भाभी के बांझपन को दूर करते हुए उन्हें प्रेग्नेंट बनाया


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मेरा नाम राजा है। मेरे पिताजी अब रिटायर हो चुके हैं और वह घर पर ही रहते हैं और काफी समय से वह घर पर ही हैं। वह कभी कबार मेरे भैया के यहां चले जाते हैं। मेरे भैया का नाम रोहन है और उनकी शादी को 5 वर्ष हो चुके हैं लेकिन अभी तक उनका कोई भी बच्चा नहीं हुआ। जब उनकी छुट्टी पड़ती है तो वह लोग कभी हमारे साथ रहने आ जाते हैं। तो मेरी मां भी बहुत खुश होती है। क्योंकि मेरी मां को उनके आने से बहुत हेल्प मिल जाती है  जिसके वह बहुत खुश हो जाते हैं। मेरे भैया एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और वह बेंगलुरु में रहते हैं। मेरी मां चाहती है कि वह हमारे साथ ही रहे और यहीं पर कोई काम करें लेकिन उन्हें हमारे शहर में कहीं पर भी अच्छी नौकरी नहीं मिल पा रही है। जिसकी वजह से वह बेंगलुरु में ही रहते हैं और मेरी भाभी भी उन्हीं के साथ रहती हैं। मेरी भाभी का नाम करुणा है और वह बहुत ही सुंदर और सुशील है। कहीं ना कहीं मेरे भैया और भाभी की भी इस बारे में बात होती है कि उन्हें भी कोई बच्चा कर लेना चाहिए। उनका अभी तक कोई बच्चा नहीं हो रहा है। जिससे वह बहुत ही टेंशन में है। कई बार उनकी इस बारे में आपस में बहस भी हो जाती है और वह लोग चाहते हैं कि किसी तरीके से उन्हें कोई संतान हो जाए। ताकि उनकी भी इच्छा पूरी हो जाये।

काफी वर्षों बाद मेरे भैया घर पर आए और उनके साथ मेरी भाभी भी थी। मैंने जब अपने भैया से इस बारे में बात की, कि आप कब वापस जा रहे हैं। तो वह कहने लगे कि 10 दिनों की मैंने छुट्टियां ली है। उसके बाद मैं वापस चले जाऊंगा और तुम्हारी भाभी यहीं पर रहेंगी और वह मां के साथ काम में हाथ बढ़ाया करेंगी। यह बात सुनकर मैं बहुत ही खुश हुआ। मैं उन्हें कहने लगा कि चलो कम से कम मेरा भी घर मे टाइम पास हो जाया करेगा और मैं भाभी के साथ बात कर लिया करूंगा। नहीं तो मैं घर में अकेले ही बहुत बोर हो जाता हूं। वह कहने लगे कि ठीक है। यह तो तुम्हारे लिए भी अच्छा है। ऐसी तरह ऐसे ही वह 10 दिन तक घर में रहे और उनके साथ हम लोगों ने बहुत ही मजे किए। हम लोग घूमने भी जाते हैं और उन्होंने मुझे शॉपिंग भी करवाई। मेरे पिताजी भी बहुत खुश थे। जब मेरे भैया हमारे घर पर आए। क्योंकि वह बहुत कम ही घर आते हैं। कुछ दिनों बाद मेरे भैया चले गए और भाभी हमारे साथ घर पर ही थी। वह हमारे साथ ही रहने वाली थी। क्योंकि मेरे भैया ने कहा था कि अब वह कुछ समय तक अकेले ही रहना चाहते हैं और भाभी को फिलहाल कुछ समय यहीं माँ के साथ उनके कामो में मदत करने के लिए घर पर ही छोड़ रहे है। जिससे कि माँ की भी अच्छा लगे।

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मुझे भी ऐसा लगने लगा कि करुणा भाभी मेरी मां की बहुत ही मदद कर दिया करती है। मै उन्हें बहुत अच्छा भी मानता था और उनकी इज्जत भी बहुत करता था। एक दिन हम लोग बैठकर टीवी देख रहे थे तभी टीवी में एक सिन चल पड़ा और उसमें उस महिला का बच्चा नहीं हो रहा था। जिससे कि करूणा भाभी बहुत ज्यादा दुखी हो गई और वह अपने कमरे में चली गई। मैंने उनके चेहरे के भाव को पढ़ लिया था और मैं भी उनके पीछे-पीछे उनके कमरे में चला गया। जैसे ही मैं उनके कमरे में गया तो वह कमरे में रो रही थी मैंने उनसे पूछा कि ऐसा क्या हो गया है जो आप  इतना रो रही हैं। उन्होंने कहा कुछ भी तो नहीं हुआ बस ऐसे ही मेरा मन दुखी हो रहा है लेकिन मैं समझ चुका था कि उनका मन किस वजह से दुखी हो रहा है। मैंने उन्हें कहा कि आप यदि मुझे नहीं बताएंगे तो क्या मुझे मालूम नहीं पड़ेगा कि आपका मन किस वजह से दुखी है। अब वह और भी तेज रोने लगी मैंने उन्हें चुप कराने की कोशिश की लेकिन वह बिल्कुल भी चुप नहीं हो रही थी फिर मैंने उन्हें थोड़ा समझाया उसके बाद वह चुप हुई। वह मुझसे बातें करने लगी मैंने उन्हें कहा कि आप चिंता मत कीजिए एक ना एक दिन आपकी संतान अवश्य हो जाएगी लेकिन वह अब भी बहुत ज्यादा टेंशन में थी।

