फेसबुक से चुदाई तक का साथ


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मेरा नाम शगुन है और मैं कोलकाता में रहती हूं। मेरी उम्र 23 वर्ष है और मैं अपने कॉलेज की पढ़ाई कर रही हूं। मेरे घर में मेरे बड़े भैया भी हैं। वह पुलिस में हैं और मेरे पिताजी अब रिटायर हो चुके हैं। इस वजह से वह घर पर ही रहते हैं और मेरी मां है। हम लोगों की छोटी सी फैमिली है। हम लोगों के घर में बहुत ही अच्छा माहौल रहता है। मेरे पिताजी हमेशा ही मुझसे मेरी जरूरतों के लिए पूछते रहते हैं। वह बोलते हैं कि जब भी तुम्हें किसी भी चीज की आवश्यकता होती है तो तुम मुझे बता दिया करो और मैं भी उन्हें बेझिझक बता दिया करती हूं। क्योंकि मुझे मालूम है कि मेरे पिता मेरी किसी भी चीज को मना नहीं करेंगे और वह मेरी हर ख्वाहिश को तुरंत ही पूरा कर देते हैं। मैं जब कॉलेज में जाती हूं तो मुझे बहुत सारे लड़के घूर कर देखा करते हैं। इसलिए मुझे बहुत ही दिक्कत होती थी। मैंने एक दिन अपने भैया से कह दिया और वह हमारे कॉलेज में आए। उसके बाद से वह लड़के मुझसे बात भी नहीं करते थे और ना ही मेरे आस पास कभी दिखाई दिए। क्योंकि मेरे भैया ने उस दिन उन्हें अच्छे से समझा दिया था। मेरे भैया बहुत ही अच्छे लड़के हैं और वह एक अच्छे दिल के भी हैं। वह मुझसे बहुत ही प्यार करते हैं और हमेशा ही मुझसे पूछते हैं कि तुम्हें कभी भी किसी प्रकार से कोई समस्या होती है तो तुम मुझसे ही बोल दिया करो। तुम्हें पापा से कहने की जरूरत नहीं है। अब मैं भी कमाने लगा हूं। इसलिए तुम मुझे ही बता दिया करो। वह दोनों ही मुझे बहुत ज्यादा प्यार करते हैं और कभी भी मुझे कुछ समस्या नहीं होने देते। कॉलेज में भी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं और मैं उनके साथ समय बिताना बहुत ही पसंद करती हूं। वह जब भी कॉलेज में होते हैं तो मुझे कहते हैं कि तुम्हारे साथ हमें समय बिताना बहुत अच्छा लगता है और हम लोग जमकर मस्तियां भी किया करते हैं।

हमारे कॉलेज से घूमने के लिए जाने वाले थे। मैंने जब इस बारे में अपने घर पर बताया तो वह कहने लगे कि कोई बात नहीं तुम घूमने के लिए चली जाओ। अब हम लोग घूमने के लिए चले गए। हम लोगों ने बहुत ही इंजॉय किया और उसके बाद कुछ दिनों बाद हम लोग वापस लौट आए। जब मैं वापस आई तो मैंने देखा हमारे घर पर एक लड़का आया हुआ था लेकिन मैंने उसे पहचाना नहीं। क्योंकि मैंने उसे कभी भी नहीं देखा था। मैंने जब अपने भैया से उसके बारे में पूछा तो वह कहने लगे कि यह पापा के दोस्त का लड़का है और उसका नाम राकेश है। जब उन्होंने मुझे राकेश से मिलाया तो मुझे भी उससे मिलकर बहुत खुशी हुई और मैंने उससे पूछा कि तुम क्या करते हो। वह कहने लगा कि मैं पढ़ाई करता हूं। यहां मेरा एक अच्छे कॉलेज में एडमिशन हो गया था। इसलिए पापा ने मुझे यही पर पढ़ने के लिए भेज दिया है। उसकी उम्र भी मेरे जितनी ही थी। इसलिए मैं उससे खुलकर बात कर सकती हूं। अब राकेश और मैं एक दोस्त के तरीके से रहने लगे। वह हमारे घर पर ही रहता था क्योंकि उसके पिताजी ने मेरे पापा से बात की थी कि उसे कुछ दिनों के लिए आप अपने साथ ही रखिए और जब उसे थोड़ा समय हो जाएगा तो वह अपने लिए कहीं और व्यवस्था कर लेगा।

