मेरा पूरा जीवन तुम हो


Kamukta, antarvasna मैं अपने ब्रेकअप से बहुत ज्यादा परेशान था और मैं किसी को भी इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहरा सकता था क्योंकि इसकी सारी जिम्मेदारी मेरी ही थी। मैंने निधि से प्यार किया था लेकिन वह मुझसे प्यार का नाटक कर रही थी मैंने जब उसे एक लड़के के साथ रंगे हाथों पकड़ा तो मुझे बहुत बुरा लगा लेकिन मेरे पास और कोई रास्ता नहीं था मैंने निधि को अपने जीवन से निकाल दिया। उसके और मेरे बीच में रिश्ते हम दोनों की रजामंदी से बने थे मैंने निधि को बहुत प्यार किया था लेकिन उसने मेरे साथ इतना बड़ा धोखा किया। मैं कभी सोच नहीं सकता था हम दोनों के जीवन में सब कुछ बहुत अच्छे से चल रहा था और हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार भी करते थे मुझे लगता था कि निधि से ज्यादा मुझे कोई भी नहीं समझता है। पहली बार जब मैं निधि को अपने दोस्त के घर पर मिला था तो उसी समय मेरी उससे बात हुई थी और मुझे वह बहुत अच्छी लगी।

उसकी बातों से मुझे ऐसा लगा जैसे वह हम बहुत समझदार है और मैं उससे प्यार कर बैठा धीरे धीरे हम दोनों का मिलना होता गया और हम दोनों एक-दूसरे को मिलते रहे। करीब 6 महीने बाद मैंने निधि को अपने दिल की बात कही थी मैंने जब उसे अपने दिल की बात कही तो वह भी मुझे मना ना कर सकी और हम दोनों का रिश्ता हो गया हम दोनों एक दूसरे के साथ रिलेशन में थे। हम दोनों का रिलेशन बहुत अच्छे से चल रहा था और सब कुछ बहुत बढ़िया था लेकिन ना जाने निधि को ऐसा क्या हुआ कि उसने मेरा साथ छोड़ दिया और किसी और लड़के के साथ वह चली गई। मैंने जब उसे उस लड़के के साथ रंगे हाथों पकड़ा तो मैंने उससे पूछा आखिर मेरे प्यार में क्या कमी रह गई थी उसने मुझे कुछ नहीं कहा वह कहने लगी मैं तुम्हारे साथ खुश नहीं थी। मैंने निधि से कहा क्या तुम यह मुझे पहले नहीं बता सकते थे कि तुम मेरे साथ खुश नहीं हो वह कहने लगी मैं तुम्हारे साथ अपने रिलेशन को खुलकर नहीं जी पा रही थी और  ना ही तुम मेरा ध्यान रखते थे। मुझे इस बात का बहुत बुरा लगा जब उसने मुझे उस लड़के के सामने यह सब कहा मैं समझ ही नहीं पाया कि आखिर मेरे साथ निधि ने ऐसा क्यों किया लेकिन मेरे पास भी इस बात का कोई जवाब नहीं था।

