मुहंबोला भाई बहनचोद निकला भाग २


विशाल का लंड मुझे अच्छा लगा ,10 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा था .मेरी चूत भर जाने पर भी लंड बचा रहता
जब से मैंने विशाल का मस्ताना लंड देखा देखा सर्दी होने बावजूद मेरी चूत में वासना की आग भड़क रही थी ,मैं सोच रही थी की ,किसी न किसी तरकीब से विशाल का लंड लिया जाये ,मैंने विशाल से कहा मुझे ऐसा लग रहा है कि मुझे सर्दी होने वाली है .तुम्हारे कमरे में गैस भी नहीं है ,वर्ना चाय बन सकती थी .विशाल ने कहा मैं तो नीचे से किसी दुकान से चाय मंगवा लेता हूँ .अगर कोई दुकान खुली हो ,मरे पास तो सिर्फ एक बोतल ब्रांडी है .मुझे जब भी सर्दी हो जाती है ,मैं एक दो पैग ले लेता हूँ .मैं नौकर सुनील को फोन करता हूँ वह चाय का इंतजाम कर देगा ,अगत तुम चाहो तबतक तुम भी एक पैग ले सकती हो .मैं खुश होकर बोली अगर तुम खुद अपने हाथों से पिलाओगे ,तो मैं पी लूंगी .
मेरा काम हो गया .मेरी चूत लुप लुपहोने लगी .मैंने फ़ौरन एक कि जगह तिन पैग ले लिए और कहा मेरी सर्दी जल्दी जाने वाली नहीं है ,मुझे और गर्मी चाहिए .विशाल में मुझे अपने पास बिठाया और कहा लो तुम मुझ से सट कर बैठ जाओ ,शायद मेरे शारीर से तुम्हे कुछ गर्मी मिल जाए .बातें करते वक्त विशाल मेरे शारीर पर हाथ फेरने लगा .उसका लंड लुंगी में उछलने लगा था .और मेरी चूत से रस रिसने लगा था .विशाल ने मुहे अपने बिलकुल पास लिटा लिया .और अपनी टाँगें मेरी टांगों में फसा लीं .मेरी चूचियां एकदम कड़क हो गयीं .विशाल कि सांसें मेरी सांसों से मिल रही थीं .
तभी विशाल का नौकर सुनील अचानक कमरे में अगया ,हम दरवाजा बंद करना भूल हाय थे ,हमें ऐसी हालत में देखकर सुनील पहले तो चौंका और बोला यार मॉल तो मस्त लाये हो ,क्या अकेले ही मजा लेने का प्लान था .विशाल ने कहा यह मेरी मुंहबोली बहिन है .सुनील बोला इस से कोई फर्क नहीं होता .यह तेरी सगी बहिन तो नहीं है ,तुझ्र यह कहावत पता नहीं ?
“लंड न देखे दिन या रात,छूत ने देखे रिश्ता नात”यार जब लंड टायर हो ,छुट गर्म हो .तो सरे रश्ते नाते भूलकर चुदाई का मजा लेना चाहिए ,ऐसे में अगर मेरी सगी बहिन भी होती तो ,मैं उसे चोदे बिना नहीं छोड़ता .यार छूत का अपमान नहीं करना चाहिए .
सुनील में मुझ से कहा ,आप ही बताइए क्या मैंने कोई गलत बात कही है .?ब्रांडी के नशे में ,या चुदवाने की इच्छा में मैंने हाहा तुम सच कह रहे हो .कुदरत ने सर्फ मर्द और स्त्री ही बनाये हैं ,रिश्ते तो लोगों ने बनादिये हैं .
विशाल ने कहा इसला मतलब ,तुम चुवाने को राजी हो .सुनील भी बोल पड़ा मैंने यह ज्ञान दिया है ,मेरा भी कुछ हक़ बनता है .इस लड़की को एक साथ दो दो लंड का मजा मिलेगा .यह भी याद करेगी कि चुदाई क्या होती है .विसाल ने मुझ से पूछा कि क्या तुम तय्यार हो ?मैंने अपना सर हिला कर हाँ का इशारा कर दिया .सुनील फ़ौरन नंगा हो गया ,उसका लंड भी दस इंच से कम नहींथा ,और कड़क होकर ऊपर नीचे हो रहा था.मुझे लंड का गुलाबी गुलाबी सुपरा बहुत प्यारे लग रहे थे ,और उनको चूसने कि इच्छा नहीं रोक पा रही थी
तभी सुनील ने विशाल हे कहा आओ अज पिंकी को दो दो लंड का मजा इ दें ,यह भी याद करेगी .अगर यह ऐसा मजा ले लेगी तो हमें खुद चोदने के लिए रोज बुलाया करेगी .विशाल ने कहा पिंकी आओ ,तुम मेरे खड़े लंड पर इस तरह चढ़ जाओ ,जिस से लंड फक से चूत में समां जाए .तुम चुद चुकी हो ,तुम्हे दर्द नहीं होगा .जिस समय में विशाल का लंड लेने के लिए लंड पर सवार होने लगी तो मेरी गंद सुनील के सामने आगई .उसने फ़ौरन अपना लंड मेरी गंद में घुसा दिया .लंड गांड में रास्ता बनाते हुए अन्दर समां गया .मेरी चीख निकने ही वाली थी लेकिन मने उसे रोक लिया .मजा लेने के लिए दर्द सहना ही पड़ता है ,वर्ना मजा कैसे आयेगा .फिर दौनों के लंड अपना कम करने लगे ,मई स्वर्ग के मजे ले रही थी मेरी चूत से चिकना रस रिस रहा था ,लेकिन गांड लाल हो रही थी
उस दिन दो घंटे तक मैं दोनो छेदों में दो दो लंड के मजे ले रही थी .थोडा सी ब्रांडी पीकर यही कम दुहराया गया ,दोनो झड गए ,मैंने उनके लंड चाट चाट कर साफ कर दिया .और वादा किया कि जब भी मैं रिंग करूँ तो सब कम छोड़कर मेरी चूत कि सा सर्दी निकल दिया करो .
आज भी मैं चुप कर दोनो से लंड ले रही हूँ ,मेरी गांड इतनी पोली हो गयी है कि गांड मरवाने में कोई तकलीफ नहीं होती ,बल्कि मजा आता है
अगर आप चाहे तोआप भी मेरे साथ मजा ले सकते हैं आखिर छूट और गांड किस लिए होते है ?
जो लड़कियाँ दो दो लंड लेती हैं ,वह जवान बनी रहती हैं गांड मरवा कर देखो!