मैं घर के नौकर से चुद गयी


servant sex हाय फ्रेंड्स कैसे हो आप सभी लोग ? मैं आशा करती हूँ की मेरे दोस्तों सब ठीक ही होंगे | दोस्तों मैं आज अपनी एक कहानी को आप लोगो तक पहुचाने जा रही हूँ | ये मेरी सच्ची कहानी है और मेरे जीवन की पहली घटना है | दोस्तों मैं सेक्सी कहानी की दीवानी हूँ और मैं काफी अरसे से सेक्सी कहानी पढ़ती आ रही हूँ | मैं अभी तक बहुत कहानी पढ़ चुकी हूँ | मैं जब सेक्सी कहानी पढ़ती हूँ तो उनमे पढ़ती हूँ की देवर से चुद गयी या और किसी से तो मैं सोचती थी की कैसे दुसरे लोगो से चुद जाती है | पर जब मेरे साथ ऐसा हुआ तो मुझे समझ में आ गया | दोस्तों मेरा नाम रानी है और मेरा रंग गोरा है | मेरा बदन भरा हुआ है जिसकी वजह से मैं बहुत सुन्दर लगती हूँ | मेरा फिगर सेक्सी है | मेरे बड़े बड़े बूब्स और मेरी बड़ी चौड़ी गांड है जिसको देखकर किसी की भी नियत ख़राब हो जाये | मैं जो कहानी आप लोगो के सामने प्रस्तुत करने जा रही हूँ ये मेरी पहली कहानी है | मैं आप सभी लोगो से उम्मीद करती हूँ की आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आयेगी और इस कहानी को पढने में आप लोगो के लंड का पानी तो निकल ही जायेगा | मैं अब आप सभी का ज्यादा टाइम न लेती हुई सीधे कहानी पर आती हूँ |
मेरी शादी हो चुकी है और मैं अपनी ससुराल में रहती हूँ | मेरी ससुराल में 5 लोग रहते हैं पर घर सब बहुत कम ही रहते हैं | वो सब काम की वजह से बाहर ही रहते हैं | मेरे पति बिजनेसमैन हैं जिसकी वजह से वो बिजनेस में बिजी रहते हैं और मेरे लिए टाइम कम ही निकाल पाते हैं | मेरे पति का नाम मनोहर ठाकुर है | उनका रंग गोरा है और वो दिखने में दुबले पतले हैं जिसकी वजह से उनका लंड भी कम मोटा और लम्बा है | मैं उनसे चुदाई का पूरा मज़ा नही ले पाती हूँ और न ही वो मुझे खुश कर पाते है | मैं कहानी को आगे बढ़ाने से पहले आप लोगो को बता देती हूँ की मेरे घर के काम के लिए एक नौकर रहता हैं | उसका नाम राहुल है और वो गाँव से आया है यहाँ काम करने के लिए | वो दिखने में अच्छा लगता है और उसकी बॉडी गठीली है | वो दिखने में हट्टा कट्टा है तो मैंने भी सोचा की इसे पटा लेती हूँ और मेरे पति तो घर पर रहते नही है तो इससे ही काम चला लिया करुँगी | उस दिन मैं ये सोच ही रही थी की शाम हो गयी और मैं खाना बनाने लगी | तब तक बाहर से मेरे ससुर जी आ गए तो उन्होंने मुझसे पानी माँगा | मैं जाके उनको पानी दिया फिर खाना बनाने लगी | मैंने कुछ ही देर में खाना बना कर तैयार कर दिया | उस दिन घर में 4 लोग ही थे मैं और मेरे ससुर जी और मेरी सासु माँ मेरा छोटा देवर | वो सब लोग खाना खाने के लिये बैठ गए और कुछ देर में खाना खाकर सब लोग उठ गए |
