आने वाला है | अब में बिना समय गंवाए अपनी कहानी में आता हूँ |

मेरा नाम सिब्बू राठोर है | में मुंबई का रहने वाला हूँ मेरी उम्र 28 साल है और में मुंबई में एक कंपनी में बिलिंग का काम करता हूँ | मेरे घर में मेरे मम्मी पापा और मेरी एक बहन बस है |

भाइयो एवं बहनों जब में कम्पनी में बिलिंग का काम करता था | तो कंपनी में एक सी एक लडकिया काम करने के लिए आती थी | सभी लडकिया देखने में बहुत ही ज्यादा सेक्सी और एक नंबर की माल दिखती थीं | मुझे तो सभी लडकियों को देख कर चोदने का मन करता था जब भी में उन लोगो को देखता था तो मेरा लंड उन लोगो की चूत की याद में खड़ा हो जाता था और रिसने लगता था | फिर कुछ दिन बाद कम्पनी में एक और लड़की काम पर आई और वो लड़की मेरे बाजु वाली सीट पर ही बैठती थी और वो दिखने में बहुत ही सुंदर और सेक्सी दिखती थी | फिर तो उसके बाद मेरा लंड उसकी चूत के लिए तड़प रहा था | वो मुझे बहुत अच्छी लगने लगी थी | उसका नाम सुप्रिया था | वो भी मुंबई की रहने वाली थी | …..फिर उसके बाद जब भी वो रोज कम्पनी काम पर आती तो मुझे उसे देख कर बस चोदने का मन करता था | फिर उसके बाद में उसे पटाने में लग गया क्यूंकि में उसे बहुत पसंद करने लगा था | …..फिर मुझे तो उसे पटाना था और चोदना था | फिर मैं धीरे धीरे करके उसे बात करना शुरु कर दिया कर दिया वो बात करने में बहुत अच्छी थी वो मुझसे अच्छे से बात किया करती थी फिर एक दिन बातो बातो में मैंनेउसका मोबाइल नंबर ले लिया था | और फिर उसके बाद हम दोनों की मोबाइल पर भी कभी कभी बात हो जाती थी | मैं सुप्रिया को लाइन मारा करता था और उसे बहुत देखा करता था | सुप्रिया से मेरी बहुत अच्छे से बात होने लगी थी कुछ दिन बाद | मैं जब भी सुप्रिया को देखता था तो वो मुझे देख कर मुस्कुरा देती थी | हम दोनों लंच टाइम एक साथ खाना खाया करते थे | और एक दुसरे से बहुत मजाक किया करते थे | फिर एक दिन मैंने मजाक मजाक में सुप्रिया से कह दिया ……कि सुप्रिया मैं तुमको बहुत पसंद करने लगा हूँ | तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो यह बात सुनकर वो मुझसे बोलने लगी की सही में तुम मुझे पसंद करने लगे हो …..और फिर मैंने  उसे कह दिया कि हाँ में तुमको बहुत पसंद करने लगा हूँ | फिर वो स्माइल करने लगी और मुझसे कहने लगी तुम भी मुझे अच्छे लगते हो और फिर उसके बाद हम दोनों जाकर काम करने लगे | फिर उसके बाद दूसरे दिन से सुप्रिया मुझसे रोज मोबाइल पर बात करने लगी | सुप्रिया भी मुझे बहुत पसंद करने लगी थी | सुप्रिया पूरी तरीके से मेरे प्यार में पागल हो गई थी | वो मुझसे बहुत प्यार करने लगी | मैं जो भी सुप्रिया से बोला करता वो करती थी वो हमेशा मेरी बात माना करती थी | मुझे तो बस उसकी चूत चाहिए थी मुझे उसे चोदना था | फिर एक दिन मैं और सुप्रिया कम्पनी में अकेले काम कर रहे थे सब लोग कही मीटिंग के लिए गए हुए थे | तो उस दिन मुझे सुप्रिया को चोदने का बहुत मन कर रहा था | मेरा लंड सुबह से उसकी चूत की याद में तड़प रहा था | फिर उसके बाद मैंने सोचा आज सुप्रिया को चोदने के लिए मना ही लेता हूँ | फिर उसके बाद कम्पनी में मैं और सुप्रिया बस थे तो मैंने सुप्रिया से कहा सुप्रिया क्या तुमने कभी किसी को किस किया है तो सुप्रिया ने मुझसे बोला क्यों | फिर मैंने सुप्रिया से कहा मुझे तुम्हे किस करने का मन कर रहा है | मुझे तुम्हे किस करना है | यह सुनकर सुप्रिया हसने लगी …..