फार्महाउस में चुदाई


hindi chudai ki kahani

नमस्कार पाठको कैसे हैं आपस सभी ? मेरा नाम सुचेता है और मैं बिलासपुर की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 30 साल है और मेरी शादी को दो साल हो चुके हैं | मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरी हाईट 5 फुट 5 इंच है और मेरा फिगर भी अच्छा है | दोस्तों आज जो मैं आप लोगो के सामने अपनी कहानी लिखने जा रही हूँ असल में ये मेरी नहीं मेरी दोस्त की कहानी है तो मैं उसकी चुदाई की कहानी आप लोगो के सामने पेश कर रही हूँ |

मेरा नाम रश्मि है और मैं बिलासपुर की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 34 साल है और मैं दिखने में गोरी हूँ | मेरी हाईट 5 फुट 6 इंच है और मेरा बदन भरा हुआ है | मेरे दूध और चूतड के साइज़ बड़े हैं और उठे हुए हैं | मैं ब्रा भी वैसे खरीदती हूँ जिसमे मेरे दूध उभरे हुये दिखे | दोस्तों आज जो मैं आप लोगो के सामने अपनी कहानी पेश करने जा रही हूँ ये मेरी पहली कहानी और मेरे जीवन की सच्ची घटना है | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आयगी और मेरी कहानी पढ़ कर आप लोग उत्तेजित हो जाओगे | तो अब मैं आप लोगो का ज्यादा समय ना लेते हुए अपनी कहानी शुरू करती हूँ |

ये घटना दो साल पहले की है | मेरे घर मैं और मेरे पति ( राहुल ठाकुर ), मेरा बेटा ( अभय ), बेटी ( रूचि ), सास ( सुषमा ), ससुर ( रुपेश ) रहते हैं | हमारा घर सुखी है सिवाए मुझे छोड़ कर | मुझे छोड़ कर इसलिए क्यूँकी मेरे पति दिल्ली में जॉब कर करते हैं और महीने में एक बार ही घर आते हैं और वो भी सिर्फ दो तीन दिन के लिए | मेरे पति जब भी आते हैं तो हमारे लिए कुछ न कुछ जरुर ले कर आते हैं | वो दिन भर पूरा समय बच्चो के साथ बिताते हैं और रात का वक़्त सब के सो जाने के बाद सिर्फ मेरे साथ | मेरे पति मुझे बहुत चोदते हैं और मुझे संतुष्ट कर देते हैं | लेकिन ये तो रही सिर्फ कुछ दिन की बात | बाकी के समय तो मैं अपनी चूत में कभी केला और कभी मूली गाजर से काम चलाती हूँ | कभी कभी तो मेरे पति दो दो तीन तीन महीने तक नहीं आते | मेरी चूत में इतनी चुल्ल काटती है जैसे मैं अपने ससुर से ही चुदवा लूं लेकिन मैं ये भी सोचती हूँ कि उनका लौड़ा खड़ा होता भी होगा कि नहीं या वो मुझे चोद पाएंगे या नहीं | इसलिए में उनपे डोरे नहीं डालती |

मैं अपनी अन्तर्वासना को कंट्रोल नहीं कर पाती | मैं अक्सर सोचती कि काश किसी और लड़के या हस्बैंड के दोस्त पर लाइन मार कर उनसे ही चुदवा लूं | पर डर ये रहता था कि कहीं ऐसा न हो कि वो मेरे हस्बैंड को बता दे कि तेरी बीवी चुदाई के लिए बोल रही थी और अगर न भी बोले तो मैं कहाँ चुदुंगी क्यूंकि मेरा घर तो खाली ही नहीं रहता | मैं बहुत उदास हो जाती जब भी मैं अगले दिन की सुबह देखती तो | एक दिन की बात है मैं अपने घर में काम कर रही थी और सास और ससुर हॉल में बैठ कर आस्था चैनल देख रहे थे | तभी मुझे सास ने आवाज़ दी और कहा कि तुमसे मिलने कोई आया है | मैं काम खत्म कर के बाहर आई तो देखा कि मेरी दोस्त सीमा आई हुई है | मैंने उसे अन्दर बुलाया और बैठा कर कहा कि रुक चाय चढ़ा दूं तो उसने कहा अरे नहीं रहने दे | ये ले शादी का कार्ड मेरे छोटे भाई की शादी का कार्ड है और सभी को आना है | मैने कहा हाँ जरुर आउंगी | फिर वो शादी का दिन भी आ गया | सीमा मेरी बहुत अच्छी दोस्त थी कॉलेज के समय से ही लेकिन जब से हमारी शादी हुई तब से हम बहुत कम ही मिल पाते हैं | मैंने अपने बच्चो से पूछा कि चलना है क्या पार्टी में तो उन्होंने कहा कि नहीं मम्मी आप चले जाओ | तो मैंने कहा कि अगर मैं अकेले जाउंगी तो कल ही आ पाऊँगी क्यूंकि जहाँ पार्टी हो रही है वो जगह दूर है | मैंने अपने सास ससुर से भी पूछा तो उन्होंने भी मना कर दिया | फिर मैंने सोचा कि मैं तो जरुर जाउंगी इसी बहाने अपने कॉलेज की सभी सहेलियों से भी मिल लूंगी | उस दिन मैंने रेड कलर की बहुत सुन्दर साड़ी पेहनी हुई थी | फिर मैंने ऑटो किया और वहां पर पंहुच गई | जब मैं अन्दर गई तो मेरी कई सारी दोस्त मिली तो मुझे बहुत ख़ुशी हुई उन्हें देख कर |

