पहले पहले प्यार का लम्बा इंतजार 3


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हेल्लो दोस्तों कैसे हो आप सभी लोग ? आप सभी लोग ठीक ही होगे और मेरी कहानी के मज़े ले ही रहे होगे | दोस्तों मैं आज अपनी कहानी पहले पहले प्यार का लम्बा इंतजार का तीसरा भाग लेकर आप लोगो की सेवा में हाज़िर हूँ | मैं उम्मीद करता हूँ की आप सभी लोगो को मेरी कहानी पसंद आ रही होगी |

मैंने अभी तब आप लोगो को अपनी कहानी में बताया है की मैं अनामिका को चुदाई के खेल के लिए तैयार कर लिया था | मैं अब आप लोगो को इसके आगे बताऊंगा |

दोस्तों मैं उस रात उसकी सलवार उतार दी थी और वो उसके अन्दर पैंटी पहने हुई थी | तब मैंने उसकी पैंटी भी निकाल दी और उसके कपडे एक किनारे रख रख दिए | फिर मैं अपने कपडे निकालने लगा तो मैंने अनामिका से कहा तुम मेरे कपडे नही निकालोगी ?

अनामिका – हाँ क्यूँ नही |

वो मेरे कपडे निकालने लगी और मेरी बनियान और अंडरवियर निकाल दी | अब मेरा लंड लोहे की तरह खड़ा था तो वो उसको देखकर सरमा गयी और अपनी आँखों को नीचे कर लिया | मैं अनामिका को अपनी बाँहों में भर कर लेट गया और जब मैंने उसकी चुचियों को पास से देखा तो मेरे मुंह में पानी आ गया | उस टाइम अनामिका क्या लग रही थी बिकुल क़यामत खुदा ने भी उसे फुर्सत में बनाया होगा और मेरे लिए भेज दिया होगा | मैं मन ही मन में ऊपर वाले को धन्यवाद बोला और उसकी चुचियों को मुंह में रख लिया | मैंने जैसे ही उसकी चुचियों को मुंह में रक्खा तो उसके मुंह से आ.ह…. उह… ह….. सी.. की आवाजे निकाल गयी |

मैं उसकी चोचियों के निप्पल को मुंह में रक्खा और उसके अंगूर जैसे निप्पल पर जीभ को गोल गोल घुमाया | मैं जब उसके निप्पल को चूसने लगा तो वो मचल गयी | मुझे उसकी संतरे जैसी सूचियों को चूसने में बहुत मज़ा आ रहा था और मैं उसकी दोनों चुचियों को तब तक एक एक करके चूसता रहा जब तक मेरे मन नही भर गया | वो लेट कर मेरे सर को पकड कर चुसाती रही और आह…. ह…. ह……. ह….. की सिसकियाँ पर सिसकियाँ लेती रही | दोस्तों अनामिका का हाल बुरा हो चूका था और वो अब अपने आप में नही थी | तब मैंने उससे कहा मेरी जान मेरा मन कर रहा है की मैं तुम्हे ऐसे ही पुरे जीवन अपनी बाँहों में लेकर पड़ा रहूँ |

वो मेरी ये बात सुनकर मुझसे बोली मैं भी तुम्हारी बाँहों में हमेशा रहना चाहती हूँ ?

मैं – हाँ मेरी जान में तुम्हे हमेशा अपनी बाँहों में ही रक्खूगा |

मैं फिर से उसे चूमने चाटने लगा | मैं उसको ऐसे ही करीब 10 मिनट तक चूमता चाटता रहा जिससे वो मुझसे बोली की मुझे कुछ कुछ हो रहा है | दोस्तों सायद उसकी चूत का पानी निकल गया था और वो झड़ गयी थी | वो आह.. ऊह… ईई… आह… ग़्ग़ीईईईई…. आई… आह. करती हुई मुझसे लिपट गयी थी | दोस्तों क्या हँसी पल थे | मैं जब आज याद करता हूँ तो मेरा लंड उसकी याद में पानी निकाल देता है | हम दोनों उस टाइम एक दुसरे से लिपटे हुए लेते थे |

फिर मैंने उससे कहा – अब हम आगे बढे ?