मैंने अपने परिवार के सभी सदस्यों से भी निधि को मिलवाया था वह लोग निधि को अच्छी तरीके से जानते थे, मैंने किसी को भी यह बात नहीं बताई कि मेरा निधि के साथ ब्रेकअप हो चुका है और मैं अब अकेले अपना जीवन जी रहा हूं। मैं अंदर ही अंदर घुटने लगा था मैं बहुत तकलीफ में था मुझे कुछ समझ नहीं आता कि मुझे क्या करना चाहिए मैं अपनी नौकरी भी नहीं छोड़ सकता था लेकिन मैं अपने काम पर भी ध्यान नहीं दे पा रहा था मुझे कुछ समझ नही आ रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए मैं बस अपनी जिंदगी को ऐसे ही जी रहा था। धीरे-धीरे मेरे दिल से निधि की यादें कम होती जा रही थी लेकिन उसकी जगह शायद कोई नहीं ले पाता क्योंकि मैंने उसे दिलो जान से प्यार किया था और उसने उसके बदले मुझे बहुत बड़ा धोखा दिया परंतु फिर भी मैंने हार नहीं मानी और मैं अपना जीवन आगे बढ़ाता रहा। जब आप मुसीबत में होते हो तो आपके साथ कोई ना कोई अच्छी घटना जरूर होती है, मैं एक दिन अपने घर से बाहर निकला मैं अपनी बाइक से जा रहा था मेरा ध्यान ना जाने कहां था तभी आगे से एक लड़की स्कूटी में आ रही थी और वह रॉन्ग साइड जा रही थी और उससे मेरी टक्कर से हो गई। जब मेरी टक्कर उससे हुई तो मैं भी गिर पड़ा और वह भी गिर गई जैसे ही हम दोनों गिरे तो वह मेरी तरफ आए और मुझे कहने लगी क्या तुम्हें दिखाई नहीं देता। मैंने उसे कहा देखिए मैडम आप ही गलत साइड से आ रही थी और इसमें आप की ही गलती है तो वह कहने लगी मुझे मालूम है कि मेरी गलती है लेकिन आप फिर भी देख तो सकते थे कि आगे से कोई आ रहा है। मैंने उसे कहा अब आप रहने दीजिए मुझे ऑफिस के लिए लेट हो रही है लेकिन वह तो मेरे पीछे ही पड़ गई और कहने लगी तुम्हें मेरी गाड़ी को ठीक करवाना होगा। मेरे कुछ समझ में नहीं आ रहा था मैंने सोचा आज क्या मुसीबत आन पड़ी है लेकिन मैंने उसे जैसे-तैसे मना लिया और मैं वहां से चला गया जब मैं वहां से निकला तो मैं ऑफिस पहुंचा ऑफिस पहुंचने में मुझे देरी हो चुकी थी। जब मैं अपने ऑफिस पहुंचा तो मेरे बॉस ने मुझे बहुत डांटा और कहा ना तो तुम अच्छे से काम कर रहे हो ना ही तुम्हारा ध्यान ऑफिस पर है।

मैंने उन्हें कहा सर मेरा एक्सीडेंट हो गया था लेकिन वह मेरी बातों पर यकीन नहीं कर रहे थे वह कहने लगे तुम हमेशा ही ऐसे बहाने बनाते रहते हो। उन्हें मेरी बातों पर बिल्कुल भी यकीन नहीं था और जब वह लड़की मुझे शाम को मिली तो मैंने उसे कहा तुम्हारी वजह से आज मुझे ऑफिस में डांट पड़ी वह मेरी तरफ देख कर मुस्कुराने लगी मुझे नहीं मालूम था कि वह शाम के वक्त मुझे मिलेगी। जब शाम के वक्त हम दोनों की मुलाकात हुई तो मुझे बड़ा ही अजीब लग रहा था लेकिन उसके मुस्कान के आगे जैसे मैं अपने सारे गम भूल गया। उसने मुझे कहा सुबह मेरी भी गलती थी लेकिन जब मैं गिरी तो मुझे आप पर गुस्सा आ गया उसने मुझसे हाथ मिलाते हुए कहा मेरा नाम सपना है मैं सपना से मिलकर खुश था और उसे मिलना मेरे लिए निधि की यादों को भुलाने के लिए बहुत अच्छा था। मैं जब सपना से मिला तो मैंने उसे अपनी सारी बात बताई उसे मेरी बात सुनकर बहुत बुरा लगा और वह कहने लगी निधि ने तुम्हारे साथ बहुत गलत किया लेकिन मुझे सपना से प्यार हो चुका था और सपना भी मुझे अपना दिल दे बैठी थी वह मुझसे बहुत प्यार करने लगी थी और मुझे समझने लगी थी।

