पत्नी को छोटे लंड से ही सुहागरात पर संतुष्ट किया


हाय मेरे प्यारे दोस्तों केसे हो आप सब ? उम्मीद तो यही है की आप सब ठीक होगे और अपनी जिंदगी में कहीं न कहीं किसी न किसी को चोद रहे होगे | सबसे ज़रूरी बात जिंदगी में यह होती है की आप किसी को कितना संतुष्ट कर पाते हो | क्यूंकि अगर आपसे कोई संतुष्ट नहीं है तो वो कहीं और अपनी प्यास बुझाने के लिए ज़रूर जाएगा | दोस्तों मेरा नाम अंकित है और मैं एक साधारण सा लड़का हूँ | न ही मेरा लंड इतना बड़ा है और ना ही छोटा | पर ये कहानी मेरी जिंदगी की सबसे सच्ची कहानी है और में जनता हूँ की इसका कई लोगो से वास्ता भी होगा |

देखिये प्यार और हवस दोनों में बहुत अंतर हैं क्यूंकि एक पवित्र है और दूसरा वासना से सम्बंधित है | तो एक बात हमेशा ध्यान रखिये की इन दोनों चीजों को कभी एक साथ मत कीजिये | एक बात और जो मैं आपको बताना चाहता हूँ वो यह है कि अगर कोई लड़की आपसे प्यार करती है तो वो आपका लंड कितना बड़ा है ये नहीं देखेगी | अजीब बात यह है की मैं अक्सर देखता की लोग कहते हैं मेरा लंड इतना बड़ा है…….. इतना मोटा है | अरे यार चुदाई करनी है ……. जुंड पे नहीं जाना है और न ही गहराई नापनी है |

मैं साफ़ कहता हूँ की मेरा लंड छोटा है पर मेरी सहेली मुझसे बड़ी खुश रहती है | मैंने तो उसकी जस्सोसी भी करके देख ली एक साल तक उस लड़की ने किसी और के साथ सम्बन्ध तो क्या दोस्ती का रिश्ता नहीं बनाया | तो जो भी पाठक मेरी यह कहानी पढ़ रहा है और उसका लंड छोटा है तो वो प्यार पे अपनी शक्ति लगाये न की दिखावे वाले विज्ञापनों पर | इससे आपका पैसा और समय दोनों बच जाएगा और अपने साथी को समझ पाओगे |

मैंने हर समय यही सोचा था की मैं अपने जैसे लोगो की मदद करूँगा और वो में आज भी करता हूँ | तो दोस्तों अब में आपको मेरी सच्ची कहानी बताता हूँ जो मेरे साथ असलियत में हुयी है | मैं एक व्यापारी हूँ और मेरा आना जाना बहुत होता रहता है | तो जनवरी का सर्द मौसम था और मेरे दोस्त की शादी थी | पहले तो मेरा मन नहीं था जाने का पर उसके दवाब के कारन बुझे वहां जाना पड़ा | अब साला मैं करता क्या अकेला उस जगह पर तो मैंने सोचा कि क्यों न शादी का ही मज़ा उठाया जाये | तो में अन्दर जाकर बैठा और एक बहुत ही प्यारी लड़की को डांस करते हुए देखा |

सच बताऊ तो मेरा पहली नज़र में ही दिल आ गया था उस पर और मेरा बस चलता तो मैं उसी मंडप में उससे शादी कर लेता | फिर मैंने सोचा की हटाओ यार इसका तो पहले से ही कहीं चक्कर चल रहा होगा | अब अगले दिन मैं वह से निकल आया और अगले महीने मेरा दोस्त अपनी पत्नी के साथ मेरे घर आ गया | दोनों बड़े ही अच्छे लग रहे थे साथ में | मैं अकेला ही रहता था अपने बंगले में मेरे मम्मी पापा अब इस दुनिया में नहीं थे |

पहले मैं पैसे के पीछे भागता था अब इतना पैसा था की समझ नहीं आता था कि खर्च कहाँ करूँ | मेरे दोस्त ने मुझसे कहा यार अब तू भी शादी कर ही ले | यार…… मेरा बस चले तो आज कर लूँ पर अच्छी लड़की मिलती कहाँ है | तो भाभी ने कहा भैया देखने से सब मिल जाएगा अगर आप बोलो तो अपनी दोस्तों से बात करूँ आपके लिए | मैंने कहा भाभी आप भी कोशिश कर ही लीजिये और इतने में मेरे दोस्त ने अपनी शादी का विडियो चला दिया | थोड़ी देर बाद जब शादी वाला हिस्सा आया तो वही लड़की वहां नाचते हुए नज़र आई | मैंने कहा…. रुक रुक रुक…… और उसने विडियो रोक दिया | मैंने उससे पूछा यार ये लड़की कौन है मुझे बहुत अच्छी लगती है | भाभी ने कहा लीजिये आपकी शादी पक्की हुयी समझो | मैंने कहा क्या ? उन्होंने कहा हाँ ये मेरी दोस्त है और बहुत अच्छी लड़की है आज तक किसी लड़के से बात तक नहीं की इसने |

