मामी आई मस्त मस्त चूत लेकर


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दोस्तों मेरा नाम आशीष है और मेरी एक परचून की दुकान है। जो की बहुत ही अच्छी चलती है। यहां पर कॉलोनी में जितने भी लोग रहते हैं। वह सब मेरे कस्टमर हैं तो उन्हें हर चीज समय पर मिल जाती है। तो वह हमशा ग्राहक बने रहते हैं। इस वजह से मैं कभी निराश नहीं करता और जैसे ही वह मेरी दुकान में फोन करते हैं। तो मैं उन्हें तुरंत ही सामान भिजवा देता हूं। जिस वजह से वह लोग काफी खुश भी रहते हैं कि मैं सामान को समय पर पहुंचा देता हूं। उनकी जरूरत की चीजे उन्हें समय पर मिल जाती हैं तो उन्हें काफी अच्छा लगता है। जब भी वह मेरी दुकान में आते हैं तो काफी हंस कर बात कर चले जाते हैं। मेरा हालचाल पूछते रहते हैं तुम क्या कर रहे हो कैसे हो मुझे भी सारे कॉलोनी की जानकारी रहती है कौन क्या कर रहा है।

एक हिसाब से मैं कॉलोनी का खबरी भी हू। मेरे पास वहां पर किसी को किराए पर कमरा चाहिए होता था। तो वह हमारे पास ही आता था। हर जानकारी के लिए तो मैं उन लोगों से भी कमीशन लिया करता था। जिससे मेरा यह काम भी था क्योंकि वहां पर सब लोग मुझ से परिचित थे। तो इसलिए वह मुझे कह देते थे कि हमारे घर पर रूम सेट खाली हैं। किसी को चाहिए हो तो तुम बता देना। मैं उनसे कहता था कि मुझे उसके बदले कमीशन चाहिए। तो वह कहते चल ठीक है तुम अपना कमीशन ले लेना और हमारा घर किराया पर चढ़ा देना। तो ऐसा ही ना जाने कितने लोगों को मैंने वहां पर घर दिलवाएं और अभी भी दिलवा ही रहा हूं।

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जिससे कि मेरे द्वारा उन्हें घर मिल जाता था और दूसरा मेरी दुकान से वह सामान भी ले जाते थे। तो मेरा उन लोगों से भी बहुत अच्छा संबंध रहता था। इस वजह से मेरी दुकान बहुत अच्छे से चल रही थी। मैं काफी खुश था अपने कारोबार से मुझे कभी कोई समस्या ऐसी नहीं हुई ।

एक बार मेरे पास एक भाभी आई हो मुझे कहने लगी क्या यहां पर कोई घर अवेलेबल हो सकता है। मैंने उन्हें कहा कि आपको किसने बताया तो उन्होंने कहा कि मुझे यहां की सिक्योरिटी गार्ड ने बताया था। आपके पास ही सब लोगों के नंबर होते हैं। तो आप मुझे घर दिलवा दीजिए। मैंने उनसे पूछा आपका नाम क्या है। उन्होंने मुझे कहा मेरा नाम कोमल है। मैंने उनसे पूछा आपके पति क्या करते हैं। तो उन्होंने मुझे बताया कि वह एक कंपनी में नौकरी करती हैं और अधिकतर बाहर ही रहते हैं। तो मैं यह सुनकर काफी खुश हो गया। जब मैंने उन्हें देखा तो बहुत बड़ी ही सेक्सी और अच्छी लग रही थी। उनके बड़े बड़े स्तन बाहर की तरफ दिखाई दे रहे थे। वह देखने में काफी अच्छे लग रहे थे। मैंने कहा ठीक है मैं आपको घर दिलवा देता हूं। अब मैंने उन्हें घर दिखाया तो उन्होंने एक फाइनल कर लिया और उसके बाद वह एक हफ्ते बाद वहां रहने के लिए आ गए।

अब जब वो रहने के लिए आए तो वह मेरी दुकान से ही सामान लेकर जाया करती थी। जब भी वह मेरी दुकान से सामान ले जाती तो मैं उन्हें देखकर मुस्कुरा देता और कहता कि आज आप काफी अच्छी लग रही हैं। कुछ दिनों बाद उनके पति भी मेरी दुकान से सामान ले जाने लगे और उनसे भी मेरा अच्छा परिचय हो गया। वह कभी कभी मुझसे कंडोम भी लेकर जाया करते थे। जिस दिन कोमल भाभी आती तो उस दिन में उन्हें कहता आज कौनसा फ्लेवर लिया था। तो पहले तो वह समझ नहीं पाई लेकिन बाद में उन्हें समझ आ गया और वह कहने लगी की बनाना फ्लेवर लिया।

ऐसे करते-करते मैं उनसे काफी मस्तियां किया करता था और हमारी बातें काफी होने लगी थी। अब वह मेरी दुकान से ही ज्यादा सामान लेकर जाया करती थी। मुझे उनका पता रहता तो  उनके पति किस समय ऑफिस से आते हैं और किस समय ऑफिस जाते हैं। एक दिन भाभी ने फोन कर कर घर पर ही सामान मंगवा लिया।

