बाबूजी ज़रा धीरे चोदो


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हेल्लो मेरे प्यारे साथियों मुझे आज आप लोगो के सामने एक बहुत ही अजीब घटना पेश करनी है जो की शायद आप लोगों ने ना तो कभी सुनी होगी और ना ही कभी किसी के साथ ऐसा होते हुए देखा होगा | मुझे तो कहते हुए भी शर्म आ जाती है इस बात को कहकर क्यूंकि क्या ऐसा हो सकता है | देखिये आप सब तो जानते हैं देश में चुदारु और महा पुरुष लोगों को पूजा जाता है और उनके कई चाहने वाले है | उनका दर्जा भगवान् के समान होता है पर कभी अगर उनकी असली जिंदगी में झाँक के देखो तो पता चल जाएगा कि कितना मुश्किल होता है ये सब | उनके पास इस चीज़ के बाद इफराद पैसा और दौलत और चेले चपाटी हो जाते हैं और वो भी इस सब का आनंद लेते हैं | मिझे भी याद है मैं एक गाँव में गया था वह एक चुदारु का प्रवचन चल रहा था और लोग उन्हें बड़े गौर से सुन रहे थे | और जैसे ही प्रवचन ख़त्म हुआ लोगो ने अपने गहने पैसे और ना जाने क्या क्या चुदारु को चढ़ावे में दिया और वो सब रख लिया गया पर गया कहाँ मुझे पता नहीं |

मैं तो पेशे से एक पुलिस वाला हूँ पर मुझे यहाँ दाल में कुछ काला लग रहा था और मैं नहीं चाहता था की कोई ऐसा व्यक्ति लोगों की भावना के साथ खेले जो अन्दर से मुजरिम हो | मैंने कई बार पता लगेने की कोशिश की और लोगों से भी पुछा पर मुझे कुछ भी हासिल नहीं हुआ और अंत में मुझे लगने लगा मुझे ही सब कुछ करना पड़ेगा और वो भी अकेले | एक दिन मैंने सोचा क्यूँ न चुदारु का पीछा किया जाए कुछ न कुछ तो पता चल ही जाएगा | अच्छा ऐसे लोग बड़े ही शातिर होते ये लोग खुल के सामने नहीं आते ये लोग ख़ुफ़िया तरीके से अपना काम करवाते है | मैंने कई बार जाना चाहा पर उसके चेले लोगों ने मुझे रोक दिया और कहा चुदारु के आराम का वक़्त है आप कल सुबह सभा में आ जाना | मुझे अब यकीन होने लगा था यहाँ कुछ बहुत बड़ा चल रहा है जो लोगों से छुपा हुआ है और मुझे ये किसी भी कीमत पर जाना था | जब मैं वापस लौट रहा था तब मैंने देखा एक औरत रीते हुए आई और उसे अन्दर ले जाया गया |

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अब तो मेरा रुकना बनता था क्यूंकि अगर में उनसे बेहेस करता कि उसे जाने दिया पर मुझे नहीं तो बड़ा बवाल हो जाता इसलिए मैं वही बहार के मोड़ पे रुक गया और उस औरत का इंतज़ार करने लगा | मुझे लगा था कि वो जल्दी आ जाएगी पर पोरी रात निकल गयी और अगली सुबह वो बहार आई | मैंने उसे रोका और पुछा आप क्या कर रहीं थी अन्दर तो उसने कहा कुछ नहीं | मुझे लगा अब मुझे अपने पुलिस वाले का रूप दिखाना ही पड़ेगा | मैंने कहा मैं इंस्पेक्टर राम हूँ अगर आपने नहीं बताया तो ठाणे में पूछताछ करूँगा आपसे | उसने मुझे बताया कि वो माँ नहीं बन पा रही है और चुदारु ने उसका इलाज किया पूरी रात | मैंने जब पुछा कैसा इलाज तो वो शर्माने लगी और मुझे समझ आगया ये चुदारु हवास का पुजारी है | पहला तो उस औरत ने अपने चेहरे से ज़ाहिर कर दिया और दोस्सरा जब वो रात में गयी थी तो उसका ब्लाउज लाल था और आज नीला हो गया | तीसरा उसके बाल बिखरे हुए थे और चौथा उसकी गर्दन पे नाख़ून के निशाँ थे | मैं समझ गया ये साला औरतों के साथ सम्भोग करता है |

मैंने कभी भी सोचा था इस भलाई के परदे के पीछे इतना घिनौना खेल चल रहा होगा | मुझे तो लग रहा था कि अगर मुझे बन्दूक चलने की आजादी होती तो ये राम अभी उस रावण और उसकी लंका का अकेले देहें कर देता | मेरे बारे में एक बात समझ लो मैं मारता कम और घसीटा ज्यादा हूँ | मैंने ये सोच लिया था कि इस बहनचोद की बारात पूरे शेर में निकालूँगा और इसकी ऐसी माँ चोदुंगा कि इसकी रूह काँप जाएगी | मैंने अपने दोस्त रजीव को बुला लिया था | वो भी मेरे जैसा जांबाज़ ऑफिसर था और उसको भी पंगा लेना काफी अच्छा लगता था | एक बार की बात है राजीव और मैं एक गाँव में थे और वो शेर का है तो उसे ये माहोल सूट नहीं होता | वहां ज़मींदार लोग हम लोगो पे गोली चला रहे थे | उसने मुझसे कहा राम भाई अगली बार ऐसा कोई काम नहीं करेंगे और गाँव तो बिलकुल नहीं यहाँ धूल के साथ गोली भी मिल रही है | मैंने कहा था भाई अगली बार बड़ा पंगा लेंगे बड़ा गाँव देखेंगे | वो सब मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था क्यूंकि मैंने कुछ भी नहीं किया और मुझे चुदारु की साड़ी पोल पट्टी पता चल गयी थी |

