चुदाई की शांति मिली लड़की को पटा कर


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मेरा नाम मनोज है। मेरी उम्र 25 वर्ष है। मैं अभी कॉलेज की पढ़ाई कर रहा हूं। मेरे पिताजी एक दिन मेरे भैया से पूछने लगे कि मैं शादी के लिए तुम्हारे लिए कोई लड़की ढूंढ रहा हूं। यदि तुम्हें कोई लड़की पसंद हो तो तुम मुझे बता दो। मेरे भैया का नाम पंकज है। वह बहुत ही शर्मीले किस्म के व्यक्ति हैं और वह कहने लगे कि नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है। आप जो भी लड़की देखेंगे मैं उससे ही शादी कर लूंगा। वह मेरे पिता जी का बहुत ही आदर सम्मान करते हैं। इसलिए वह मेरे पिताजी की किसी भी बात को मना नहीं करते। जब उन्होंने यह बात मेरे पिताजी से कहीं तो मेरे पिताजी कहने लगे, मुझे तुम पर हमेशा से ही गर्व है और तुम मेरा इतना सम्मान करते हो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है। मेरे पिताजी ने मेरे भैया को कुछ फोटोए दिखाएं। जिसमें से भैया ने एक लड़की को पसंद कर लिया। उसके बाद पिताजी ने रिश्ते के लिए बात कर ली थी और सारी तैयारियां अब होने लगी। मेरी भाभी भी बहुत अच्छी थी। वह मेरे भैया को बहुत पसंद थी और मेरे भैया और मेरी भाभी फोन पर बातें किया करते थे। मैं अपने भैया को परेशान किया करता था। अब उनकी शादी का समय नजदीक आ गया और शादी की सारी तैयारियां हो चुकी थी भैया ने अपने दोस्तों को भी बुलाया था।

जब हम लोग शादी की तैयारी कर रहे थे उस समय एक लड़की मुझे दिखाई दी और मैं उसे देखता ही रह गया। मुझे वह बहुत ज्यादा पसंद आई और बाद में मुझे पता चला कि यह मेरे भैया की दोस्त है औऱ वह मेरे भैया के ऑफिस में ही काम करती है। मैंने अपने भैया से इस बारे में बात की तो उन्होंने मुझे सुहानी से मिलवा दिया। जब उन्होंने मुझे सुहानी से मिलवाया तो मुझे उससे मिलकर बहुत ही खुशी हुई और मैं भी उसके बारे में जानने को उत्सुक हो गया। मैं चाहता था कि मैं उसके बारे में पता करूं और मैं उसे अपना बना लूं लेकिन शादी के कामों में मैं व्यस्त था। इस वजह से मैं उससे ज्यादा बात नहीं कर सका। हम दोनों का सिर्फ इंट्रोडक्शन ही हुआ था। उससे अधिक हम दोनों की कोई भी बात नहीं हुई थी। हमारे भैया की शादी हो चुकी थी, तब मेरे दिमाग में आया की मैं सुहानी से मिलता हूं और मैंने इस बारे में अपने भैया से बात की तो वो कहने लगी कि तुम सुहानी से वाकई में बात करना चाहते हो या ऐसे ही टाइम पास कर रहे हो। मैंने उसे कहा कि मैं उसे सच में बात करना चाहता हूं और मैं चाहता हूं कि मैं उससे बात करूं। मेरे भैया भी बहुत खुश हुए और कहने लगे, चलो यह तो बहुत अच्छी बात है की तुम उससे बात करना चाहते हो और अगर तुम उससे टाइम पास करना चाहते हो तो मैं तुम्हें उसके बारे में कुछ भी नहीं बताऊंगा।

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अब उन्होंने मुझे उसके घर का पता दे दिया और मैं उसके घर के बाहर जाकर खड़ा हो जाता हू। जब भी वह ऑफिस के लिए जाती तो मैं उसके पीछे पीछे चल पड़ता। वह मुझे नोटिस करने लगी और एक दिन उसने मुझे कह दिया, क्या तुम मेरा पीछा कर रहे हो। मैंने उसे कहा ऐसी कोई बात नहीं है। मैं तो अपने कॉलेज जा रहा हूं लेकिन वह समझ चुकी थी कि मैं उसका पीछा कर रहा हूं। सुहानी को मेरे बारे में तो पता था कि मैं पंकज का भाई हूं। इसलिए वह मुझसे बात कर लिया करती थी। अब मैंने एक दिन सुहानी से कहा कि मुझे आपका नंबर चाहिए। वह मुझे कहने लगी कि तुम अपने भैया से ही मेरा नंबर ले लेना। मैंने अपने भैया से सुहानी का नंबर लिया और अब मैं उससे फोन पर बातें किया करता था और वह भी मुझे फोन किया करती थी। हम दोनों की बातें इतनी ज्यादा तो नहीं होती थी परंतु हम दोनों अच्छे दोस्त बन चुके थे। मैंने उसे अपने कॉलेज में भी बुलाया था तो वह मुझसे मिलने मेरे कॉलेज भी आई थी और अब सुहानी हमारे घर भी अक्सर आया जाया करती थी लेकिन उसके दिल में मेरे लिए कुछ नहीं था। वह सिर्फ मुझे कहती थी कि मैं तुम्हें अपना एक अच्छा दोस्त मानती हूं। उससे ज्यादा तुम मुझसे कुछ भी उम्मीद मत रखना। मैंने उसे कहा चलो कोई बात नहीं यदि तुम मुझे अपना दोस्त मानती हो तो मेरे लिए यही बहुत बड़ी बात है और तुम्हें मुझ पर भरोसा है तो यह मेरे लिए बहुत ही अच्छी बात है। अब सुहानी भी मुझसे मिलने आया करती है और मैं भी कभी उससे मिलने उसके ऑफिस भी चले जाया करता था। ऐसे ही हम दोनों की बातें होती गई।