मुझे राकेश के साथ समय बिताना बहुत ही अच्छा लगता था। वह मुझसे बहुत ही मजाक किया करता था और मैं भी उसे बहुत छेड़ा करती थी। अब राकेश को हमारे घर पर काफी समय होने लगा था और वह हमारे घर के सदस्य की तरह ही बन गया था। घर में जब भैया नहीं होते तो वही घर का सारा काम किया करता था और जब कभी कुछ सामान लाना होता तो वह पापा के साथ चले जाया करता था। वह एक बहुत ही अच्छा लड़का था। मुझे अब उसे देख कर अच्छा लगने लगा। एक दिन मैं उसे अपने साथ अपने कॉलेज ले गई तो वो कहने लगा कि तुम्हारा कॉलेज तो बहुत ही अच्छा है। मैंने जब उसे अपने दोस्तों से मिलाया तो वह उनसे मिलकर भी बहुत खुश हुआ और कहने लगा तुम्हारे दोस्त भी बहुत अच्छे हैं। मैं उसे अपने साथ कई बार घुमाने के लिए ले जाया करती थी और हम लोग कई बार मूवी देखने भी चले जाया करते थे। जब से वह हमारे घर पर आया है तब से मैं उसके साथ ही ज्यादा समय बिताया करती थी और मुझे उसके साथ समय बिताना बहुत ही अच्छा लगता था। मुझे ऐसा लगता था जैसे मैं उसके साथ ही समय बिताती रहूं। एक दिन राकेश ने मुझे कहा कि मैंने कॉलेज में ही कोई लड़की पसंद कर ली है। मुझे यह सुनकर बहुत ही बुरा लगा। मैंने उसे कहा कि तुमने मुझे यह बात पहले क्यों नहीं बताई। तो वो कहने लगा कि मुझे लगा तुम्हें सरप्राइज दूंगा लेकिन मुझे यह बात सुनकर वाकई में बहुत बुरा लगा था। जब उसने मुझे उस लड़की की फोटो दिखाई तो वह बहुत ही सुंदर थी। पर मुझे ऐसा लगता था कि शायद राकेश मुझे प्रपोज करेगा या फिर मैं ही उसे प्रपोज करूँगी लेकिन उससे पहले उसे कोई और लड़की पसंद आ चुकी थी। अब मैं उससे कम बात करने लगी और वह भी अपनी पढ़ाई में लगा हुआ था।

एक दिन उसने मुझसे पूछा कि तुम मुझसे बहुत कम बात किया करती हो। मैंने उसे कहा कि आजकल मैं पढ़ाई कर रही हूं। इस वजह से तुम से बात नहीं कर रही हूं। उसने मुझे कहा कि हम लोग कहीं घूम आते हैं। उस दिन वह मुझे अपने साथ मूवी ले गया। हम लोग मूवी देख रहे थे और हम दोनों बहुत ही इंजॉय कर रहे थे। जब हम वापस लौट रहे थे तो मैंने उसे कहा कि मैं तुम्हें बहुत पसंद करती हूं और तुमने कॉलेज में ही अपनी गर्लफ्रेंड बना ली है। मुझे इस बात से बहुत ही गुस्सा आ रहा है। यह बात सुनकर वह मुझे कहने लगा कि तूमने मुझे पहले यह बात क्यों नहीं बताई। मैंने उसे कहा कि अब जो होना था। वह हो चुका है। तुम सिर्फ अपना ध्यान दो। अब हम दोनों बातें तो किया करते थे लेकिन हम दोनों के बीच उतनी बातें नहीं हुआ करती थी।

मैं अब काफी दिनों से राकेश से बात नहीं कर रही थी। एक दिन वह मुझसे बातें करने लगा और कहने लगा कि तुम मुझसे बात नहीं कर रहे हो मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा। जब वह मेरे पास आकर बैठा था  तो मुझसे भी नहीं रहा गया और मैंने उसके हाथों को पकड़ लिया। जब मैंने उसके हाथों को पकड़ा तो मैंने उसे गले लगा लिया। उसने भी मुझे कसकर गले लगा लिया और वह मेरे स्तनों को दबा रहा था। वह मेरे होठों को चूम रहा था मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था जब वह मेरे होठो को अपने होठो से किस कर रहा था। मैं बहुत ही खुश हो रही थी और वह भी बहुत खुश नजर आ रहा था। मैंने उसके सामने अपने सारे कपड़े खोल दिए और जब उसने मेरा बदन देखा तो उसने मेरा पूरा बदन को ऊपर से लेकर नीचे तक चाटा। उसने मेरे बदन को अच्छे से चाटा जिससे कि मेरा बदन पूरा पसीना पसीना हो चुका था। मेरे अंदर की उत्तेजना भी अब चरम सीमा पर पहुंच चुकी थी। उसने मेरे दोनों पैरों को खोलते हुए जब मेरी योनि को अपने मुंह में लिया तो मुझे बड़ा अच्छा लगा। अब उसने मेरी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया।

जैसे ही उसने अपने लंड को मेरी योनि में डाला तो मेरी चूत से खून निकलने लगा। उसने मेरे दोनों पैरो को कसकर पकड़ लिया और वह बड़ी तेजी से मुझे झटके मार रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था और मेरा पूरा शरीर गरम होने लगा। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरी शरीर से कुछ निकल रहा है और मुझसे वह बर्दाश्त नहीं होगा। कुछ देर बाद उसका भी वीर्य मेरी चूत के अंदर गिर गया। उसके बाद मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लगा और मैंने उसके लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने शुरू किया। कुछ देर तक मैं ऐसे ही उसके लंड को चुसती रही। उसने मुझे घोडी बना दिया और घोड़ी बनाकर उसने काफी देर तक मुझे चोदा जिससे कि मेरी चूतडे पूरी लाल हो चुकी थी और मेरा शरीर पूरा गर्म होने लगा था। मैंने भी अपनी चूतड़ों को उसके लंड पर धक्का मारना शुरू किया तो उसका माल दोबारा से मेरी योनि के अंदर जा गिरा। उसके बाद उसने अपनी गर्लफ्रेंड से बात करना बंद कर दिया और अब हम दोनों ही साथ रहते हैं।

 


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