वो अपना सर हिलाती हुई इशारा किया | तब मैं धीरे से नीचे आया और उसकी टांगो को थोडा सा फैला दिया | वो मुझे ऐसा करते देख शर्म के मारे अपनी आँखों को बंद कर लिया |

मैं – अनामिका तुम मुझे प्यार नही करती हो क्या ?

वो – नही जी मैं तुम्हे अपनी जान से ज्यादा प्यार करती हूँ |

मैं – तो फिर मेरे से शरमा क्यूँ रही हो ? चलो मेरी तरफ देखो |

वो मेरी तरफ देखने लगी और मैं उसकी चूत से निकलने वाले पानी को कपडे से साफ किया | दोस्तों क्या चूत थी बिलकुल लाल और उसकी चूत के ऊपर हल्के से रेशमी बल जो बहुत सुन्दर लग रहे थे | मैंने सोचा की मैं भी चूत को चाट कर देखता हूँ पर मैं ये पहली बार करने जा रहा था तो थोड़ी से हिचकिचाहट भी हो रही थी क्यूंकि मैंने ऐसा सेक्सी हिंदी कहानी में पढ़ा था |

तब मैंने थोड़ी हिम्मत की और उसकी चूत पर एक छोटी सी किस की जिससे उसके मुंह से आह.. की आवाज निकल गयी | फर मैं थोड़ी और हिम्मत दिखाई और उसकी चूत को पंखुडियो को अपने दोनों हाथो की उँगलियों से फैला दिया | फिर उसकी चूत के छेद को जीभ से चाट लिया | मैं जैसे ही उसकी चूत को चटा तो उसके मुंह से आह की आवाज निकल गयी |

वो मुझसे बोली – ये कर कर रहे हो ?

मैं – कुछ नही जानेमन तुमको मज़ा दे रहा हूँ ?

वो बोली – छी गन्दा है ये करना ?

मैं-  इसको करने से बहुत मज़ा आता हैं मैं ऐसा करते बहुत फिल्मो में और कहानियो में पढ़ा है | तुमने नही देखा कभी ?

वो – नही कभी नही देखा पर मैंने इसके बारे में अपनी सहेली से सुना है |

मैं – क्या सुना है ?

वो – धत्त पागल |

मैं – हाँ अब मैं पागल हूँ |

वो – नही सॉरी |

मैं – अच्छा बताओ क्या कहती हैं सहेली तुम्हारी ?

वो शर्माती हुई बोली मैंने सुना था की लड़का और लड़की वो करते हैं |

मैं – वो क्या करते हैं ?

वो – मुझे नही पता क्या करते हैं |

मैं – मैं बताऊँ क्या कहते हैं ?

वो शर्माती हुई – बताओ ?

मैं – जो लड़का और लड़की करते हैं उसे सेक्स , चुदाई करना कहते हैं तो क्या कहते हैं ?

अनामिका – सेक्स , चुदाई करना कहते हैं ?

मैं – हाँ |

वो ये सब बाते सुनकर गर्म हो रही थी और मैं उसकी चूत पर अपनी जीभ को रख कर चाट रहा था | मैं जब उसकी चूत को चाटने लगा तो उसने मुंह से आह.. उह… उई… की सिसकियाँ लेने लगी | मैं उसकी चूत के दाने पर अपनी जीभ को रगड रहा था जिससे उसे बहुत मज़ा आ रहा था और वो मुझसे कहने लगी और जोर से करो मज़ा आ रहा है |

मैं भी उसकी चूत को चाटने के साथ उसकी चूत में अपनी ऊँगली को धीरे से घुसाने लगा | दोस्तों उसकी चूत की घुफा बहुत टाईट थी तो मैंने उससे कहा तुमने कभी अपनी चूत में ऊँगली की है  | वो मैंने अभी तक कुछ नही किया है | तब मैं उसकी चूत में अपनी ऊँगली को घुसाने लगा ताकि जब मैं लंड को डालूं तो उसे दर्द कम हो | मैंने अपनी ऊँगली जैसे ही चूत में घुसाई तो वो मचल गयी और मुझे ऊँगली को बाहर करने को कहने लगी |