उस दिन मेरी दुकान में लड़के नहीं थे तो मुझे ही सामान लेकर जाना पड़ा। मैं उनके घर पर सामान लेकर चला गया। उनके घर पर सामान लेकर गया तो मैंने उनके घर की बेल बजाई और उन्होंने दरवाजा खोला। जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला तो मैं मैंने देखा कि वह मैक्सी में खड़ी थी। उन्होंने मुझसे सामान पकड़ा और उन्होंने कहा पानी पीकर जाना तो मैं वहीं पर रुक गया। वह पानी लेने चली गई। जब वह सामान को पकड़ रही थी। उनके स्तन मेरे हाथ से टकरा रहे थे। जिससे कि वह समझ गई थी कि मैं जानबूझकर ऐसा कर रहा हूं। वह मेरे लिए पानी लेकर आई और मेरे पास आकर बैठ गई। वह कहने लगी कि तुम मुझे देखते रहते हो और कहते रहते हो कि आज कौन सा फ्लेवर लिया। कोमल भाभी कहने  लगी कि तुम मुझे आज कौन सा वाला फ्लेवर दोगे तो मैंने उन्हें कहा मैं तो कुछ भी नहीं लेकर आया हूं। मेरे पास तो अपना वाला ही है कोमल भाभी ने कहा तो ठीक है। मुझे वह भी चल जाएगा। यह कहते कहते वह मेरे पास आकर बैठ गई और उन्होंने मेरे लंड को दबा दिया जैसे ही उन्होंने मेरे लंड को दबाया तो मैं बड़ी तेजी से उछला और उनकी तरफ देखने लगा। वह कहने लगी क्या हुआ तुम डर गए क्या मैंने कहा डरने की बात नहीं है।

आपके पति आ जाएंगे उन्होंने कहा कि वह कहीं बाहर गए हैं आज नहीं आएंगे। आज तो मैं तुम्हारा ही लेकर रहूंगी। मैंने उन्हें कहा ठीक है। उन्होंने जैसे ही अपने हाथों को मेरे कमर पर रखा तो मैंने उनकी कमर को पकड़ लिया कसकर और उन्हें गले लगा लिया। मैंने बड़े ही तेजी से उनके होठों से अपने होठों को मिलाना शुरू कर दिया। मैं जैसे ही ऐसा करता तो उन्होंने मेरे होठों को भी काट लिया था। मेरे होठों से खून निकलने लगा था। मैं यह समझ गया था कि यह बड़ी टेढ़ी चीज है। मैंने उनकी मैक्सी को ऊपर करते हुए उनकी टांगों को देखा। उनकी टांगे बड़ी ही गोरी और मुलायम थी। मुझे उनकी टांगे काफी अच्छी लग रही थी। मैंने उनकी टांगों को भी चाटना शुरु किया और उनके टांगों पर अपने होठों से चाटने लगा। जिसे उन्हें काफी अच्छा लगता था चाटते चाटते मैं उनकी मैक्सी के अंदर घुस गया और उनकी योनि को चाटने लगा। वह काफी मदहोश हो गई थी। मुझे कहने लगी अपना लंड मेरी योनि में डाल दो। मैंने उनके मैक्सी को ऊपर उठाया और अपना लंड उनकी योनि में डाल दिया। जैसे ही मैंने लंड अंदर डाला तो उनके मुंह से बहुत तेज आवाज निकल गई और वह कहने लगी तुम्हारे तो बहुत ही मोटा है। मैंने भी उनसे कहा कि बिना फ्लेवर वाला है इसलिए तो इतना मोटा है। अगर इसमे  फ्लेवर होता तो आपको अच्छा नहीं लगता। ऐसा कहते कहते हैं मैं उन्हें तेज तेज झटके मारने लगा। जैसे जैसे में धक्का मारता जाता और वह चिल्लाती। मैंने उनकी स्तनों को भी अपने हाथ से दबाना शुरु किया और उन्हें अपने मुंह से पीने लगा। उनके स्तनों को चूसा करता उनका  दूध निकल जाता और थोड़ी ही देर में मेरा माल निकल गया और मैंने अपना सारा वीर्य उनके योनि में डाल दिया। उन्होंने अपने योनि को एक कपड़े से साफ किया और वह बाथरूम में चली गई।

जैसे ही वह बाथरुम से बाहर आई तो मैंने उन्हें दबोच लिया और उनकी मैक्सी को ऊपर करते हुए अपने लंड को दोबारा से उनकी योनि में डाल दिया। इस बार तो मैंने उन्हें बहुत अच्छे से चोदा। जिससे कि वह काफी खुश हो गई और कहने लगी तुमने आज बहुत अच्छे से किया है मेरे साथ मुझे बहुत अच्छा लगा।

जब भी वह फोन करती मैं भी उनके परचून का सामान उनके घर तक पहुंचाने चले जाता। वह ऐसे ही मुझे हमेशा पूछती कि आज कौन से फ्लेवर लाए हो। मैं हर बार की तरह कहता कि आज कोई भी फ्लेवर मेरे पास नहीं है। मैं बिना फ्लेवर के आया हूं और ऐसे ही मैं उन्हें चोदता रहा जब तक वह वहां पर रही।

उसके बाद वह लोग वहां से कहीं और चले गए लेकिन मैं उन्हें फोन कर कर कभी कबार उनके घर चला जाता था। उनसे मिलने के लिए तो वह कहती थी कि तुम अब काम आते हो।

मैंने कहा अपना काम भी तो देखना है। इस वजह से मैं नहीं आ पाता हूं। तो वह कहती कोई बात नहीं जब तुम्हें समय मिलता है। तो तुम आ जाया करो जब भी मैं उनके घर जाता हूं तो मैं बहुत ही अच्छे से उन्हें चोदता हूं।