आंटी ने अपनी दुकान में गांड मरवाई भाग २


फिर उन्होंने मेरा लंड अपने मुँह से निकाला और खड़ी हो गई। में पहली बार क़िसी नंगी औरत को अपने सामने देख रहा था। अब मैंने जो जो किताब में देखा में वैसे ही कर रहा था। फिर मैंने उनके बड़े-बड़े बूब्स को अपने हाथों में पकड़ लिया और उन्हें पीने लगा और उनके निप्पल को चूसने लगा। वो सीईईईई उूउउफफफफफ्फ़ आआआआ आआआ करने लगी। फिर मैंने पूछा कि आंटी क्या दर्द हो रहा है? तो वो बोली नहीं मेरे बच्चे में ये मज़े में कर रही हूँ, तू अपना काम जारी रख। फिर में उनका पेट चाटते हुए उनकी चूत तक पहुंचा और उनकी क्लीन शेव चूत पर अपनी जीभ रखी तो मुझे नमकीन टेस्ट लगा। शुरू में तो मुझे अजीब लगा, लेकिन फिर मुझे बहुत टेस्टी लगने लगा। फिर उन्होंने मुझे नीचे फर्श पर लेटा दिया और मेरे मुँह पर अपने बड़े-बड़े चूतड़ रख दिए। अब मेरा पूरा चेहरा उनकी गांड के नीचे था और अब वो अपनी गांड का छेद मेरे मुँह पर रगड़ने लगी और पागलों की तरह सिसकारियां लेने लगी।

अब में उनकी चूत और गांड को चाट रहा था और वो चिल्ला रही थी कि चाट डाल चाट ले आाआआई हाआआई राजा तू तो बड़ा अच्छा चाट रहा है, वाआआअ जीभ अंदर डाल मेरी जान, हाआआआआआई आाआई चूउऊउउस ले सारा रसस्स्स्स्स्स्स्सस आआईई, में तुझे रोज खूब सारी चॉकलेट दूँगी मेरे बच्चे हाईईई। अब उनकी नज़र मेरे 5 इंच के लंड की तरफ गई जो कि बाथरूम की छत की तरफ तना हुआ देख रहा था। फिर वो बोली कि बेटा इतनी कम उम्र में भी तेरा लंड बहुत बड़ा है। मुझे तो लगा 2-3 इंच का ही होगा और मेरी चूत में भी नहीं जा पायेगा, लेकिन ये तो अच्छा ख़ासा लम्बा है। ये कहते-कहते वो मेरे लंड पर झुककर उसे फिर चूसने लगी। अब हम 69 पोज़िशन में थे और अब वो मेरी दोनों टाँगे अपने हाथों से चोड़ी करके मेरी गांड भी चाटने लगी और बोली कि आज सारा पूरी चाटकर साफ कर दूंगी मेरी जान। अब मुझसे भी कंट्रोल नहीं हुआ और में झड़ गया। अब मेरे लंड में से गाड़ा पानी निकलने लगा, वो सारा का सारा पानी पी गयी। फिर मैंने कहा कि ये मेरे लंड से क्या निकल रहा है? तो वो बोली बेटा ये रस ही तो सबसे कीमती चीज़ है, अब तू जवान हो गया है।

अब मेरा पूरा जिस्म अकड़ गया था और इतने में दरवाज़ा किसी ने खटखटाया तो उसने आवाज़ लगाई और बोली कौन है? तो बाहर से उनके पति की आवाज़ आई और वो बोले कि बहनचोद किसकी माँ चोद रही है दरवाज़ा तो खोल, में भी तो देख लूँ। अब में बुरी तरह से डर गया और रोने लग गया। फिर वो बोली कि तू क्यों अपने अंकल से डर रहा है? ये तो खुद मुझे अपने दोस्तों से चुदवाकर बैठकर देखता है। फिर उसने थोड़ा सा दरवाज़ा खोला तो अंकल ने अंदर गर्दन डालकर देखा और मुझे उसके नीचे देखकर बोला क्यों इस बेचारे का दम निकाल रही है? में इतने सारे लंड दिलवाता तो हूँ। अब में अंकल से नज़र नहीं मिला पा रहा था।

