मकान के उद्घाटन में किया गर्लफ्रेंड का उद्घाटन


जय बाबा लंडेशवर की | हैल्लो दोस्तों मेरा नाम है अश्विनी और मैं जोधपुर का रहने वाला हूँ | मैं अभी लॉ की पढाई कर रहा हूँ और बहुत जल्द मेरी वकील बनने की संभावना है | मैं जोधपुर के ही एक कॉलेज से लॉ कर रहा हूँ और मैंने अपने कॉलेज में एक लड़की फसा रखी है जिसका नाम है ईशानी | वो भी जोधपुर की ही रहने वाली है और बहुत रहीस घराने से है | उसके पापा का बहुत बड़ा कारोबार है प्रॉपर्टी, शोरूम और उसके पेट्रोल पंप भी है | चलिए अब मैं आपको कहानी थोड़ी विस्तार से बताता हूँ |

तो जैसा कि मैंने आपको बताया कि उसका बाप कितना रहीस है | मैं जब कॉलेज में था और वो मेरी जूनियर थी तो ऐसे ही एक दिन मेरी नज़र उस पर पड़ी | वो देखने में इतनी अच्छी नहीं थी मतलब बुरी भी नहीं थी लेकिन ठीक ठाक ही थी | हल्का सा भूरा रंग बड़ी बड़ी आँखें दूध ज्यादा बड़े नहीं थे लेकिन गांड मस्त गोल गोल थी | मैंने जब उसको पहली बार देखा था तो मैंने उसपे ज्यादा ध्यान नहीं दिया था लेकिन एक दिन जब वो ऑडी कार से कॉलेज आई उफ्फ्फ्फ़ मैंने तो उसी दिन अपना मन बना लिया था कि इसको तो पटा के रहूँगा | फिर मैंने उसको जैसे तैसे पटा लिया | भोसड़ी वाली दिखने में तो ठीक ही है लेकिन नखरे मादरचोद सेलेना गोमेज़ वाले चोदती है | मैंने भी उसके सारे नखरे उठाता गया क्योंकि मुझे तो सिर्फ पैसा ही दिख रहा था |

लेकिन ऐसा नहीं है वो मुझपे खर्च नहीं करती थी वो मुझपे बराबर खर्च करती थी और हर एक दो हफ्ते में मुझे शौपिंग ले जाती थी | हमेशा खर्चा वोही करती थी और मुझे जेब में हाँथ डालने की ज़रूरत भी नहीं पड़ती थी | मेरी अच्छी कट रही थी और हमारा घूमना फिरना भी चलता रहता था | एक बार हम दोनों एक लॉन्ग ड्राइव पर घुमने गए और कार में हाँथ पकड़ कर बैठे थे | तभी उसने कहा आशु मुझे किस करो ना जान | तो मैं अपना सिर उसके पास ले गया और उसको किस करने लगा | मैं उसको किस कर रहा था तभी उसने मेरा हाँथ पकड़ा और अपने दूध पर रखवा लिया | फिर मैं उसके दूध दबाने लगा लेकिन उसके दूध ज्यादा बड़े नहीं थे इसलिए उसके दूध दबाने में मुझे मज़ा नहीं आ रहा था |

फिर मैं किस करते करते रुक गया और हम दोनों बात करने लगे | मैंने उससे कहा तुम्हारे दूध बड़े नहीं है इसको बड़े करो | तो उसने पूछा कैसे करूँ ? तो मैंने उसको दूध बड़े करने के तरीके बताये और उसने कहा ठीक है अब मैं तुम्हें अपने दूध बड़े करके दिखाउंगी | फिर हम दोनों रोज़ मिलते थे और घुमने जाते थे लेकिन ना तो कभी किस करते थे और नहीं ही कभी मैं उसके दूध दबाता था लेकिन उसके दूध बढ़ रहे थे और मुझे ये बहुत अच्छे से समझ में आ रहा था | इस बात को लगभग दो महीने हो चुके थे और एक दिन उसने मुझे मिलने बुलाया | मैंने जैसे ही उसको देखा उसके दूध अलग ही समझ में आ रहे थे कि बड़े हो चुके हैं लेकिन मैं कुछ बोल नहीं पाया | उसने मुझे एक कार्ड दिया और कहा तुम्हें आना ही पड़ेगा बहुत कुछ दिखाना है तो मैंने कार्ड देखा वो उसके नए घर के उद्घाटन का कार्ड था |