मुझे जब भी कोई जरूरत होती तो वह मेरे साथ खड़ी होती और हमेशा मेरा साथ देती थी मैं बहुत खुश था कि मेरे जीवन में सपना ने निधि की जगह ले ली है और वह मेरा बहुत ध्यान रखती है। अब सब कुछ पहले जैसा सामान्य हो गया था और मेरे जीवन में अब सपना आ चुकी थी उसने निधि की यादों को मेरे दिल से निकाल दिया था। हम दोनों साथ में समय गुजारा करते मैंने सपना से पहले ही यह बात कह दी थी कि मैं अब बिल्कुल भी किसी की बेवफाई को बर्दाश्त नहीं करूंगा और ना ही मैं तुमसे उम्मीद रखता हूं। सपना ने मुझे पूरा भरोसा दिलाया और कहा कि मैं कभी आपका दिल नहीं तोड़ूंगी और ना ही कभी आपको तकलीफ होने दूंगी। मुझे नहीं मालूम था कि एक गलती से हम दोनों के बीच प्यार हो जाएगा यदि मेरी टक्कर सपना से नहीं होती तो शायद आज मैं उसे नहीं पहचानता और ना ही वह मुझे पहचानती लेकिन अब सब कुछ सामान्य होने लगा था और मैं बहुत ज्यादा खुश था क्योंकि इतने समय तक मैं अकेले ही अंदर ही अंदर घुट के जी रहा था। अब हम दोनों साथ में समय बिताते तो हम दोनों को बहुत अच्छा लगता मैं सपना के साथ मूवी देखने चले जाया करता था और जितना होता मैं खुश रहने की कोशिश किया करता सब कुछ बहुत अच्छे से चल रहा था सपना और मेरा प्यार दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा था। मैं सपना का बहुत ज्यादा साथ दिया करता था क्योंकि उसकी वजह से ही मेरे जीवन मे पहले जैसी बाहर आ चुकी थी और उसने निधि की कमी को भी पूरा किया था। सपना के बारे में मेरे दिमाग में कभी भी कोई गंदा ख्याल नहीं आया लेकिन एक दिन जब हम दोनों बाइक से जा रहे थे उस दिन रास्ते में बहुत तेज बारिश हो गई हम दोनों पूरी तरीके से भीग चुके थे।

सपना ने जो सूट पहना हुआ था उससे उसके स्तन दिखाई देने लगे उसके स्तनों के ऊभार  मुझे साफ दिखाई दे रहे थे इसलिए मैं उन्हें अपने हाथों से दबाने के लिए बेताब हो गया और मैंने मौका नहीं गवाया। मैंने सपना से कहा क्या हम लोग आज कहीं चले वह मुझे कहने लगी लेकिन मुझे तो घर जाना है मैंने सपना से कहा मुझे तुम्हे देख कर अंदर से एक अलग ही फीलिंग आ रही है इसलिए मुझे तुम्हारे साथ समय बिताना है। सपना ने मेरी बात मान ली और वह मेरे साथ आ गई जब वह मेरे साथ मेरे घर पर आई तो उसने मेरी मम्मी के साथ कुछ समय बिताया। जब वह मेरे साथ रूम में आ गई तो मैंने जैसे ही सपना के होठों को किस किया तो मुझे बड़ा अच्छा लगता है मैं उसके होंठों को बहुत देर तक अपने होंठों में लेकर किस करता रहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा था, सपना को भी बहुत मजा आ रहा था। यह पहला मौका था जब मैंने सपना के स्तनों को अपने हाथों से दबाया था मैंने जब सपना के कपड़े उतारे तो उसे भी अच्छा लगने लगा और वह मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर मुझे कहने लगी तुम्हारा लंड बहुत गरम है।

मैंने उसे कहा मुझे भी बहुत गर्मी हो रही है, हम दोनों एक दूसरे के आगोस मे आ चुके थे मैंने अपने लंड को उसकी योनि के अंदर डाल दिया जैसे ही मेरा लंड सपना की योनि में प्रवेश हुआ तो उसे बहुत ज्यादा दर्द होने लगा और वह अपने पैरों को खोल कर मुझे कहने लगी मुझे बहुत तकलीफ हो रही है। मैंने उसे तेजी से धक्के देने शुरू किए और उसकी चूत से मैंने खून निकाल कर रख दिया मुझे उसे चोदने में बहुत मजा आ रहा था। मैं उसे बहुत देर तक चोदता रहा मैंने उसके स्तनों से भी खून निकाल दिया था मुझे बहुत मजा आ रहा था। हम दोनों के अंदर की गर्मी बढ़ चुकी थी मेरा वीर्य पतन सपना की योनि में हो गया, जब मेरा वीर्य पतन सपना की योनि में हुआ तो उसे बहुत अच्छा लगा और वह मुझसे लिपट गई मैंने उसे कहा सपना आई लव यू। सपना ने कहा आज से मैं तुम्हारी हो चुके हैं अब हमें कोई भी अलग नहीं कर सकता हम दोनों बहुत खुश थे। मुझे इस बात की खुशी थी कि सपना मेरी हो चुकी है और मै सपना के प्यार में पागल हो चुका हूं वह मेरे लिए सब कुछ है।


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