सुहानी भी अब मुझसे बात करके बहुत खुश थी और मुझे भी उससे बात करना बहुत ही अच्छा लग रहा था। एक दिन सुहानी ने मुझे अपने घर पर बुला लिया और मैं उसके घर पर ही चला गया। जब मैं उसके घर पर गया तो वह मुझे  कहने लगी। मुझे तुम बहुत ही ज्यादा पसंद हो पर मैं तुमसे शादी नहीं कर सकती और आज मेरा मन तुमसे अपनी चूत मरवाने का है। मैंने उससे कहा मैं तुम्हारी चूत को अच्छे से मारकर तुम्हें अपना बना लूंगा। मैंने उसके पतले गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होठों को अपने होठों में लेकर चूसना शुरू कर दिया। वह भी मेरे होठों को बहुत अच्छे से चूस रही थी और मुझे भी बड़ा मजा आ रहा था। मैं उसके स्तनों को भी अपने हाथों से हल्के से दबाता जा रहा था। उसके स्तनों को जब मैं दबाता तो मुझे एक अच्छी तरह की की अनुभूति होती। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मैं उसके स्तनों को दबा रहा था। वह भी मेरे लंड को हिलाने लगी मेरा लंड पूरे तरीके से खड़ा हो चुका था। उसने थोड़ी देर बाद मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और उसे चूसना शुरू कर दिया। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी और कह रही थी तुम्हारा लंड बहुत ही मोटा और अच्छा है। मेरे पानी टपकने लगा और वह मेरे लंड को अपने गले के अंदर उतार देती। मैंने भी उसे लेटाते हुए उसके दोनों पैरों को खोल दिया और उसकी योनि को चाटना शुरू कर दिया। मैं उसकी चूत को बहुत ही अच्छे से चाट रहा था जिससे कि उसका शरीर पूरा गर्म हो रहा था और वह अपने मुंह से बड़ी तेज आवाज निकाल रही थी। मुझे भी बड़ा मजा आ रहा था जब वह इस तरीके से आवाज निकल रही थी। अब उसकी चूत से कुछ ज्यादा ही गिला पदार्थ बाहर निकलने लगा और मैंने तुरंत ही अपने मोटे लंड को उसकी योनि के अंदर घुसाना शुरू कर दिया।

जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि के अंदर जा चुका था तो उसके मुंह से बड़ी तेज आवाज निकलने लगी और वह बहुत जोरों से चिल्ला रही थी। मुझे कह रही थी कि तुमने तो मेरे चूत को फाड़ ही दिया। उसकी योनि बहुत ज्यादा टाइट थी और उस पर एक भी बाल नहीं था। उसके शरीर पर कहीं पर भी कोई निशान नहीं था वह इतनी चिकनी थी और इतनी ज्यादा मुलायम थी। मैं जब उसकी गांड को अपने हाथ से दबा था तो वह रुई जैसी मुलायम थी। अब मैं बड़ी तेजी से उसे धक्के देने लगा और वह अपने मुंह से मादक आवाजें निकालने लगी। उसकी उत्तेजना भी अब चरम सीमा पर पहुंच चुकी थी और उसे बड़ा आनंद आ रहा था जब मैं उसकी चूत मार रहा था। कुछ देर बाद मैंने उसे उठाकर खड़ा कर दिया और उसकी चूतडो को अपने हाथों से पकड़कर उसे घोड़ी बना दिया। जब मैंने उसकी चूतडो को पकड़ कर उसकी योनि में अपने लंड को डाला तो वह चिल्ला उठी और मैं उसे बड़ी तेज के झटके दिए जा रहा था। उसकी पूरी चूतड लाल हो गई और मुझे बहुत ही मजा आ रहा था उसे चोदने में मैंने उसे इतनी तेजी से धक्के मारे की उसका पूरा शरीर गरम हो गया। मैंने काफी देर तक ऐसा ही उसके साथ संभोग किया लेकिन उसकी चूतडो की गर्मी मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रही थी और मैं उसे ऐसे ही धक्के दी जा रहा था। मुझे एहसास हो चुका था कि मेरा वीर्य मेरे लंड के टोपे तक पहुंच चुका है इसलिए मैंने उसे बड़ी तेज धक्के देने शुरू कर दिया और उसे इतनी तीव्रता से में चोद रहा था कि उसका पूरा शरीर गरम हो गया था। उसे भी बहुत मज़ा आता जब मैं उसे धक्के दिए जा रहा था और एक समय बाद मेरा वीर्य उसकी टाइट योनि के अंदर बड़ी तेजी से चला गया। जिससे कि उसका पूरा शरीर खील चुका था।