निधि न सही सुहाना के साथ ही रात रंगीन हुई


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मेरा नाम सतीश है और मैं कॉलेज में पढ़ने वाला छात्र हूं। मैं कॉलेज के लास्ट ईयर में हूं और उसके बाद मैं अब अपने पिताजी का काम संभालने वाला हूं। मेरे पिताजी का एक बहुत बड़ा कारोबार हैं।  कॉलेज में मेरे सारे दोस्त मेरे साथ रहते हैं क्योंकि मैं उनके ऊपर खुलकर खर्चा करता हूं। अब मुझे ऐसा लगता है कि पैसा होने से मेरे पास सब कुछ है। इस वजह से मेरे कॉलेज में बहुत सारे दोस्त हैं और लड़कियां भी मेरी तरफ बहुत ज्यादा आकर्षित रहती हैं लेकिन मैं लड़कियों को ज्यादा भाव नहीं देता। क्योंकि मैं अपने दोस्तों के साथ ही इंजॉय करता रहता हूं। मुझे आज तक कोई भी ऐसी लड़की नहीं दिखी जिससे मैं अपने दिल की बात कह सकूं। या फिर मैं उसे पसंद कर संकू। इसलिए मैं अपने दोस्तों के साथ ही रहना पसंद करता हूं। हमारे कॉलेज में एक नई प्रोफेसर आई। उनकी उम्र ज्यादा नहीं थी। परंतु वह बहुत ज्यादा ही सुंदर थी। उनकी सुंदरता को देख कर मैं मोहित हो गया और मुझे लगने लगा कि मुझे उनसे बात करनी चाहिए। अब मैं उनसे बात करने के लिए उत्सुक होने लगा और मैं उनसे बहुत ही बात किया करता था। पहले तो उन्होंने मुझसे बात नहीं की परंतु बाद में वह मुझसे बात करने लगी।

जब एक दिन उन्होंने मुझे अपने पति के बारे में बताया कि मेरे पति का देहांत हो चुका है। तब मुझे बहुत ज्यादा दुख हुआ और मैंने उनसे पूछा की आपके पति का देहांत कैसे हुआ। वह कहने लगी कि एक कार एक्सीडेंट में दुर्घटना हो गई थी। जिससे कि उनकी मृत्यु हो गई। मैं उन मैडम के पीछे पीछे जाने लगता था। उनका नाम ज्योति था। वह भी मुझे बहुत ही पसंद करती थी और मैं भी उन्हें बहुत पसंद करने लगा। एक दिन मैंने उन्हें अपने दिल की बात बता दी तो वह कहने लगी कि मैं तुमसे शादी कैसे कर सकती हूं। तुम्हारी उम्र बहुत कम है और दूसरा तुम कुछ करते भी नहीं हो। मैंने उन्हें बताया कि मेरे पिताजी का एक बहुत बड़ा कारोबार है। वह मैं ही संभालने वाला हूं लेकिन वह मुझे कहने लगी यदि तुम मुझसे शादी करने के बारे में सोच रहे हो तो तुम्हारे घरवाले मानेंगे नहीं और वह हमारी शादी नहीं होने देंगे। मुझे भी यह सब बहुत ही बुरा लग रहा था। परंतु मैं उनकी तरफ आकर्षित हो चुका था और अब मैं उसे बहुत प्रेम करने लगा था।

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मैंने इस बारे में अपने पिताजी से भी कहा तो मेरे पिताजी मुझ पर बहुत गुस्सा हो गए और कहने लगे की तुम्हे और कोई नही मिली जो तुम एक विधवा से शादी करोगे। तुम्हारी उम्र भी बहुत कम है और हमने तुम्हें इसीलिए कॉलेज में भेजा था की तुम ये सब करो। वह मुझ पर बहुत ज्यादा गुस्सा हो गए। तब मुझे यह महसूस हुआ कि वह लोग मेरी शादी ज्योति से नहीं करवाने वाले लेकिन हम दोनों मिल लिया करते थे और कभी मेरा मन होता तो मैं उनके घर भी चला जाया करता था। अब वह भी मुझ से प्रेम करने लगी। परंतु उनके सामने भी यही समस्या थी कि वह मुझसे शादी कैसे करें। क्योंकि सब लोग उन पर ही उंगली उठाते  और कहते कि तुमने ही जवान लड़के को अपने जाल में फसाया होगा। इस वजह से वह शादी का विचार भूल चुकी थी और हम दोनों अक्सर मिल लिया करते थे। परंतु अब हमारे पास कोई भी चारा नहीं था।  मैंने इस बारे में ज्योती से भी बात की वह मुझे यही कह रही थी कि यदि तुम मेरे साथ रहना चाहते हो तो तुम्हें तुम्हारे घर वालों को छोड़ना पड़ेगा। उसके बाद ही मैं कोई फैसला ले पाऊंगी। नहीं तो मेरे लिए भी यह बहुत ही गहरा संकट हो जाएगा और सब लोग मुझे ही इसका दोषी ठहराएंगे। मैं यह बिल्कुल भी नहीं चाहती कि सब लोग मुझे इस चीज के लिए दोषी ठहराये और कहे कि मेरी वजह से तुम्हारी जिंदगी खराब हो गई या तुमने मुझसे शादी कर ली। क्योंकि मैं तुमसे उम्र में भी बड़ी हूं और सब लोग ही यह बात कहेंगे कि मैंने अपनी खुशी के लिए तुमसे शादी कर ली है। इस वजह से मैं बिल्कुल नहीं चाहती कि मैं तुमसे शादी करूं।