मुझे भी लगा यार अंकित आज तो तेरी किस्मत चमक गयी | भाभी ने तुरंत उसके घर में फ़ोन लगाया और कहा मम्मी मुझे लड़का मिल गया है आप सब कुछ छोडके यहाँ आ जाओ | उसका घर परिवार भी सब अच्छा था और वो सब लोग आये और मुझे देखा पर मेरी जान अभी तक नहीं आई थी | भाभी और मेरा दोस्त मेरे घर पर ही रुके और साड़ी तैयारियां की | उसके मम्मी पापा को मैं बड़ा पसंद आया और तब जाकर मुझे उसका नाम पता चला जो था रीना | अब मेरा नंबर उसके पास जा चुका था और एक दिन उसने मुझे फ़ोन लगाया | कुछ दिनों तक तो हमारी अच्छी बात चली पर एक दिन मैंने सोचा की इसे भी सच बता ही देता हूँ |

मैंने उससे पूछा रीना अगर आपका पति आपको संतुष्ट नहीं कर पाया तो | तो उसने दो टूक जवाब दिया “वो मेरा पति है और मुझे उसकी अच्छाई और प्यार से मतलब है न की शारीरिक बनावट से” | मुझे यकीन हो गया ये लड़की दूसरी लड़कियों के जैसी नहीं है | शादी की तारिख तय हो गयी और एक बार फिर भाभी और दोस्त मेरे घर पर आ गये और सब कुछ संभल लिया | रीना भी मुझे अच्छे से जान चुकी थी और उसके चेहरे की चमक ये साफ़ बयां कर रही थी |

शादी के एक दिन पहले उसका फोन आया और उसने कहा पतिदेव अब सारी चिंता छोड़ के सिर्फ मुझपे ध्यान रखना बाकी मैं सब संभाल लूंगी | ये बात सुनके दिल को काफी सुकून मिला और हमारी शादी हो गयी | सुहाग रात वाले दिन मुझे बिलकुल भी चिंता नहीं थी क्यूंकि मैंने रीना को पहले ही बता दिया था की मेरा लंड छोटा है | दोस्तों चोदते समय आपकी चोदने की शक्ति, समय और पोजीशन मायने रखती है |

उस रात को मैं शर्मा रहा था तो रीना मेरे पास आई और मेरा हाथ पकड़ के बिस्तर पर ले गयी | उसने मेरे सारे कपडे उतारे और कहा की चलो मुझे इस शादी के जोड़े में काफी गर्मी लग रही है इसे उतार दो | मैंने भी उसके सारे कपडे उतार दिए और कसम से मेरा छोटा लंड इतना खड़ा हो गया की मैं आपको बता नहीं सकता | उसका बदन था की रसमलाई मन कर रहा था चाट लूँ | उसने मेरे लंड की तरफ देखा और कहा पति देव चिंता मत करो इससे मुझे कोई फर्क पड़ता | मुझे फर्क पड़ता है आपके प्यार से जो की आप मुझसे बहुत करते हो |

उसके बाद उसने मुझे चूमना शुरू किया और मेरे लिप्स से होते हुए वो मेरे लंड तक पोहंच गयी | उसने मेरे लंड को इस कदर चूसा की मैं उसके मुंह में ही झड गया | अब मेरी बारी थी तो मैंने उसे पकड़ कर बिस्तर पर पटका और उसके लिप्स पर चूमने लगा धीरे धीरे मैं उसके दोध की और बढ़ा | जैसे ही मैंने उसके निप्प्प्ले पर मुह लगे तो देखा की वो तने हुए हैं | फिर भी मैं उन्हें चूसता गया और उसके इतना गरम कर दिया की उसने अपनी चूत से तीन बार पानी छोड़ा |

फिर मैंने उसकी गीली चूत की खुशबू को सूंघा और उसे पागलों की तरह चाटने लगा | आआअह्ह्ह्ह आआअह्ह्ह्ह ………. ऊओह्हह्ह और चाटो ना अंकित प्लीज | मैंने आज तक ऐसा महसूस नहीं किया ऊम्म्म्मम्म्म्म और करो …… ओह्हह्हह्ह अंकित मैं झड़ने वाली हूँ मेरा सारा पानी पीलो | मुझे भी जोश चढ़ा हुआ था तो मैं उसका सारा पानी पी गया | अब बारी थी उसकी नाज़ुक सी गीली चूत को चोदने की | मैं उठा और मैंने अपना लंड उसकी चूत पे टिकाया और उसकी गांड के नीचे तकिया लगा दिया ताकि और भी मज़ा आये |

जेसे ही मैंने पहला झटका लगाया वो चिल्ला पड़ी ओह्ह्हह्ह्ह्हह्ह ऊऊउईईईईईईई निकालो बहुत दर्द हो रहा है | मैं उसके ऊपर झुका और उसे चूमने लगा और धीरे धीरे लंड अन्दर बाहर करने लगा | इतने में ही मैंने पूरा लंड अन्दर डाल दिया और उसकी चूत से हल्का सा खून निकल आया | पर इस बार वो दर्द को झेल गयी और ऊम्म्म्मम्म्म्म आअह्ह्ह्ह की आवाजें करने लगी | मज़ा उसे भी आ रहा था क्यूंकि मैं उसे चोद ही कुछ अलग तरीके से रहा था |

अब हम दोनों को मज़ा आने लगा था और मैं जोर जोर से उसकी चूत में लंड को अन्दर बाहर कर रहा था | इतने में ही उसने मुझसे कहा मैं झड़ने वाली हूँ और वो झड़ गयी | उसकी छोट की गर्माहट से मैं भी उसकी चूत के अन्दर ही झड़ गया | अब हम दोनों एक दुसरे के बाजू में नंगे लेटे थे | तभी उसने कहा देखा आपने मुझे संतुष्ट कर दिया न अब कभी खुद पे शक मत करना | दोस्तों आपको ये कहानी कैसी लगी कमेंट में जरुर बताना |


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