तो मुझे लगा ये घर दिखाने की बात कर रही है तो मैंने उससे कहा ठीक है आ जाऊंगा | उद्घाटन एक हफ्ते बाद था और उसके बीच में हमारी सिर्फ फ़ोन पर बातें हुई | उस दिन मेरे पास गाड़ी नहीं थी और जहाँ पर उसका घर था वो जगह भी दूर थी इसलिए मैं अपने दोस्त को भी अपने साथ ले गया | जैसे ही मैं उसके घर के सामने पंहुचा मेरा और मेरे दोस्त का मुंह फटा रह गया | ईशानी ने कहा था कि घर का उद्घाटन है लेकिन ये तो बंगला था और मेरे लिए तो वो किसी महल से कम नहीं था | मेरे दोस्त ने मुझसे कहा भाई तेरे ससुर ने कितने पैसे लगाए होंगे इस पर ? तो मैंने कहा मुझ क्या पता भोसड़ी के मेरे से मांगे थे क्या |

फिर मैंने पहले खाना खाने पे ध्यान दिया और प्लेट में खाना लेकर एक किनारे खड़े होकर खाना खा रहा था | तभी ईशानी पीछे से आई और कहा फ़ोन नहीं लगा सकते थे मैं आ गया हूँ तो मैंने कहा वो मुझे भूख लगी थी | तो उसने कहा अच्छा खाना कैसा है ? सच में दोस्त जितनी खाने की वैरायटी उसके यहाँ उद्घाटन में थी मैंने किसी की शादी में भी नहीं देखी थी | फिर मैंने खाना खाया और वो अपनी दोस्त और बहनों से मुझे मिलवाने लगी | उसकी दोस्त तो एक नंबर की लग रही रही थी मेरा मन कर रहा था कि उनको ही पटा लूँ | फिर वो मुझे अपने घर के अन्दर लेकर गई और घुमाने लगी |

जैसा की मैंने बताया था उसका घर काफी बड़ा था और उसका कमरा सेकंड फ्लोर पर था वो भी बिलकुल लास्ट में जहाँ किसी का आना जाना ज्यादा नहीं होता | वो मुझे अपने कमरे में लेकर गई और जैसे ही हम अन्दर गए उसने दरवाज़े की कुंडी लगा दी | मैंने कहा क्या बात है कुंडी क्यों लगा दी उसने कहा कुछ नहीं ऐसे ही | फिर हम दोनों जाके उसके बिस्तर पर बैठ गए | बिस्तर काफी बड़ा था तो मैंने पूछा इस्पे कितने लोग सोते हैं ? तो उसने कहा सिर्फ मैं | अब मैं खड़े होकर उसके कमरे में घुमने लगा और पूरा कमरे देखने लगा और फिर मैंने कहा ससुर जी ने काफी खर्चा किया है |

उसने मेरा हाँथ पकड़ा और मुझे अपने साथ बिस्तर पर बैठा लिया और कहा तुम वो सब छोडो बताओ मैं कैसी लग रही हूँ ? तो मैंने कहा जैसी हमेशा लगती हो सुन्दर | तो उसने कहा तुम्हें कुछ फर्क समझ में आ रहा है ? तो मैंने कहा हाँ तो उसने कहा क्या बताओ ? तो मैंने कहा तुम्हारे बड़े हो गए हैं | उसने फ़ौरन अपने ब्लाउज के हुक खोले और ब्रा उसने पहनी नहीं थी इसलिए उसके दूध एकदम से मेरे सामने आ गए | उसके दूध मस्त बड़े हो चुके थे और तने हुए भी | मैंने उसके दूध पे अपना हाँथ रखा और दबाने लगा | अब उसके दूध दबाने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और उसके दूध अब मेरे पुरे हाँथ में भी नहीं आ रहे थे |

