चलते चलते लग गए रस्ते


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हेल्लो दोस्तों कैसे हो आप सब मेरा नाम अर्जुन पटेल है और मैं कंचनपुर में रहता हूँ | मैं वैसे तो बहुत सीधा सादा लड़का हूँ पर कभी कभी मन में ठरक आ जाती है | इसलिए मैंने सोचा आज आपके लिए अपने जीवन की एक सच्ची कहानी को पेश करूँ जिसमे मैं आपको अपने सच से रुबरू करवाऊंगा | जी हाँ दोस्तों वैसे तो आपने कई कहानियाँ पढ़ी होंगी पर आज आपको बिलकुल नयी और सच्ची कहानी पढने का मौका मिलेगा | इसलिए मेरा धन्यवाद दो क्यूंकि जब से मैंने इस साईट पे कहानियाँ पढ़ी है तो मुझे लगा कि वाह यार लोग यहाँ बिलकुल सच बताते हैं | इसलिए मैंने सोचा साला आज मैं भी अपने मन की भड़ास यहाँ निकाल ही देता हूँ | वैसे मैं अपने बारे में बता दूँ कि मैं एक औसत लम्बाई का लड़का हूँ और मेरी बॉडी उतनी ख़ास नहीं है पर मेरा रंग गोरा है और मैं दिखता स्मार्ट हूँ | बस इसलिए मुझसे लडकियां बात कर लेती थी पर सेट आज तक एक नहीं हुयी | साला किस चीज़ की कमी थी मेरे पास गाड़ी थी पैसा भी रहता था और तो और अच्छा घर सब कुछ था | इसलिए मैंने सोचा अब साला थोडा तरीका बदलना पड़ेगा |

मैंने सोचा क्यूँ न मैं एक कार खरीद लूँ क्यूँ कि मेरे बाप के पास बहुत पैसा है | मैंने पापा से कहा पापा मुझे कार चाहिए है तो उन्होंने कहा जो चाहिए ले ले | मैंने भी मस्त एक बहुत मेहेंगी कार खरीद ली और कॉलेज और लड़कियों के हॉस्टल के पास घूमने लगा | फिर भी मुझे कुछ फायदा नहीं हो रहा था | मुझे लग रहा था साला मेरी किस्मत ही गांडू है | पर मैंने कभी हार नहीं मानी और मैंने सोचा साला अगर कोई लड़की नहीं मिली तो मैं किसी रंडी को चोद लूँगा और वो भी हाई क्लास रंडी को | साला ऐसी ऐसी रंडियां होती हैं जिनके सामने अच्छी अच्छी लडकियां पानी मांग जाए | इसलिए मैंने भी अब ज्यादा दिमाग लगाना बंद कर दिया था | अब एक दिन मुझे लगा साला कुछ हो नहीं रहा है तो चलो कहीं घूम के ही आ जाता हूँ | मेरे मामा जी भोपाल में रहते हैं और वो एक अच्छी जगह भी है जहाँ लडकियां आराम से मिल जाती हैं | मैंने सोचा चलो मामा से मिल भी लूँगा और अगर कही बात बन गयी तो चुदाई भी कर लूँगा |

अब मैं निकल पड़ा भोपाल के लिए और अपने पास कार तो है ही इसलिए कोई दिक्कत नहीं होगी | मैंने घर में बता दिया मामा के पास जा रहा हूँ और एक हफ्ते के बाद ही आ पाउँगा | मम्मी पापा ने भी कहा दिया ठीक है चले जाओ पर कोई शरारत मत करना | वो क्या है जब मैं मामा के यहाँ जाता हूँ तो पीता खाता हूँ और खूब सारी मस्ती करता हूँ | इसलिए मेरे मम्मी पापा डरते हैं कि कहीं मैं कोई गलत काम न कर दूँ | मैंने अपने कपडे पैक किये और निकल पड़ा अपनी कार में भोपाल के लिए | ८ घंटे लगते हैं भोपाल जाने के लिए अगर कोई आराम से गाड़ी चलाये तो | मैंने भी सोचा आराम से जाऊँगा रुकते हुए घूमते फिरते | मैं निकल पड़ा और एक घंटे गाड़ी चलने के बाद मुझे लगा मुझे कुछ देर रुकना चाहिए | मैंने एक होटल के पास गाड़ी लगाई और अन्दर गया | मैंने पहले सुन रखा था यहाँ के समोसे और गुलाब जामुन बड़े मस्त हैं इसलिए मैंने वही मंगवाए और खाना चालु किया तो लगा जैसे आत्मा को शान्ति मिली | कसम से दोस्तों ऐसा लग रहा था जैसे चुदाई में कुछ नहीं रखा जो भी है बस इस समोसे और गुलाब जामुन में है |

