जीजा की विधवा बहन की प्यास बुझाई


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हेल्लो दोस्तों मेरा नाम रवी है और मैं गंगापुर नाम के एक छोटे से गाँव में रहता हूँ | मैं आप लोगो को बता दूं की मेरी उम्र 23 साल है | मैं देखने बहुत खूबसूरत तो नहीं पर ठीक-ठाक लगता हूँ | मैं खेतो में काम करता हूँ जिसके कारण मेरा शरीर अच्छा-खासा है और मेरी बॉडी मस्त है | ये मेरी पहली कहानी है मुझे आशा है की आप लोगो को पसंद आएगी | आज जो कहानी मैं आप लोगो के लिए लेकर आया हूँ वो मेरी जिन्दगी की सच्ची कहानी है | अब आप लोगो को मैं सीधे अपनी कहानी पर ले चलता हूँ |

एक दिन की बात है मैं अपनी दीदी के घर गया जो की पड़ोस के ही गाँव में है | मैं दीदी के घर पहुँचा तो मैंने दीदी का दरवाजा खटखटाया तो एक औरत ने आकर दरवाजा खोला | उसने सफ़ेद साडी पहन रखी थी क्यूंकि वो विधवा थी  | मैंने उसको देखा मुझे वो विधवा के वेश में बहुत ही खराब लग रही थी | मैं आपको बता दूं की बहुत ही खूबसूरत और जवान थी मैं तो उसको देखता ही रह गया | उसकी उम्र बहुत ज्यादा 25 साल होगी | उसका फिगर 34-30-36 था | उसने मुझसे पूछा की आप कौन मैंने अपना परिचय दिया और उसको अपनी दीदी का नाम बताकर कहा की मैं उनका भाई हूँ | उसने अन्दर आने को कहा और मुझे सोफे पे बैठने को कहा  | मैं दीदी की शादी के बाद पहली बार उनके घर में गया था | उसने दीदी को जाकर बताया की भाभी आपका भाई रवी आया हुआ है | दीदी तुरंत दौड़ती हुई अपने कमरे से आई मुझे देखकर वो बहुत खुश हुई | मैंने उनसे पूछा की ये कौन है तो उन्होंने मुझे बताया की ये मेरी ननद रीता है | मैंने उनसे पूछा की इन्होने ने विधवा के कपडे पहने है | उन्होंने बताया की उनकी शादी अभी दो साल पहले हुई थी | कुछ दिन पहले उनके पति का एक्सीडेंट हो गया और विधवा हो गयी | अब वो यहीं रहती है मुझे ये बात सुनकर बहुत दुःख हुआ |

मैं पूरे दिन उनके बारे में सोचता रहा की बेचारी भरी जवानी में ही विधवा हो गयी | फिर थोड़ी देर बाद मेरे जीजा जी आ गये | जीजा जी मुझे देखकर बहुत खुश हुए उन्होंने मुझसे कहा बहुत अच्छा किया रवी की तुम हमारे घर चले आये | फिर हम दोनों बैठ कर बातें करने लगे | उनकी बहन थोड़ी देर बाद हम दोनों के लिए चाय बनाकर लायी | मैं बस उसको देखे ही जा रहा था वो भी मुझे देख रही थी | मैं उसके बूब्स को देख रहा था जो की बहुत ही मस्त थे | उसने भी इस बात पर ध्यान दिया की मैं उसके बूब्स को देख रहा है | उसने जान बूझ कर मेरे सामने अपना पल्लू गिरा दिया मुझे उसके बूब्स और साफ दिखाई दे रहे थे | मैं समझ गया की तड़प उधर भी है फिर उसने मुझे एक प्यारी सी स्माइल दी और गांड मटकाती हुई चली गयी | मैं और मेरे जीजा जी बहुत देर बातें करते रहे फिर जीजा जी ने मुझसे कहा चलो रवी हम घुमने चलते है | फिर मैं जीजा जी के साथ उनके गाँव घूमने गया | हम दोनों जब घूम कर घर वापस आया तब तक रात हो चुकी थी | घर पहुँचते ही दीदी ने कहा की हाँथ पाँव धो लो खाना तैयार है | जैसा की आप सभी लोग जानते ही होंगे की गाँव में सब लोग खाना जल्दी खा लेते है | हम दोनों ने हाँथ पाँव धुले और खाना खाने के लिए बैठ गए | रीता हम दोनों को खाना परोसने आई क्यूंकि दीदी खाना बना रही थी | वो जब हम दोनों को खाना परोस रही थी तो मैं उसके बूब्स को ही घूरे जा रहा था | और वो भी मुझे झुक कर अपने बूब्स के पूरे दर्शन करा रही थी | मैंने और जीजा जी ने खाना खाया फिर दीदी ने मुझसे कहा की रवी तुम नीचे लेटोगे की छत पर लेटोगे |