फिर मैंने उसके निप्पल पकड़कर खींचने शुरू कर दिए और वो मेरे लंड को पकड़ने लगी | मुझे अब डर लगने लगा कि अगर कोई आ गया तो मेरी गांड मर जाएगी लेकिन मैं सब कुछ भूल गया और काम में लग गया | फिर वो खड़ी हुई और साड़ी उतारने लगी तो मैंने उसको रोक दिया और कहा ऐसे ही कर लेंगे | तो वो रुक गयी और मेरी पेंट खोलकर मेरे लंड को हिलाने लगी | फिर उसने मेरा लंड चुसना शुरू कर दिया और थोड़ी तक बड़े मज़े से मेरा लंड चूसती रही | फिर मैंने उसको बिस्तर पर लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया |  मैंने उसके दूध चुसे और फिर उसके पेट को चूमते हुए उसकी साड़ी उठा दी | फिर मैंने उसकी पैंटी उतारी और देखा कि उसकी चूत तो बिलकुल चिकनी और क्लीन शेव है तो मैं समझ गया इसने मुझे चुदाई करने के लिए ही बुलाया है |

फिर मैंने उसकी चूत मलना शुरू किया और उसमें ऊँगली करने लगा | वो सिसकियाँ लेने आह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्हा अहहहाआअ ऊह्ह्ह्हह्ह एस्स्स्सस्स्स्स स्स्स्सस्स्स्स तो मैंने कहा अरे कोई सुन लेगा तो उसने कहा कोई नहीं सुनेगा | फिर मैंने उसकी चूत चाटना शुरू कर दिया और वो मेरा सिर पकड़ कर अपनी चूत में दबाने लगी | फिर मैं खड़ा हो गया और उसकी चूत में लंड घुसाने लगा और एक झटका मारा तो मेरा लंड अन्दर चला गया  तो मैंने उससे कहा तुम पहले भी करवा चुकी हो ना ? तो उसने बाजू वाली टेबल से डिलडो निकाला और कहा मैं ये इस्तेमाल करती हूँ | मुझे थोड़ी तसल्ली मिली और मैंने उसको चोदना शुरू कर दिया |

मैं जब उसको चोद रहा था उसके दूध आगे पीछे हो रहे थे और ये देखकर मुझे उसको चोदने में और ज्यादा मज़ा आ रहा था | फिर मैंने उससे कहा एक करवट लो और मैंने उसका एक पैर उठाया और उसकी चूत में लंड डाल के चोदने लगा | वो अह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह ऊह्ह्हह्ह्ह्ह ईह्ह्हह्ह्ह्ह एस्स्स्सस्स्स्स यस्स्स्स य्याआआआआअ आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह करे जा रही थी | हमें करीब 20 मिनिट तक चुदाई की और फिर मेरा निकलने लगा तो मैंने लंड बाहर निकाला और उसके दूध के ऊपर मुट्ठ गिरा दिया | फिर मेरे दोस्त का फ़ोन आया और उसने कहा भाई कहाँ है जल्दी आ | तो हम दोनों ने जल्दी से कपडे पहने और मैं चला गया | उसके बाद हम दोनों जहाँ भी जाते थे चुदाई ज़रूर करते थे और मैं ज्यादातर उसके दूध से ही खेलता रहता था | तो दोस्तों, ये थी मेरी कहानी | आप लोग अपनी राय देना मत भूलियेगा | मुझे इंतजार रहेगा |


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