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फिर वो बोली कि अजी तुम जाओ और मुझे अपना काम करने दो, खुद से तो कुछ ढंग से होता नहीं, में रात से बोल रही हूँ चोद दो चोद दो, फिर किताब देखकर मुझे सेक्स चढ़ा हुआ था तो सोचा कि इससे ही प्यास बुझा लूँ। अब तुम जाओ और दुकान पर बैठो, में 10 मिनट में आ रही हूँ और दरवाज़ा बंद कर दिया। फिर वो मुझसे बोली कि बेटा तू डर मत कोई प्रोब्लम नहीं है तू मजे कर। फिर वो मेरे लंड को सहलाने लगी और अपने बूब्स से रगड़ने लगी। अब मेरा लंड फिर से तन गया। फिर वो हँसकर बोली कि ये तो बड़ी जल्दी तैयार हो गया। चल अब तुझे असली जन्नत की सैर करवाती हूँ। ये कहते हुए वो मेरे लंड पर अपनी गांड रखकर बैठ गई और अपनी रोटी जैसी चूत धीरे से मेरे लंड पर सटाकर दबाने लगी। अब मेरा लंड उसकी गीली चूत में पूरा समा गया था। मुझे ऐसा लगा कि मानो जैसे मेरा लंड भट्टी में हो। अब मेरे दोनों हाथों को उसने अपनी चूची पर रखकर उन्हें मेरे हाथों में थमाकर कहा जितनी जान हो उतनी जान लगाकर उन्हें खींच।

फिर में ऐसा ही करने लगा और अब वो ज़ोर-ज़ोर से उछलने लगी और चिल्लाने लगी, आआआई दैयय्या उूउउम्म्म्मममम आआआआआआआ चोद डाल राजा, आआआआआई हाआआआआआआई हाआआआ उूउउइ, मेरी चूत की सारी गर्मी निकाल दे। अब में उनके नीचे पड़ा हुआ उनकी चूत से चुद रहा था, लेकिन उनका वज़न बहुत था तो में नीचे दब भी रहा था। फिर मैंने कहा कि आंटी में नीचे दब गया और मुझे सांस भी नहीं आ रही है हट जाओ, तो वो हंसकर बोली कि रुक जा। फिर वो उठी और घोड़ी बनकर बोली कि बेटा मेरी गांड के छेद में डाल, फिर मैंने कोशिश की तो लंड अन्दर नहीं गया। फिर उन्होंने शैम्पू लिया और मेरे लंड पर लगाया और अपनी गांड पर भी लगाया। फिर अपनी गांड पर मेरा लंड रखकर अपनी गांड पीछे की तो मेरा आधा लंड उनकी गांड में घुस गया। फिर मैंने और ज़ोर लगाया तो मेरा लंड उनकी गांड में पूरा फिट हो गया। अब मुझे उनकी गांड मारने में बहुत मज़ा आ रहा था, क्योंकि चूत के मुक़ाबले गांड ज्यादा टाईट थी। अब वो अपनी गांड पीछे धकेलकर मुझसे अपनी गांड मरवाती रही। फिर वो पलटी और अपनी टाँगे पूरी चोड़ी करके अपने हाथों में पकड़ ली और कहा कि अब नहीं रहा जा रहा है, मुझे भी झाड़ दे राजा।

फिर मैंने अपने धक्को की रफ़्तार तेज़ की, तो वो मछली की तरह नीचे फर्श पर लेटी तड़प रही थी। अब में धक्के मारता हुआ उनके बड़े-बड़े काले निप्पल के दाने चूस रहा था, अब पच पच की आवाजें पूरे बाथरूम में गूँज रही थी। फिर एक चीख के साथ उन्होंने अपनी पिचकारी छोड़ दी और फिर उन्होंने मुझे टावल से साफ करके मेरे कपड़े मुझे पहनाकर और कंघी करके उन्होंने मुझे फिर से तैयार कर दिया। अब में बाहर आया तो अंकल जी मुझे देखकर हंस रहे थे। अब मेरा शरम के मारे बुरा हाल था और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था।

फिर उन्होंने मेरे सिर पर हल्के से मारकर कहा कि चोद आया मेरी बीवी को, तो में और शरमा गया। इतने में आंटी साड़ी पहनकर बाहर आई और बोली क्यों परेशान कर रहे हो बेचारे को? डर गया तो फिर नहीं आयेगा। अब आंटी ने मुझे एक चॉकलेट का पैकेट और दिया और एक फ्रूटी भी दी और कहा कि बेटा किसी को कुछ मत बताना। में तुझे रोज और अच्छी-अच्छी चीज़ दूँगी और कल थोड़ा और जल्दी आना में तुझे ऊपर वाले फ्लोर पर ले जाकर मज़े दूँगी। फिर मैंने चुपचाप गर्दन हाँ में हिला दी और फिर में स्कूल पहुंचा तो क्लास स्टार्ट हो चुकी थी और मुझे लेट बच्चो के साथ में खड़ा होना पड़ा और मुझे सजा भी मिली, लेकिन मुझे कोई गम नहीं था क्योंकि मुझे इतनी बड़ी औरत की गांड मारने को मिली थी। अब में मन ही मन बहुत खुश था ।।