छोटी बहना को चोद दिया भाग ४


उस दिन के बाद से मेरी सिस्टर ने मेरी प्यास बुझाने मैं कोई कसार नहीं उठाई . और इस तरह मेरी सेक्स की प्यास का भी बहनों की तरह ख्याल रखा जैसे वोह मेरा दूसरे कामों में एहसास करती थी बिलकुल एक बेहें की तरह . एक बार उस ने अपनी एक सहेली को भी राज़ी किया और एक बार हम तीनों ने भी रंग रलियाँ मिल केर मनाएं

इस बात को २ साल हो चुके हैं . अब मेरी बेहें के मम्मी काफी बर्रे होगे हैं और उस की गंद भी कुछ भरी हो गई हाय जिस से उस की खूबसूरती और सेक्सी फिगर और भी अची हो गयी हाय . वोह मुझ से कहती हाय के भाई मेरे मम्मी आप ही की वजह से बर्रे है हैं . और अब हम बिलकुल एक जान की तेरह हैं . और में अब हेर समर में एक महीना के लिए लाहौर जाता हूँ और वोह हेर विंटर में २० डेज के लिए कराची आती है और हम फिर से ये बेहें भाई के प्यार का खेल कहल्तय हैं और बाकी के दिन इन्ही यादों को याद केर के अपनी प्यास खुद अपने हाथों से बुझाते हैं .

तो दोस्तों आप को मेरी आप बीती केसी लगी मुझ को मेल करके ज़रूर बतैये गा . मैं अगली बार आप को अपनी थ्रीसोमे की बात बातों गा के किस्तेर्हा मेरी प्लानिंग और सिस्टर के साथ की वजह से एसा मुमकिन हुआ .


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