दोस्तों जब सब लोग खाना खाकर उठ जाते थे तो राहुल खाना खाने आता क्यूंकि वो खाना सबके खाने के बाद खाता था | उस दिन जब मैं उसे खाना खिला रही थी तो मैं उसे बहुत सेक्सी नजरो से देख रही थी | वो खाना खाते हुए मेरी तरफ तिरछी नरज़ से देख रहा था | मैं उस दिन तो उस देखती रही और कुछ नही बोली वो भी मुझे नज़ारे तिरछी करके देखता रहा | फिर वो खाना खाकर चला गया | फिर मैं खाना खाने के बाद लेट गयी और उसके बारे में सोचती हुई सो गयी | उसके दुसरे दिन जब मैं सुबह उठी और नहा कर फ्रेस हुई | मैं फ्रेस होने के बाद नाश्ते की तैयारी करने लगी | उस दिन मैं नाश्ता तैयार करने के बाद नाश्ता लगया और सब लोग नाश्ता करने के बाद अपने अपने काम से चले गए | उस दिन घर में मेरी सासु माँ ही रह गयी थी और वो तो हमेशा टीवी ही देखती रहती हैं | मैं उस दिन राहुल से कहा नाश्ता कर लो वो बोला रुको आता हूँ | वो हाथ मुंह धुल कर आ गया और हाथ मुंह धुलने के बाद नाश्ता करने के लिए बैठ गया | उस दिन मैं उसके साथ नाश्ता करने के लिए बैठ गयी और उससे बाते करती हुई नाश्ता करने लगी | मैं और राहुल बात करते हुए नाश्ता कर रहे थे | तब मैंने राहुल से कहा बहुत स्मार्ट लग रहो वो बोला आपसे ज्यादा तो नही |
मैं –तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है ?
राहुल – नही |
मैं – बनाना चाहते हो ?
राहुल – हाँ पर मुझ जैसे नौकर की कौन गर्लफ्रेंड बनना पसंद करेगी |
मैं मौका देखते हुए बोली की मैं बन जाउंगी तुम मेरी इच्छा पूरी करो | वो ये बात सुनकर कुर्सी से खड़ा हो गया और बोला नही मैं तुमसे बात भी करने में डरता हूँ अगर किसी ने मुझे तुम्हारे साथ वैसा कुछ करते देख लिया तो मुझे मार डालेंगे | मैंने उसे बहुत समझया पर वो नही माना | मेरी भरी जवानी के वो मज़े लेने से माना कर रहा था | दोस्तों मेरी जवानी उमंगे मार रही थी | मैं उससे चुदना चाहती थी और वो मुझे भाव नही दे रहा था | अब जब वो खाना खाने आता तो मैं कभी उसे अपने बूब्स देखा देती तो कभी अपने बूब्स उसके रगड देती | वो ये देख कर मेरी तरफ बड़ी सेक्सी नजरो से देखता और बैठ कर खाना खाने लगता | मैं उसके साथ ऐसे ही रोज किया करती थी और एक दिन जब मैं उसके साथ ये कर रही थी | उस दिन उसने मेरे बूब्स को पकड कर कसके दबा दिया | मैं मचल गयी और उसकी तरह देखने लगी | मैंने इधर उधर देखा की कोई है तो नही तो कोई नही था | तब मैंने अपनी होठो को उसकी होठो पर रख दी | वो मेरी होठो को चूसने लगा और मैं उसकी होठो को चूसने लगी | हम दोनों एक दुसरे की होठो को ऐसे ही कुछ देर तक चूसने के बाद | चुप चाप बैठ गए मैंने राहुल से कहा जिस दिन घर में कोई नही होगा उस दिन मैं तुम्हारे साथ सेक्स करुँगी | वो भी मान गया |