फिर मैंने सुप्रिया से कहा जल्दी से मुझे किस दो तो उसने मुझे जल्दी से मेरे होट में किस कर दिया और कहने लगी की बस | फिर मैं सुप्रिया से कहने लगा कि तुम इसे किस कहती हो | तो वो मुझसे कहने लगी की और नहीं तो क्या तो फिर किसे कहते हैं ? फिर मैंने सुप्रिया को पकड़कर अपनी कुर्सी पर अपनी गोद में बैठाया और उसे किस करने लगा | मैंने सुप्रिया को बहुत देर तक किस किया और फिर उसके बाद सुप्रिया से कहा किस इसे कहते है | धीरे से मैं उसके दूध दबाने लगा और उससे कहने लगा कि आज तुमको मुझे चोदना है मेरा लंड सुबह से तुम्हारी चूत की याद में तड़प रहा है | सुप्रिया आह्ह्ह आःह ऊउह्ह्ह ऊह्ह्ह करने लगी और अपने हाथ से मेरे खड़े लंड को पकड़ने लगी फिर उसके बाद मैंने अपना हाथ भी सुप्रिया की चूत में डाल दिया और सुप्रिया जोर से आह्ह आह्ह्ह करने लगी | जोश जोश में सुप्रिया ने अपने पूरे कपडे उतार दिए और अपनी चूत खोलकर बेंच पर लेट गयी और चोदने को कहने लगी | फिर मैंने सुप्रिया की चूत की याद में तड़प रहे लंड को उसकी चूत में डाला और सुप्रिया को धीरे धीरे चोदा | सुप्रिया आह्ह्ह आह्ह ऊउह्ह ऊह्ह्ह कर रही थी और कह रही थी जल्दी जल्दी चोदो कही कोई आ ना जाये और आह्ह आःह कर रही थी | मुझे बहुत मजा आ रहा था सुप्रिया को चोदने में फिर उसके बाद कोई कम्पनी वाला ना आ जाये उसके डर में सुप्रिया कहने लगी कि बस करो कोई आ जाएगा और हमें देख लेका चोदते हुए और आआह्ह्ह अआह्हह आअह्ह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह ऊउह्ह्ह ऊह्ह्ह मेरे लंड की मार से | उसके बाद जब मैंने सुप्रिया को चोद कर अपने कपडे पहन लिए और सुप्रिया को भी जल्दी कपडे पहनने को बोला क्योकि सब लोगो का कम्पनी आने का टाइम हो गया था | फिर हम दोनों अपना काम करने लगे | अब हम दोनों एक दुसरे को देखकर मुस्कुरा रहे थे | फिर मैंने सुप्रिया से बोला मजा आया चुदने में ….तो वो हसने लगी और बोलने लगी बहुत मजा आया ऐसा लग रहा था की बस तुम मुझे चोदते रहो | फिर वो मुझसे पूछने लगी तुमको आ रहा था कि नहीं मजा | मैंने बोला मुझे तो बहुत मजा आ रहा था मेरा लंड तुमको चोदने के लिए बहुत दिन से तड़प रहा था | फिर उसके बाद हम दोनों घर चले गए | जब दूसरे दिन कम्पनी में काम के लिए आए तो सुप्रिया मुझसे कहने लगी कि मुझे कल रात में नींद नहीं आ रही थी मेरी चूत तुम्हारे लंड को बहुत याद कर रही थी | कल रात में मुझे बहुत चुदने का मन कर रहा था | मुझे आपसे और चुदना है और फिर वो मुझे रात में अपने घर आने के लिए मनाने लगी | मैंने कहा मुझे भी तुमको चोदने की बहुत इक्च्छा हो रही थी रात में | आज रात में तुम्हे बहुत चोदुंगा फिर सुप्रिया मुझसे कहने लगी कि जल्दी आना मुझसे बिलकुल रहा नहीं जा रहा है | फिर मैं रात में सुप्रिया के घर गया | वो मुझे देखकर बहुत खुश गयी और आकर मुझसे लिपट गयी और अपने हाथ से मेरे जीन्स को खलने लगी और मेरे लंड को अपने मुह में लेने लगी | मुझे बहुत मजा आ रहा था जब वो मेरा लंड अपने मुह में ले रही थी | फिर मैंने उसे बेड पर लेटा के उसके पूरे कपडे फाड़ दिए और उसकी चूत में अपना लंड डालकर चोदने लगा | मैं सुप्रिया को उपर नीचे कर के अलग अलग स्टायल में बहुत चोद रहा था | सुप्रिया जोर जोर से आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः कर रही थी और बहुत चिल्ला रही थी और मैं सुप्रिया के मस्त दूध पीने लगा और जोर जोर से दबाने लगा सुप्रिया के बहुत मस्त दूध थे चिकने चिकने उनको पीने में बहुत मजा आ रहा था | वो तो बस आह्ह आह्ह आह्ह ऊउह्ह ऊह्ह कर रही थी और बोल रही थी और चोदो और चोदो और मैं उसे चोदता रहा | मुझे तो उसे चोदना ही था और मुझे बहुत मजा भी आ रहा था | मुझसे चुदने के बाद भी मुझे घर नहीं जाने दे रही थी और चुदने की ज़ि कर रही थी | उसे बहुत मजा आ रहा था चुदने में और मुझे भी चोदने में | फिर मैं कभी भी सुप्रिया को चोदता रहता था और सुप्रिया भी मुझसे खुद चुदने आती थी | उसे नशा चढ़ गया था मुझसे चुदने का |

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