नौकरानी की बेटी को चोदा


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नमस्कार दोस्तों मेरा नाम संजीव खुराना है और मैं गुजरात का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 26 साल है और मैं आज आप लोगो के सामने अपनी पहली खानी लेकर आया हूँ | ये मेरी कहानी सच्ची घटना पर आधारित है जो की मेरे साथ घटी है मुझे आशा है की ये आपको पसंद आयेगी | मैं आप लोगो को बात दूं की मेरा रंग गोरा और मैं दिखने में काफी हैण्डसम हूँ | मैंने जिम जाकर काफी अच्छी बॉडी भी बना रखी है मुझसे लड़कियां बहुत जल्दी इम्प्रेस हो जाती है | अब मैं आप सब को सीधे कहानी पर ले चलता हूँ |

मैं गुजरात में अपने मम्मी-पापा के साथ रहता हूँ और मेरी पापा सरकारी नौकरी करते है और मेरी माँ हाउसवाइफ है | आज जो कहानी मैं आप लोगो के लिए लेकर आया हूँ वो मेरी नौकरानी की बेटी की है | मैं आपको बता दूं की कुछ दिन पहले मेरी नौकरानी तबियत कुछ खराब थी जिसके कारण उसने अपनी बेटी को मेरे घर काम पर भेज दिया | उसका नाम आयशा था वो बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी थी | वो जब मेरे घर आई तो मैं तो उसको देखता ही रह गया | वो किसी तरह से नौकरानी तो लग ही नहीं रही थी | उसका फिगर 34-30-36 होगा | उसकी उम्र 23 साल होगी उसकी अभी शादी नहीं हुई थी | वो सलवार और कुरते में बहुत ही खुबसूरत लग रही थी | उसकी उठी हुई गांड देखकर मेरा लंड पैंट फाड़कर बाहर आने की कोसिस करने लगा  | मैं उसको खड़ा होकर देखने लगा वो पोछा लगा रही थी तो उसके बूब्स उसके कुरते से बाहर झाँक रहे थे | उसने मुझे खड़ा देखा तो और झुक कर मुझे अपने बूब्स के दर्शन कराने लगी | मैंने खुद को कंट्रोल किया और मैं जाकर बाथरूम में मुठ मारने लगा | उस दिन वो अपना काम निपटाकर चली गयी मैं पूरा दिन उसके बारे में सोंचता रहा और रात को फिर उसकी मस्त गांड को याद करके मुठ मारी | मैं उस दिन बस यही सोंचता रहा की आयशा की चुदाई कैसे की जाए | मेरे एक रिश्तेदार के यहाँ शादी थी मेरे मम्मी-पापा अगले दिन वहां जा रहे थे | उन्होंने मुझसे भी चलने को कहा मैंने सोंचा की आज अगर मैं उनके साथ नहीं जाता हूँ तो मेरी बात कुछ आयशा के साथ बन सकती है |

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मैंने उनसे बहाना बना कर कह दिया की मेरी कुछ तबियत ठीक नहीं है आप लोग चले जाईये | वो लोग सुबह जल्दी ही निकल गए और मैं घर पर अकेला था | मैं बहुत खुश था अमिने सोंचा की आज आयशा की चुदाई करके ही रहूँगा | मैं आयशा का इंतज़ार करने लगा | किसी ने दरवाजे की घंटी बजाई मैं खुसी से उचल पड़ा की आयशा आ गयी | मैंने जाकर दरवाजा खोला तो देखा की उसकी माँ आई हुई थी | मेरा मन बहुत ही निराश हुआ मैंने उसने पूछा की आंटी आप की तबियत ठीक हो गयी | उन्होंने कहा की हाँ अब कुछ पहले से बेहतर है और फिर वो अपना काम करने लगी | मैं अन्दर से झल्लाकर रह गया की आंटी आज और नहीं आती तो कितना अच्छा होता | मैं मन में सोच रहा था की मैं अगर शादी में चला गया होता तो ही सही था | फिर आंटी ने अपना काम किया और फिर वो चली गई | मैं दिन भर बहुत ही उदास रहा क्यूंकि मेरा बनाया प्लान फेल हो गया था | मैंने दरवाजे बंद किये और मैं सो गया | मैं दिन भर पद सोता रहा शाम के चार बज गए किसी ने मेरे घर की बेल बजाई मेरी नींद खुल गयी और मैंने सोंचा की आंटी फिर आ गयी होंगी |

मैंने उठकर दरवाजा खोला तो सामने आयशा खड़ी थी | मैं उसे देखकर बहुत खुश हुआ और वो मुझे देखकर हसने लगी क्यूंकि मैं सिर्फ अंडरवियर पहने हुआ था और मेरा लंड भी खड़ा था | मैंने नीचे देखा तो मुझे शरम आ गयी मैं जल्दी से अपने कमरे में गया और अपने कपडे पहन कर वापस आया | मैंने आयसा से पूछा की आंटी फिर नहीं आयी क्या बात है | उसने बताया की उनकी तबियत फिर खराब हो गयी और मुझे आना पड़ा | मैंने मन में सोंचा की बहुत अच्छा हुआ फिर क्या था वो अपना काम करने लगी वो झाड़ू लगा रही थी और मैं उसके मस्त चूतडो को देख रहा था मेरा लंड खड़ा होने लगा | फिर थोड़ी देर बाद वो रसोई में चली गयी और बर्तन धुलने लगी | मैं भी उसके पीछे रसोई में पहुँच गया और उसको पीछे से पकड़ लिया | वो मुझसे खुद को छुड़ाने लगी और बोली की आप ये क्या कर रहे हैं साहब ये ठीक नहीं है कोई आ जायेगा | मैंने उसको कसकर पकड़ रखा था मैंने उसे कहा की कोई नहीं आएगा और मैंने कहा  की आयशा तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो और मुझको तुमसे प्यार हो गया है | वो मुझसे कहने लगी नहीं साहब कहाँ आप और कहाँ मैं ये ठीक नहीं है | मैंने उससे कहा की तुम प्लीज मुझे साहब मत बोलो मुझे अच्छा नहीं लगता तुम मुझे संजीव बोल सकती हो | वो मुझसे छूटने की कोसिस करती रही पर मैंने अपनी पकड़ और मजबूत कर ली और उसकी गर्दन को चुमते हुए उसके होंठों पर किस करने लगा |