गर्मी बहुत थी और लाइट बार-बार आ जा रही थी तो मैंने दीदी से कहा की मेरा बिस्तर छत पर ही लगा दो | दीदी ने मेरा बिस्तर छत पर ही लगा दिया | मैं लेट ही था की थोड़ी देर बाद रीता भी छत पर आ गयी | मैंने कहा क्या हुआ आप छत पर ही सोयेंगी | उसने कहा की नीचे लाइट आ-जा रही है जिसके कारण मुझे गर्मी लग रही है | फिर उसने मेरे पड़ोस में ही अपना बिस्तर लगा दिया और लेट गयी | अब हम दोनों आपस में बातें करने लगे फिर उसने मुझसे कहा की आप की शादी हो गयी | मैंने उसे बताया की मैं अभी तक कुंवारा हूँ | फिर हम दोनो आपस मैं बातें करने लगे मैंने रीता से पूछा की आप अपने ससुराल को छोड़कर क्यूँ चली आई | वो बताने लगी की उसकी सास-ससुर उसे बहुत ही परेशान करते थे | वो मुझे ताने मारते थे की मैं अपने पति को खा गयी | वो कहने लगी की मेरे पति मुझे इतना प्यार करते थे और जब वो ही नहीं रहे उस ससुराल में तो मैं वहां रहकर क्या करू मुझे वहां बिलकुल अच्छा नहीं लगता | इतना कहकर वो फूट-फूट कर रोने लगी | मैंने उसको चुप कराने की कोशिस करने लगा | मैंने उसके आंसू पोछे और उसको शांत कराने की कोसिस करने लगा | गलती से मेरे हाँथ उसके बूब्स में छू गया पर उसने कुछ नहीं कहा | मैंने उसको बहुत समझाया और फिर उसको शांत कराया | उसको चुप कराते समय हम दोनों बहुत नजदीक आ चुके थे | उसकी गरम साँसे मुझे बहुत ही कामुक कर रही थी | मैंने उससे कहा की आपको बहुत परेशानी होती होगी आप भरी जवानी में विधवा हो गयी है | वो मेरी बात समझ रही थी वो मेरे और करीब आ गयी उसने कहा रवी तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो | मैंने भी उससे कहा की आप भी मुझे बहुत पसंद है | फिर उसने अपना हाँथ मेरे लंड पर रख दिया और मेरे लंड को पैंट के ऊपर से सहलाने लगी |

मैं समझ गया की वो मुझसे चुदने के लिए तैयार थी | मैंने उसको अपनी बाँहों में भर लिया और उसको किस करने लगा | मैंने उसको बिस्तर पर गिरा लिया और उसके बूब्स मसलने लगा | मैंने उसके बूब्स को मसलते हुए अपना एक हाँथ उसके पेटीकोट में डाल दिया और पैंटी के ऊपर से उसकी चूत सहलाने लगा | वो मेरा पूरा साथ दे रही थी मैं उसके होंठो को चूमे जा रहा था | वो मुझसे कहने लगी की रवी मैं बहुत दिनों से प्यासी हूँ आज तुम मेरी प्यास बुझा दो मैं तुम्हारा बहुत एहसान मानूंगी | फिर मैंने उसकी साडी निकाल दिया और उसके ब्लाउस को निकाल दिया | उसने काले रंग की ब्रा पहन रखी थी | वो बहुत ही हॉट लग रही थी | मैंने उसके ब्रा के हुक खोल दिए और उसके बूब्स को आजाद कर दिया | उसके गोरे बूब्स बहुत ही टाइट थे | मैं उसके बूब्स को हिलाने लगा और उसके बूब्स को अपने मुहँ में ले लिया और उसकी चूचियों को चूसने लगा | वो बहुत ही गरम होने लगी थी | मैंने उसका पेटीकोट निकाल दिया | फिर मैंने उसकी ब्रा भी निकाल दी और उसको बिलकुल नंगी कर दिया | उसकी चूत बहुत ही मस्त थी | उसकी चूत पर हलके-हलके बाल थे | मैंने उसकी चूत में अपनी जीभ डाल दी और उसकी चूत को चाटने लगा | वो मदहोश हो गयी मैं उसकी चूत में अपनी जीभ अन्दर-बाहर करने लगा | वो थोड़ी देर बाद झड झड गयी मैं उसका सारा रस पी गया और उसकी चूत को चाटकर साफ़ किया | फिर उसने मुझे लिटा दिया और मेरे सारे कपडे निकाल दिए | फिर उसने मेरी अंडरवियर को नीचे करके मेरा लंड निकाल लिया जो पहले से ही खड़ा था | मेरा लंड देखकर वो बहुत खुश हुई उसने मुझसे कहा की रवी तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है | फिर उसने मेरे लंड को अपने मुहँ में डाल लिया और चूसने लगी | वो मेरे लंड को मस्ती से चुसे जा रही थी |

वो मेरे लंड को इए चाट रही थी जैसे की लोलीपॉप चूस रही हो | मैंने अपना लंड उसके मुहँ से निकाला और उसके बूब्स की नाली के बीच में डालकर उसके बूब्स को चोदने लगा | अब वो मुझसे कहने लगी रवी अब मुझे मत तडपाओ डाल दो अपना लंड मेरी चूत में बुझा दो मेरी चूत की प्यास बहुत दिनों से इसे लंड नहीं मिला है | फिर मैंने उसकी ताने फैलाई और उसकी चूत पर अपना लंड रखा और एक झटके में उसकी चूत में डाल दिया | उसके मुहँ से आह निकल गयी | इससे पहले की वो और आवाजे निकालती मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिया और उसको किस करने लगा | मैं उसको किस किये जा रहा था और उसकी चूत को चोदे जा रहा था | 20 मिनट तक मैंने उसकी चुदाई की फिर उसका पूरा शरीर अकड़ने लगा और उसने मुझे कसकर अपनी बाँहों में भर लिया | मैं समझ गया की वो झड़ने वाली है | मैं उसे और जोर से चोदने लगा फिर हम दोनों झड गए | उस रात मैंने उसकी तीन बार चुदाई की वो मुझसे बहुत खुश थी | मैं जब तक वहां रुका मैंने उसकी रोज चुदाई की |


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