सीमा के भाई के हाँथ में गिफ्ट देने के बाद मैं अपनी दोस्तों के पास बैठी बाते करने लगी और हमारी पुराने समय की बाते चलने लगी | मेरी कुछ फ्रेड्स थी जो कह रही थी कि अपन कुछ बाहर से लड़के बुला कर चुदाई के मजे लेंगे और ये सुन कर मेरी चूत में फिर से चुल्ल होने लगी | मैं भी उनके साथ बेशरम होने लगी | मैंने भी अपनी सहमती जताई | तभी मेरी एक फ्रेंड ने अपना मोबाइल निकाला और फिर पता नहीं किनारे जाकर किसी को फ़ोन किया और जब बात कर के वो हमारे पास आई तो उसने कहा कि काम हो गया है वो लोग जब यहाँ पंहुच जायेंगे तो जिसको जो पसंद आयगा उसी के साथ चल चलेंगे | हमने कहा ठीक है और मैं मन में ये सोच रही थी कि कोई कैसा भी हो मुझे तो बस चुदाई से मतलब है | करीब आधे घंटे के बाद वो लोग वहां आये और मेरी दोस्त रंजना ने कहा कि चलो बाहर चलते हैं | फिर हम चारो वही लडको के पास गए | सभी लड़के दिखने में बहुत ही हेंडसम थे और उनकी कदकाठी भी अच्छी थी | कार में हम सब चले गए और उनमे से एक लड़के का नाम पंकज था उसने कहा कि हम सभी मेरे फार्म हाउस में चलेंगे और वहीँ देखेंगे कि कौन किसके साथ सेक्स करेगा | जब उसके फार्म हाउस गए तो सभी ने अपने अपने पार्टनर चुन लिए थे और मैंने राकेश को चुना था | राकेश मुझे एक कमरे में ले कर गया और वो मेरे बदन को निहारने लगा तो मैंने पूछा कि क्या देख रहे हो ? तो उसने कहा कि तुम बहुत सुंदर हो और मेरे पास आ कर कमर पकड़ कर अपनी बांहों में ले लिया | फिर वो अपने होंठ मेरे होंठ में रख कर किस करने लगा | मैं भी उसका साथ देते हुए उसे किस कर रही थी | हम दोनों ने 15 मिनट तक एक दुसरे को चूमा | फिर उसने मेरी साड़ी के पल्लू को नीचे किया और और ब्लाउज को उतार कर मेरे दूध को ब्रा के ऊपर से ही मसलने लगा तो मेरे मुंह से आहा ऊंह ऊमंह आहा ऊन्ह्ह उम्मंह आहाआ ऊउंह ऊम्नंह आहा की आवाज़ निकलने लगी | फिर उसने ब्रा को भी निकाल दिया और मेरे दोनों दूध को अपने मुंह में ले कर बारी बारी से चूसने लगा तो मैं आहा ऊंह ऊमंह आहा ऊन्ह्ह उम्मंह आहाआ ऊउंह ऊम्नंह आहा करते हुए सिस्कारियां लेने लगी |

वो मेरे दूध को जोर जोर से मसलते हुए चूस रहा था और मैं आहा ऊंह ऊमंह आहा ऊन्ह्ह उम्मंह आहाआ ऊउंह ऊम्नंह आहा करते हुए मजे ले रही थी | फिर उसने मेरी साड़ी और पेटीकोट को भी उतार दिया और पेंटी को उतार कर नंगा कर दिया | फिर उसने मुझे लेटाया और फिर अपने कपडे उतार कर नंगा हो गया | उसका काले सांप जैसा लंड देख कर मेरे मुंह में पानी आ गया था तो मैं झट से उसके लंड को अपनी जीभ से चाटने लगी तो उसके मुंह से भी आहा ऊंह ऊमंह आहा ऊन्ह्ह उम्मंह आहाआ ऊउंह ऊम्नंह आहा की सिस्कारिया लेने लगा | फिर मैंने उसके लंड को अपने मुंह में डाल कर चूसने लगी तो वो आहा ऊंह ऊमंह आहा ऊन्ह्ह उम्मंह आहाआ ऊउंह ऊम्नंह आहा करते हुए मेरे मुंह को चोदने लगा | फिर वो अपने मुंह को मेरी चूत में रख कर चाटने लगा तो मैं आहा ऊंह ऊमंह आहा ऊन्ह्ह उम्मंह आहाआ ऊउंह ऊम्नंह आहा करते हुए सिस्कारियां लेने लगी | उसके बाद उसने अपने लंड को मेरी चूत में टिका कर एक ही झटके में अन्दर पेल दिया और चोदने लगा धक्के मारते हुए चोदने लगा तो मैं भी आहा ऊंह ऊमंह आहा ऊन्ह्ह उम्मंह आहाआ ऊउंह ऊम्नंह आहा करते हुए चुदाई के मजे लेने लगी | फिर उसने अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दिया और जोर जोर से धक्के मारते हुए चोदने लगा तो मैं भी आहा ऊंह ऊमंह आहा ऊन्ह्ह उम्मंह आहाआ ऊउंह ऊम्नंह आहा करते हुए सिस्कारियां लेने लगी | कुछ देर चोदने के बाद उसने अपने वीर्य मेरी चूत में ही भर दिया |

तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी | मैं उम्मीद करती हूँ कि आप लोगो को पसंद आई होगी |


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