थोड़ी देर बाद उसने विरोध करना बंद कर दिया और वो भी मेरा साथ देने लगी थी | मैंने उसके कुरते में हाँथ डाल दिया और उसके बूब्स को मसलने लगा | वो गरम होने लगी थी फिर मैंने उसको अपनी बाँहों में उठा लिया और उसको अपने बेड रूम में ले गया और उसको बेड पर लिटा कर उसको किस करने लगा | फिर मैंने उसके कुरते को निकाल दिया उसने ब्लैक कलर की ब्रा पहन रखी थी | मैंने उसकी ब्रा भी निकाल दी और उसके बूब्स को आजाद कर दिया | क्या मस्त बूब्स थे उसके एकदम दूध की तरह सफ़ेद थे | मैं उसकी चूचियों को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगा | मैंने उसके निपल्स चूस कर लाल कर दिए थे | फिर मैंने उसकी सलवार का नाडा खोल दिया और उसकी सलवार निकाल कर उसकी चूत को पैंटी के ऊपर से ही सहलाने लगा | वो मदहोश होने लगी थी मैंने उसकी पैंटी निकाल दी उसकी गुलाबी चूत पर एक भी बाल नहीं था | मैंने उसकी चूत पर अपना मुहँ रखा और उसकी चूत को चाटने लगा | वो मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाने लगी और अपनी चूत को चटवाने लगी | मैंने उसकी चूत में अपनी जीभ डाल दी और घुमाने लगा वो मचल उठी उसने मुझसे कहा की मुझे बहुत ही मजा आ रहा है और चाटो इसे जोर से चाटो | मैं उसकी चूत को अपनी जीभ से चोदने लगा | उसके मुहँ सी बहुत ही मादक सिसकियाँ निकल रही थी | फिर उसने मुझको बेड पर लेटने को कहा फिर उसने मेरी शर्ट उतार दी और मेरे बदन को चूमने लगी मेरा पूरा बदन चूमते हुए उसने मेरी पैंट को खोल दिया और मेरी पैंट निकाल कर फेंक दिया | फिर उसने मेरी अंडरवियर को निकाल दिया और मेरे 8 इंच के लंड को देखकर वो बहुत खुश हुई |

उसने मुझसे कहा की तुम्हारा लंड तो बहुत ही मस्त है | वो कहने लगी की मैंने इतना मस्त लंड आज तक नहीं देखा | मैंने उससे पूछा की इससे पहले तुमने किसी के साथ सेक्स किया है | उसने बताया की उसका बहुत पहले अपने बॉयफ्रेंड के साथ सेक्स किया था | जो उसके पड़ोस में ही रहता था और अब उससे लड़ाई हो गयी है | फिर वो मेरे लंड को अपने मुहँ में डालकर चूसने लगी जैसे की वो लोलीपॉप चूस रही हो | मुझे बहुत मजा आ रहा था पहली बार कोई मेरा लंड चूस रहा था | उसने चूस कर मेरा लंड एक दम खड़ा कर दिया | मैंने उसको ऊपर किया और मैं नीचे लेट गया मैंने उससे अपने लंड पर बैठने को कहा | वो मेरे लंड को अपनी चूत में डाल कर बैठ गयी | मैं धीरे-धीरे नीचे से धक्के लगाने लगा वो भी अपनी कमर चलकर मुझसे चूत चूत चुदवाने लगी | मैंने धक्के लगाने जोर किये तो उसके मुहँ से अह्ह्ह ओह्ह्ह्ह इस्श्ह्हह जोर से चोदो आह्ह्ह और जोर से मारो मेरी चूत अह्ह्ह ओह्ह्ह मुझे बहुत मजा आ रहा है चोदो जो से फाड़ दो मेरी चूत आह्ह्ह ओह्ह्ह की मादक आवाजे निकल रही थी | मैंने उसकी मस्त चुदाई की फिर वो झड गयी | मेरा लंड अब भी नहीं झडा था फिर मैंने उससे कहा की मुझे तुम्हारी गांड मारनी है पहले तो कहने लगी की मैं गांड में नहीं लूंगी | पर मेरे बहुत कहने पर वो तैयार हो गयी मैंने उसको घोड़ी बनाया और उसकी गांड में लंड डाल दिया और वो चीख पड़ी उसकी गांड टाइट थी फिर मैंने उसकी कमर पकड़ी और उसकी गांड को चोदने लगा मैंने उसकी जमकर गांड मारी और फिर मैंने उसको बाथरूम में ले जाकर नहाते हुए उसके साथ सेक्स किया फिर वो अपने घर चली गयी | मैंने उसका नंबर ले लिया और मुझे जब भी चोदना होता था तो मैं उसको बुलाकर उसकी चुदाई करता था |