उसके कुछ दिन बाद की बात है जब मेरे घर पर कोई नही था | उस दिन मैंने उसे अपने बेडरूम में बुलाया | जब वो आ गया तो मैं बिना टाइम को बर्बाद करती हुई उसकी होठो पर अपनी होठो को रख दिया | वो मेरी होठो को मुंह में रख कर चूसने लगा | मैं उसकी होठो को चूसने लगी | वो मेरी होठो को चूस रहा था और मैं उसकी होठो को चूस रही थी | वो मेरी होठो को चूसने के साथ मेरे बूब्स को कपडे के ऊपर से दबा रहा था | जब वो मेरे बूब्स को दबा रहा था तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था | वो मेरे बूब्स को ऐसे ही कुछ देर तक कपडे के ऊपर से दबाता रहा | फिर उसने मेरे कपडे उतार दिए जिससे में उसके सामने ब्रा और पैंटी में आ गयी | मैं उस दिन पिंक कॉलर की ब्रा और पैंटी पहनी थी | उसने मेरी ब्रा खोल दी और मेरी गुलाबी चूत अभी पैंटी में केद थी | वो मेरी ब्रा को खोल कर मेरे एक दूध को मुंह में रख कर चूसने लगा | मैं उसके सर के बोलो को सहलाती हुई अपने बूब्स को चूसा रही थी | वो मेरे एक दूध के निप्पल क मुंह से पकड कर खीच – खीच कर चूस रहा था | वो मेरे एक दूध को मुंह में रख कर चूस रहा था और दुसरे वाले दूध को हाथ में पकड कर दबा रहा था | वो मेरे दोनों बूब्स को ऐसे ही 5 मिनट तक चूसता रहा |
फिर उसने अपने कपडे निकाल दिए | जब उसने अपने कपडे निकाले तो मैं उसके लंड को देखती रह गयी | उसका लंड कभी बड़ा और मोटा था | मैं उसके लंड को हाथ में पकड कर हिलाती हुई घुटनों के बल बैठ गयी | मैं घुटनों क बल बैठ कर उसके लंड को मुंह में रख कर चूसने लगी | मैं उसके लंड को मुंह में रख कर ऐसे ही 4 -5 मिनट तक चूसती रही | वो अपने लंड को कुछ देर चूसाने के बाद मेरी पैंटी को निकाल कर मेरी चूत में अपने लंड को घुसा दिया | मेरे मुंह से एक जोरदार खीच निकल गयी | वो मेरी टांगो को उठा कर मेरी चूत में धक्के मारने लगा | वो मेरी चूत में कुछ ही देर में धक्को के स्पीड तेज करदी | मैं आ आ आ आ…. ऊ ऊ ऊ ऊ…. सी सी सी सी… ई ई ई ई…. की सिसकियाँ ले रही थी | वो मेरी चूत में जोरदार धक्को के साथ लंड को अन्दर बाहर करते हुए मुझे चोद रहा था | मैं ऊ ऊ ऊ ऊ…. माँ माँ माँ माँ… उई उई उई उई… हाँ हाँ हाँ हाँ… सी सी सी सी.. की सेक्सी आवाजे करती हुई चुद रही थी | वो मेरी टांगो को छोड़कर मेरे दोनों बूब्स को हाथ में पकड कर जोर जोर के धक्के मारते हुए मुझे चोद रहा था | मैं मस्त होकर चुदाई का मज़ा लेती हुई अपनी चूत को सहलाती हुई चुद रही थी | वो अपनी चूत में लंड को अन्दर बाहर करते हुए मुझे चोद रहा था | फिर उसने मेरी चूत से लंड को निकाल मेरी चूत के ऊपर झड़ गया | मैं अभी तक नही झड़ी थी तो मैंने उससे अपनी चूत में ऊँगली को डाल कर जोर जोर से अन्दर बाहर करने को कहा | वो मेरी चूत में ऊँगली को डाल कर जोर जोर से हिलाने लगा जिससे कुछ ही देर में मेरी चूत से गर्म पानी निकल गया | फिर उसने अपने कपड़े पहन लिए और मैंने अपने कपडे पहन लिए | मुझे उस दिन चुदाई में बहुत मज़ा आया था और मैं उस चुदाई के बाद जब मौका मिलता है तो मैं उससे अपनी चुदाई करती हूँ |
धन्यवाद्…………..

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