एक दिन कॉलेज में ज्योति कुछ ज्यादा ही रोने लगी और उसने मुझे अपने कैबिन में बुलाया। वह कहने लगी कि आज मैं बहुत ज्यादा दुखी हूं। मैंने उससे पूछा तुम्हें किस बात का दुख है तो वह कहने लगी कि मुझे तुम्हारे पापा ने फोन किया था वह कहने लगे कि तुम मेरे लड़के की जिंदगी खराब कर रही हो इस वजह से मैं बहुत ज्यादा दुखी हूं। जब यह बात मैंने सुनी तो मुझे भी बहुत दुख हुआ और मैंने उसे तुरंत ही अपने गले लगा लिया। जब मैंने उसे अपने गले लगाया तो वह बहुत तेज तेज रोने लगी और कहने लगी कि मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं होता मुझे ऐसा लगता है कि मैं अब अपनी जिंदगी से बहुत परेशान हो चुकी हूं।

जब उसने यह बात कही तो मैंने उसके होठों को अपने होठों में लेते हुए किस कर लिया। मैने उसे कहा कि तुम ऐसा क्यों सोचती हो मैं तुम्हारे साथ हमेशा ही खड़ा हूं। मैंने उसके होठों को किस किया तो उसके अंदर की उत्तेजना भी जागने लगी और मैंने भी उसकी बड़ी बड़ी गांड को दबाना शुरु कर दिया। मैं बड़ी तेजी से उसकी गांड को दबाए जा रहा था। मुझे बहुत ही मजा आता जब मैं उसकी गांड को दबाता जाता। अब वह मुझसे कहने लगी कि तुम नहीं समझ पाओगे मेरे अंदर की भावनाओं को। मैंने उसे वहीं टेबल पर लेटा दिया और उसके सारे कपड़े खोल दिए। वह अब भी रोने पर लगी हुई थी और मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में ले लिया। मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा अब उसे बहुत ही मज़ा आने लगा। मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए उसकी योनि में उंगली डाल दी। उसकी योनि अब भी बहुत टाइट थी और मैंने तुरंत ही उस पर अपनी जीभ लगा दी मैं उसे अच्छे से चाटने लगा। जैसे ही मैं उसकी योनि को चाट रहा था तो उससे कुछ ज्यादा पानी निकलने लगा। मैंने अपने मोटा और सख्त लंड को उसकी योनि में डाल दिया। जब मैंने उसकी योनि में अपने लंड को डाला तो उसकी उत्तेजना बहुत बढ़ गई और मैं उसे अब ऐसे ही धक्के दिए जा रहा था। मैंने उसे इतनी तेज गति से चोदना शुरू किया कि वह अपने मुंह से बड़ी तेज तेज आवाज में सिसकियां लेने लगी। वह अब रो नहीं रही थी क्योंकि उसे बहुत ही मज़ा आ रहा था। उसके स्तनों को जब मैंने अपने मुंह में लिया तो उनसे दूध निकल रहा था और वह बहुत ही बड़े-बड़े थे।

मुझे बड़ा ही मजा आता जब मै उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूस रहा था। ज्योती से भी नहीं रहा गया और उसने मेरे लंड को बाहर निकालते हुए अपने मुंह के अंदर समा लिया और उसे बहुत अच्छे से चूसने लगी। जब वह मेरे लंड को चूस रही थी तो मुझे भी बहुत आनंद आ रहा था। मैं भी उसके मुंह के अंदर अपने लंड को धक्का दिए जा रहा था। उसका शरीर पूरा गरम हो चुका था और मुझे भी बड़ा मजा आ रहा था मेरा वीर्य उसके मुंह के अंदर ही गिर गया। जैसे ही मेरा वीर्य उसके मुंह में गया तो उसने वह सब निगल लिया। अब उसने अपनी चूतड़ों को मेरे सामने करते हुए कहा कि तुम मेरी गांड में अपने लंड को डाल दो। मैंने भी जैसे ही उसकी गांड में अपने लंड को डाला मुझे बहुत ही मज़ा आने लगा। मैंने तो पहली बार किसी की गांड में अपने लंड को डाला था मुझे तो बहुत ही मजा आ रहा था। मैं अब उसे बड़ी तेज तेज धक्के देने लगा। वह बहुत तेजी से चिल्ला रही थी और कुछ देर बाद उसे भी अच्छा लगने लगा। वह भी अपनी गांड को मुझसे मिलाने लगी और चिल्लाने लगी। उसकी गांड से खून आने लगा तो वह कहने लगी कि मुझे अब मजा आया। मैं उसे ऐसे ही बड़ी तीव्रता से धक्के दिए जा रहा था मैंने उसे इतनी तेज तेज झटके दिए कि उसका शरीर पूरा का पूरा हिलने लगा। उसकी गांड से बहुत ज्यादा खून निकलने लगा लेकिन मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था। ज्योति को भी बहुत मजा आ रहा था जब मैं उसकी गांड मार रहा था। वह अपनी गांड को मुझसे सटाती तो उसकी चूतडे मुझसे टकरा जाती और उनसे एक अलग तरीके की आवाज निकलती। कुछ देर ऐसा करने के बाद मेरा वीर्य उसकी गांड के अंदर ही गिर गया और जब मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो उसकी गांड से टपक रहा था। उसने मुझे तुरंत ही गले लगा लिया और मुझे आई लव यू कह दिया।