बहन की जवान ननद को अपने लंड का शिकार बनाया


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मेरा नाम अजय है और मैं ट्रांसपोर्ट का काम चलाता हूं। मेरी उम्र भी 40 वर्ष है। मुझे ट्रांसपोर्ट का काम करते हुए काफी वर्ष बीत चुके हैं परंतु अब मेरे अंदर बहुत ज्यादा गुस्सा भर गया है। क्योंकि मेरी पत्नी भी मुझसे घर में अच्छे से बात नहीं करती और ना ही वह मुझसे ज्यादा संबंध रखती है। इस वजह से मुझे उससे बात करना बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता और मैं जब भी घर में होता हूं तो अपने बच्चों के साथ समय बिताता हूं। मैं उन्हीं के साथ अपना टाइम पास कर लिया करता हूं। वह भी बहुत खुश हो जाते हैं और कहते हैं पापा जब भी आप घर पर होते हो तो हमें बहुत अच्छा लगता है। मुझे सिर्फ मेरे बच्चों से ही प्यार है और मेरी पत्नी से तो मुझे बिल्कुल भी लगाओ नहीं है। क्योंकि वह अपने ही कामों में व्यस्त रहती है। उसे किटी पार्टी का बहुत शौक है और हमारे मोहल्ले में जितनी भी किटी पार्टीज होती हैं उनमें वह बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया करती है और अपने आप को बहुत ही ज्यादा मॉडर्न दिखाने की कोशिश करती है। परंतु वह अंदर से बिल्कुल ही समझदार नहीं है। उसके अंदर समझ नाम की बिल्कुल भी कोई चीज नहीं है। इस वजह से मैं उससे ज्यादा बात नहीं करता और जब मैं घर पर भी होता हूं तो सिर्फ अपने बच्चों के साथ ही समय बिताना मुझे अच्छा लगता है।

मेरी पत्नी के नेचर की वजह से मेरे छोटे भाई का भी मेरे घर पर आना नहीं होता। पहले तो वह बहुत ज्यादा आया करता था परंतु अब उसके व्यवहार की वजह से उसे हमारे घर आना बिल्कुल भी पसंद नहीं है। क्योंकि एक बार मेरी पत्नी ने मेरे भाई को बहुत ज्यादा बुरा भला कह दिया था। जो कि उसे बहुत ज्यादा बुरा लगा। उसके बाद से वह बिल्कुल भी नहीं आता और उसने मेरे घर पर आना बंद कर दिया है। वह मुझे कहता है कि भैया यदि आप घर पर होंगे तभी मैं आपके घर पर आऊंगा और मुझे सिर्फ आपसे ही मिलना है। मुझे भाभी से बिल्कुल भी बात नहीं करनी है और ना ही मुझे उनसे कोई संबंध रखना है। उन्होंने मेरे बारे में इतना बुरा भला कहा जिसकी वजह से मुझे बहुत बुरा लगा। मैं अपने भाई को कई बार समझाता था कि तुम तो समझदार हो, तुम तो मेरे घर पर आ ही सकते हो लेकिन वह बिल्कुल भी मानने को तैयार नहीं था और कहता था कि मुझे बिल्कुल भी भाभी से बात नहीं करनी है। वह मुझसे अक्सर मिलने आ जाया करता था और मेरा हाल-चाल पूछ लिया करता था। वह भी अपने काम में बहुत व्यस्त रहता था इस वजह से उसे बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता था और मैं भी अपने काम में व्यस्त था। इसलिए मुझे भी ज्यादा समय नहीं मिल पाता था।

एक दिन मेरा भाई मेरे पास आया और कहने लगा कि बहन की तबीयत बहुत खराब है लेकिन मेरे पास समय नहीं है तुम उसे देख आओ। मेरी बहन का नाम सीमा है और मैंने उसे यह कहा कि हां मैं उसे देख आता हूं। मैंने यह बात अपनी पत्नी को बताई तो उसने इस बात में भी अपना मुंह फुला लिया और मैं गुस्से में ही घर से चला गया। जब मैं घर से गया तो मैं अपनी बहन के यहां पहुंच गया। जब मैंने अपनी बहन को देखा तो उसकी तबीयत काफी खराब थी। मैंने उसे पूछा कि तुम्हारी तबीयत को क्या हो गया है। वह कहने लगी की पता नहीं अचानक से तबीयत बिगड़ गई और डॉक्टर ने मुझे आराम करने के लिए कहा है। मैं यह बात सुनकर बहुत ही ज्यादा दुखी हुआ। मेरे जीजाजी का नाम राजवीर है और वह एक बहुत बड़े कारोबारी हैं। उनका परिवार भी बहुत अच्छा चलता है। वह भी जब मुझे मिले तो मैंने उनसे अपनी बहन के बारे में पूछा। वह कहने लगे, मुझे भी पता नहीं अचानक से कैसे तबीयत खराब हो गई लेकिन डॉक्टर ने आराम करने के लिए कहा है।