वह मुझे कहने लगी कि हमारा बच्चा कहां से होगा जब तुम्हारे भैया कुछ करते ही नहीं हैं उनका लंड खड़ा भी नहीं होता और ना ही वह मुझे चोदते हैं तो बच्चा कहां से होगा। इतने सालों से उन्होंने मेरे साथ अच्छे से सेक्स भी नहीं किया है जिससे कि मेरे बच्चा हो। यह बात सुनकर मैं थोड़ा हैरान रह गया और मुझे लगा कि वाकई में मुझे भाभी की बात को सुनना चाहिए और उनकी चूत मे अपने लंड को डाल देना चाहिए। उनके बड़े बड़े स्तन मुझे अब दिखाई दे रहे थे और मेरा मन पूरा खराब हो गया था। मैंने उन्हें वहीं उनके बिस्तर पर लेटाते हुए उनके होंठों को चूमना शुरू कर दिया और उनकी चूत मे उंगली डालने लगा। मैंने जैसे ही उनकी चूत को दबाया तो वह बड़ी तेजी से चिखने लगी और मुझे कहने लगी कि तुम पहले दरवाजा बंद कर दो। मैं अब दरवाजा बंद करते हुए उनके पास जैसे ही आया तो वह अपने कपड़े खोलने लगी। जब उन्होंने अपने कपड़े खोले तो वह मेरे सामने एकदम से नंगी थी। मैंने उनका नंगे बदन को देखा तो मेरा मूड और भी ज्यादा खराब हो गया उनका शरीर बहुत ही टाइट था और मैं उसे देखकर बहुत ही खुश हो रहा था। उनके शरीर में एक भी बाल नहीं था और उनके स्तन बाहर की तरफ निकले हुए थे उनकी गांड का साइज बहुत बड़ा था मैंने जब उनकी गांड का साइज़ देखा तो मैं बहुत ही खुश हुआ। मैंने उन्हें कहा कि आपकी गांड तो बहुत ही ज्यादा बड़ी है।

वह कहने लगी कि बड़ी तो है लेकिन तुम्हारे भैया ने कभी उसे इस नजरों से देखा ही नहीं और ना ही वह मुझसे कभी भी अच्छे से सेक्स करते हैं। मैंने जैसे ही भाभी की गांड पर हाथ लगाया तो वह बहुत ही मुलायम थी मैं उसे बड़ी तेज तेज दबा रहा था मैंने उसे इतनी तेज दबाया कि वह चिल्लाने लगी और उनकी गांड को दबाते दबाते मैंने उनकी चूत मे उंगली डाल दी। मैंने अपनी उंगली डाली तो उनका चूत का पानी निकलने लगा और मैं उनकी चूत के अंदर बाहर करता। मैंने बहुत देर तक उनकी चूत मे ऐसे ही करना जारी रखा और अब वह मेरी तरफ मोहित हो गई थी। मैं ऐसे ही उनकी चूत मे उंगली करता जा रहा था उनका पानी गिरने लगा तो मैंने अपने मुंह को उनकी चूत मे लगा दिया जैसे ही मैंने अपने मुंह को उनकी चूत मे लगाया तो उनके अंदर की उत्तेजना और ज्यादा बढ़ गई। उन्होंने थोड़ी देर बाद मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और उसे बड़े ही अच्छे से वह चूसने लगी। वह बहुत अच्छे से मेरे लंड को चूस रही थी जिससे की मेरा वीर्य टपक रहा था और मेरा माल तेजी से उनके मुंह के अंदर जा गिरा। अब उन्होंने मेरे लंड को दोबारा से खड़ा करते हुए मैने उनकी चूत के अंदर डाल दिया। जैसे ही मैंने लंड डाला तो उनकी चूत बहुत ही गर्म और मुलायम थी। मैंने जैसे ही उनके दोनों पैरों को खोलते हुए धक्का मारना शुरू किया तो वह मादक आवाज निकालने लगी और वह बहुत ज्यादा उत्तेजित होती जैसे ही मैं उनकी चूत को मारता जाता।

अब भी उनकी चूत बहुत ज्यादा टाइट थी और मैं ऐसे ही धक्का मारता जाता मुझे बहुत ही मजा आ रहा था और उन्हें भी मज़ा आने लगा। मैं ऐसे ही अंदर-बाहर उनकी चूत मे अपने लंड को करता जाता जिससे कि वह बड़ी तेज चिल्लाने लगी और मुझे बहुत ही मजा आ रहा था उन्हें चोदते हुए। मुझे बिल्कुल भी नहीं लग रहा था कि वह मेरी भाभी हैं क्योंकि वह मेरा पूरा साथ दे रही थी और मैं ऐसे ही उन्हें तीव्र गति से झटके मारता जाता। मैंने इतनी तेज तेज झटके मारने शुरू किए कि उनका शरीर हिलने लग गया और मैंने उनके स्तनों को अपने मुंह में ले लिया। मैंने उनके स्तनों को बहुत तेजी से दबाया और उनके दूध को भी पी लिया मैं अब उन्हें ऐसे ही चोदता जा रहा था। मैंने बहुत देर तक उन्हें चोदना जारी रखा जिससे कि उनके अंदर की उत्तेजना बढ़ गई और उन्होंने अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया। मैंने ऐसे ही उन्हें झटके मारना अभी भी जारी रखा कुछ देर बाद वहां झड चुकी थी और वह अब अपने पैरों को खोलकर ऐसे ही लेटी हुई थी। मैं अब भी उन्हें धक्का मारने पर लगा हुआ था थोड़ी देर बाद उन्होंने अपनी चूत को टाइट कर लिया जिससे मैं बर्दाश्त नहीं कर पाया और मेरा वीर्य पतन हो गया। मेरा वीर्य उनकी योनि के अंदर ही जाकर गिरा और मैं बड़ी शांति से कुछ देर लेटा रहा उसके बाद करुणा भाभी प्रेग्नेंट हो गई।