उसके बाद मैं एक कोल्ड ड्रिंक लिया और कार में बैठ के वापस आगे के लिए निकल पड़ा | अब मैंने सोचा अब तो मैं इटारसी के पास ही रुकुंगा और मैंने अपनी गाड़ी को सूट दिया अच्छी स्पीड में | मैंने तीन घंटे लगातार गाड़ी चलायी और और गाडरवारा के पास आ गया जहाँ से इटारसी कुछ ही दूर था | मैंने सोचा कोई मतलब नहीं है यहाँ रुकने से पर फिर ध्यान आया यहाँ पास में एक नदी है जिसका पानी एक दम नीला है | मैंने तुरंत गाड़ी पलटाई और वहां लगा दी | वहां पे एक गाड़ी और थी और उसमे दो लडकियां थी | वो लोग भी नदी के पास खेल रहे थे और पानी फेक रहे थे एक दूसरे पर और मैं फोटो ले रहा था | उसके बाद जैसे ही वो दोनों जाने को हुयी तो उनकी कार चालु नहीं हो रही थी और वो दोनों मेरी तरफ बड़ी उम्मीद से देख रही थी | पर मैं भी हरामी साला अभी तक किसीने मुझे भाव नहीं दिया और अब जब खुद पे आ गयी तो मुझे देख रहीं हैं |

उसमे से एक लड़की जो कि सबसे ज्यादा माल थी मेरे पास आने लगी और दूसरी तो रद्दी का माल थी | उसने कहा प्लीज हमारी गाड़ी को देख लीजिये ये स्टार्ट नहीं हो रही है | मैंने कहा मैं मैकेनिक नहीं हूँ पर फिर भी देख लेता हूँ | मैं गया और देखा तो पूरे इंजन की मैय्या चुद गयी थी | मैंने कहा एक लड़की को गाड़ी में बैठना पड़ेगा क्यूंकि इसको बाँध के ही ले जा सकते हैं | तो वो गन्दी वाली कार के अन्दर और मेरे साथ माल | मैं जाते जाते उससे बात करने लगा तो उसने अपना नाम साहिबा बताया | मैंने कहा भोपाल के हो तो उसने कहा हाँ | मैंने कहा मैं भी वहीँ जा रहा हूँ | तो उसने कहा अच्छा आप भी वहीँ के हो तो मैंने कहा नहीं मेरे मामा रहते हैं | उसने कहा वैसे आप काफी स्मार्ट हो वरना मैं तो डर गयी थी कि ऐसी जगह पर ना जाने हमारा क्या होता | मैंने कहा मतलब के लिए तो सब गधे को बाप बोलते हैं आप भी वही कह रही हो ? उसके दिमाग ख़राब हो गया और उसने कहा बकवास बंद करो |

मैंने कहा सही तो है गाड़ी ख़राब हो गयी तब आई वरना कोई किसी के पास क्यूँ आता और जब मतलब निकल जाएगा तो कह देना थैंक यू | उसने कहा अबसे साले सीधा सीधा कैसे कहती कि तू अच्छा लगा मुझे पहली नज़र में | मैं उसके मुंह को देखने लगा और उसने कहा अब भाव मत खाना मैंने पहली बार किसी को दिल से पसंद किया है | मैंने कहा अच्छा तो साबित करके दिखाओ | उसने कहा बताओ क्या करना है तो मैंने कहा सेक्स करना है ? वो डर गयी पर कहा ठीक है अगर कर लिया तो अगले दिन शादी कर लेगा मुझसे मैंने कहा चल ठीक है | वो नीचे झुकी और मेरे पेंट की चेन खोली और मेरा लंड बाहर निकाला और उसे चूसने लगी | मुझे पहले तो कुछ नहीं हुआ पर जैसे ही मेरा लंड खड़ा हुआ और उसने पूरा मुंह में लिया तो मेरी सिस्कारियां निकलने लगी | मैंने सोचा अब गाड़ी चलायी तो हादसा हो जाएगा | पर कोई जगह नहीं दिख रही थी | फिर मैंने देखा एक सुनसान किला है तो उसके पीछे ले गया | वो मेरा लंड चूस रही थी और मैं आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः कर रहा था |

फिर मैंने कहा यार तू सच में मुझे प्यार करती है और मैंने उसके कपडे उतार दिए | मैंने भी उसके दूध को अपने मुंह में भरा और चूसने लगा और वो भी मुझे प्यार करने लगी | वो मेरे पूरे बदन पर अपने हाथ को फेर रही थी | और फिर मैंने धीरे से अपना हाथ उसकी चूत पे सरका दिया और रगड़ने लगा | वो आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करते हुए कहने लगी पहली बार मेरी सील खुलने वाली है | मैंने कहा डर मत मेरी भी सील आज खुलेगी | इतना कहते ही मैंने उसकी चूत पे मुंह लगा दिया और चाटने लगा | वो आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करते हुए मदमस्त हो गयी |

अब मैंने सोचा चोद लेता हूँ तो मैंने अपना लंड उसकी चूत में घुसाया और एक झटके में पूरा अन्दर कर दिया | हम दोनों के आंसू निकल गए पर चिल्लाया कोई नहीं | मैंने उसको चोदना चालु रखा और धीरे धीरे चोदते हुए सब ठीक हुआ | फिर हमने अपनी पूरी चुदाई करने के बाद फिर से किस किया और कपडे पहने और भोपाल जाकर उसी दिन शादी कर ली और आज वो मेरे दो बेटों की सेक्सी माँ है |


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