मैंने उन्हें कहा अब सीमा का कौन ध्यान रखेगा। वह कहने लगे तुम उसकी चिंता मत करो। मेरी बहन सुहानी है, वह उसका ध्यान रखा करेगी। मैं उनकी बहन से बहुत पहले मिला था और उसकी उम्र भी मुझसे 10 वर्ष छोटी है। उस समय वह स्कूल में ही पढ़ा करती थी। क्योंकि जब मेरी बहन की शादी हुई थी उसके कुछ वर्षों बाद मैं उसे मिला था। जब मैं उससे मिला तो मैं उसे बिल्कुल भी नहीं पहचान पाया। उसका नाम सुहानी है। मैंने सुहानी से कहा तुम तो बहुत ज्यादा बदल चुकी हो। मैंने तुम्हें काफी वर्षों पहले देखा था। परंतु अब तो तुम्हारी शक्ल सूरत पुरी बदल चुकी है। मेरे जीजा जी कहने लगे कि उम्र भी तो ज्यादा हो चुकी है। हम लोग सुहानी के लिए कोई लड़का देख रहे हैं। यदि कोई लड़का मिल जाएगा तो हम इसकी शादी करवा देंगे। मेरे जीजा जी मुझे कहने लगे कि मैं अब अपने काम पर चलता हूं और मुझे शायद आने में देर हो जाएगी, या हो सकता है मैं सुबह ही आऊं। अब तुम दोनों लोग सीमा का ध्यान रख लेना। यह कहते हुए वह चले गए। अब मैं अपनी बहन से बातें करने लगा। उससे पूछने लगा कि तुम्हारी तबीयत कैसी बिगड़ती गई। वह कहने लगी कि मैंने बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया। डॉक्टर ने मुझे पहले ही परहेज के लिए बोल दिया था परंतु मैंने बिल्कुल भी परहेज नहीं किया। उसके बाद से मेरी तबीयत बहुत ज्यादा खराब होती चली गई और अब मुझे डॉक्टर ने आराम करने को कह दिया है।

घर का खाने का काम सारा सुहानी संभाल रही थी और साफ-सफाई का काम भी वही देख रही थी। मैं अपनी बहन के साथ ही बैठ कर बात कर रहा था और तभी सुहानी आ गई। वह भी हमसे बातें करने लगी। सुहानी रात को नहाने के लिए अपने बाथरूम में चली गई और वह जैसे ही बाहर आई तो मैंने खिड़की से उसे नंगा देख लिया। उसका बदन देखकर मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं गया। मैं तुरंत ही दरवाजा खोलते हुए अंदर कमरे में चला गया और उसके बदन को मैंने जैसे ही छुआ तो वह पूरी गरम हो गई। उसकी योनि में एक भी बाल नहीं था और उसकी पिंक चूत मुझे अपनी तरफ आकर्षित कर रही थी। मुझे ऐसा लग रहा था मानो उसकी पिंक चूत मुझसे कह रही थी कि मेरी चूत मे अपने लंड को डाल दो। अब मैंने उसे वहीं बिस्तर पर पटक दिया और उसके होठों को किस करना शुरू कर दिया। मैंने उसे अच्छे से किस किया कि उसकी चूत पूरी गीली हो गई। मैंने तुरंत ही उसकी योनि के अंदर अपने मोटे और तगड़े लंड को डाल दिया। जैसे ही मेरा मोटा लंड उसकी योनि में घुसा तो वह चिल्ला उठी और उसके मुंह से बड़ी तेज आवाज निकलने लगी।

मैंने उसको दोनों पैरों को खोल दिया। मैंने उसकी चूत का भोसड़ा बना दिया लेकिन जब मैंने नीचे देखा तो उसकी योनि से खून टपक रहा था मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था। मैं उसे  झटके दिए जा रहा था। मैं उसकी सुंदरता को देखकर मोहित हो रहा था जब मैं उसके स्तनों को देखता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता। मैं उसके स्तनों का रसपान करने लगा और बडे ही अच्छे से चूसने लगा। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जब मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर अच्छे से चूसता जाता। मैंने उसके दोनों पैरों को कसकर पकड़ रखा था और उसे बड़ी ही तेजी से मै धक्के मार रहा था। अब वह भी पूरे मूड में आ गई वह मेरा भरपूर साथ देने लगी। उसके मुंह से अब बड़ी तेज तेज आवाज निकल रही थी वह सिसकियां ले रही थी। वह इतनी तेजी से सिसकियां लेने लगी की मुझे भी मजा आने लगा और मेरे अंदर की उत्तेजना और तेज बढ़ने लगी। जब भी वो सिसकियां लेती तो मुझे ऐसा लगता कि जैसे मेरा लंड उसकी चूत मे पूरा अंदर तक जा रहा है वह बहुत ही खुश हो रही है। मैं उसे ऐसे ही बड़ी तीव्रता से धक्के दिया जा रहा था उसका शरीर का गर्म हो चुका था। वह बहुत अच्छे से मेरे होठों को अपने होठों में लेकर किस करने लगी। उसने मुझे कसकर पकड़ लिया और अपने दोनों पैरों के बीच मुझे बहुत ही तेजी से जकड़ना शुरू कर दिया। मैंने भी उसे बड़ी तेज तेज झटके देने शुरू किए। उसने अपनी योनि को कुछ ज्यादा ही टाइट कर लिया और उसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हुआ। मेरा वीर्य तुरंत ही गिर गया और जैसे ही मेरा वीर्य गिरा तो हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे। मैं उसके ऊपर लेटा हुआ था और वह बहुत ही खुश नजर आ रही थी।


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