फिर मैंने बनाया एक जाल और उसमे मुझे खुद की जान को खतरे में डालना था इसलिए मैंने राजीव से कहा भाई एक मस्त सी रंडी को बुला | उसने पुछा क्यूँ क्या हुआ | मैंने कहा भाई बस अब इस देश में सुधार की लहर दौड़ेगी | उसने भी कहा ठीक है और हम लोग तो पुलिस वाले थे तो रंडियां हमारे आगे पीछे घूमती रहती थी | अब अगले दिन चुदारु की सभा थी और मुझे पता था ये ठरकी मस्त सी लड़की को देख के फिसल ही जाएगा | अब वो रंडी शेर के छोटे छोटे कपडे पेहें के आ गयी और चुदारु साला पूरी सभा में उसको ही देखे जा रहा था | मैंने सोचा इसकी माँ चुदी आज | मैंने उस रंडी से कहा सुनो आज तुम बहुत अच्छा काम कर रही हो इससे हमारे देश की जनता बच जाएगी | उसने कहा सर आप नहीं जानते आपने एक बार मेरी जान बचायी है और आपके लिए में इंतना नहीं कर सकती | उसने कहा सर अगरत इसे पता चला तो ये मुझे मार डालेगा इसलिए आज एक आखरी बार मेरी जान बचा लेना | मैंने कहा चिंता मत करो |

उसने जाते जाते कहा सर अगर देश के लिए मर भी गयी तो गम नहीं होगा | मेरी अंक से आंसू निकल आये | चुदारु उसके पास आया जैसा कि मैंने और राजीव ने सोचा था | पर उसने उस लड़की को तुरंत अपने साथ अआने को कहा और हम लोग अन्दर नहीं जा पाए | फिर मैंने कहा राजीव चल इनको अपना पुराना रूप दिखा ही देते हैं | हम लोग पीछे के दरवाज़े पर गए जहाँ दो लोग थे मैंने उन दोनों को चुपके से गर्दन मरोड़ के मार दिया और राजीव ने कैमरा लगाना चालू कर दिया | मैंने सबसे पहले उस लड़की को चोदना शुरू किया और एक नौकर को मैंने कब्ज़े में लेके पोचा कहा है वो बता | उसने बताया अन्दर वाले कमरे में | मैं वह गया और राजीव भी आ गया | कैमरा लगाया और अब देखना था चुदारु करता क्या है | चुदारु ने उस रंडी को नागा कर दिया और उसकी चूत में हाथ डालने लगा और चाटने लगा | वो पहले तो ठीक थी पर साले ने अब दोनों हाथ अन्दर डालना शुरू किया और वो अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहहाआअ अहाआअ हहहाआअ अहहहा ऊउंह ऊम्म्म्ह ऊउम्म्म उऊंन्न अहहहाआअ आआहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ अहहहः आआऊँ ऊनंह ऊनंह ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह आहाआ हहाआअ करने लगी |

उसके बाद चुदारु अपना लंड निकाल के उसे बेरहमी से चोदना शुरू कर दिया और १० मिनट बाद उसकी चूत के ही अन्दर झड़ गया | अब उसने रंडी के दूध को काटना शुरू कर दिया और उसके निप्पल से हल्का हल्का दूध गिरने लगा था | साला हरामी चुदारु था वो मुझे लग रहा था मादरचोद का लंड काट दूँ | पर मैंने खुद पे काबू रखा और आगे देखा | उसने अपने दस साथियों को बुलाया और दो लंड उसकी चूत में और एक उसकी गांड में और एक मुह में डलवा दिया | मैंने कभी इतन्बा बेरेहेम इंसान नहीं देखा था वो बेचारी चुद चुद के थक गयी थी और उसके पूरे बदन पे मुठ ही मुठ था | और वो सारे उसे सुबह तक छोड़ने की बात कर रहे थे | मेरे सब्र का बाँध टूट रहा था और रजीव ने सब कुछ कैद भी कर लिया था |

मैंने राजीव से कहा भाई मुझे बस रोकना मत | पहले तो मैंने सबकी मस्त गांड तोड़ी और चुदारु को तो इतना मारा उसके लंड को तोड़ दिया मैंने | उस रंडी को उठाया और राजीव ने कहा तुम जाओ अब मेरी भी बारी है | राजीव ने भी तबीअत से सबको मारा और हमने पहले गाँव वालो को उनकी असलियत दिखाई फिर पुलिस वाला काम किया | तो दोस्तों आगे से याद रखना कोई चुदारु ऐसा नहीं कर सकता इंसान अपनी मदद खुद कर सकता और अगर ज्यादा दिक्कत है तो इलाज करवाइए ऐसे फर्जी जाल में मत फसिये |