तब मैंने उसे संभाल लिया और कहा की रुको मेरी जान कुछ नही होगा | वो बोली यार दर्द हो रहा है | मैं बोला मेरी जान को दर्द हो रहा है तो मैंने उसकी होठो पर अपनी होठो को रख दिया और चूसने लगा | मैं उसकी होठो को चूसने लगा और धीरे धीरे अपने लंड को डालने की चूत में जगह बनाने लगा | मैं उसकी चूत में अपनी ऊँगली को अन्दर तक डाल दिया और कुछ ही देर में अपनी दूसरी ऊँगली भी डाल दी |

वो आह… उई… ह…. ह…. सी.. करती हुई बोल रही थी की यार दर्द हो रहा है | मैं ये सोच रहा था की जब ऊँगली डालने में इतना सिसकियाँ ले रही है तो अपना मोटा लंड घुसा दिया तो ये मर न जाये | मैं पर उसको संभालते हुए उसकी चूत में लंड डालने की जगह बना ही ली | अब वो भी मस्त हो गयी थी और मेरे हाथ को पकड कर अपनी चूत में अन्दर बाहर करने लगी |

अब अनामिका बोली यार अब मुझसे रह नही जा रहा है अपने इसको डाल दो | वो अब गर्म हो चुकी थी और मेरे लंड को लेने के लिए बोल रही थी | तब मैंने उससे कहा की यार मेरे लंड को मुंह में लो और चुसो | वो बोली छी गन्दा है मैं नही कर पाऊँगी | दोस्तो मैं उस टाइम ज्यादा कहना ठीक भी नही समझा और कहा कोई बात नही |

फिर उसकी चूत में थूक लगाकर अपने लंड को धीरे से रख दिया | मैं अब उसकी चूत पर दबाव बनाने लगा था जिससे उसकी चूत में मेरे लंड का टोपा अन्दर गया और वो चीख पड़ी उई माँ मरररर… गईई… उईई.. यार निकाल लो | मैं मर जाउंगी यार उईइ.. मर गयी..

मैंने उसके सर को सहलाते हुए कहा बस 2 मिनट ही दर्द होगा बस हो गया अब नही होगा पर दोस्तों मेरा लंड का टोपा ही अभी घुसा था | मेरा पूरा लंड को अभी बाहर ही रक्खा था और उसकी चूत से खून निकल आया था | तब मैं उसकी चूत में धीरे धीरे दबाव करने लगा जिससे मेरा लंड धीरे धीरे उसकी चूत में घुसाने लगा और कुछ देर में मेरा लंड उसकी चूत में आधा घुसा गया | अनामिका दर्द की वजह से तिलमिला रही थी और आह उह.. कर रही थी | दोस्तों उसकी आँखों में आंसू भी आ गये थे और मुझसे उसका दर्द देखा नही जा रहा था पर मैंने सोचा की अगर मैंने निकाल लिया तो ये दुबारा डालने भी नही देंगी |

तब मैंने अपनी आंखे बंद कर ली और उसकी चूत में एक धक्का जोरदार मारा जिससे मेरा लंड उसकी नाजुक सी चूत को फाड़ते हुए उसकी बच्चेदानी में जा टकराया | वो दर्द की वजह से कुछ भी बोल नही पा रही थी और उसकी छोटी सी चूत ने मेरे 6 इंच लम्बे लंड को पूरा अंदर तक समां लिया था |

फिर मैं उसकी चूत में पूरा लंड दे दिया था और कुछ देर बाद वो भी मज़े लेने लगी थी | मैं भी मज़े लेते हुए उसको चोदने लगा था और वो आह आह… की आवाजे करती हुई चुदने लगी थी | दोस्तों इसके आगे क्या हुआ होगा आप सभी लोग जानते हो और अपने मन में ही सोच सकते हो | मुझे बताने की जरूरत नही है |

दोस्तों मैं उम्मीद करता हूँ की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आई होगी अगर आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आई है तो मुझे जरुर बताये | धन्यवाद…………..


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