अन्तर्वासना के चक्कर में बन गयी रंडी


मेरे लंड के दायरे में कभी कोई चूत आए मैं चोदु फटे तक उसको और वो फट जाए | इन्ह्गी शब्दों के साथ आरंभ करता हूँ आज की मस्त मटर वाली कहानी और आपको बताऊंगा कैसे मैं मटर बेचने वाली के साथ बनायीं अपनी सुहाग रात और वो भी बन गयी उस जगह की सबसे बड़ी रंडी | तो दोस्तों यहाँ तक तो सब ठीक है और मुझे कोई दिकत भी नहीं थी पर कभी कभी ऐसा कुछ हो जाता है जिससे आपको वो भी करना पड़ता जिसे आप नहीं करना चाहते | इन सब चीज़िन से ही एक मुकम्मल जिंदगी बनती है और मुझे अच लगता है जब ऐसा कुछ होता है मेरे साथ क्यूंकि मुझे आसान सी जिंदगी पसंद भी नहीं आती | मैं एक बहुत अच्छा घर से हूँ और मुझे पढ़ाई करने का बहुत शौक है | इसलिए मैं नयी नयी चीज़ें खोजता रहता हूँ | मुझे ये वेबसाइट तब ही मिली और मैंने देखा कि यहाँ पे सब अपनी चुदाई की कहानियों का वर्णन करते हैं तो मैं क्यों जाऊ पीछे और मैं भी कूद पड़ा इस दंगल में | दोस्तों वैसे तो मैं बहित ही बड़ा चुदक्कड़ लड़का हूँ और सूरत में रहता हूँ और चुदाई भी मैंने कई बार की है |

तो दोस्तों अब मैं शुरू करता हूँ अपनी मस्त चुदाई गाथा जिसमे मैंने मटर वाली को चोदा और उसको रंडी बना दिया | मैं सूरत पढने के लिए आया था तीन साल पहले और मुझे य७अहन बड़ा ही अच्छा लगा वाकई में गुजरात एक बहुत ही बढ़िया जगह है | यहाँ की लड़कियों की आंखे इतनी नशीली है कि मैं क्या कोई भी डूब जाए इनमे | और एक बात यहाँ की लड़कियां बहुत गरम है इनको चुदने का कुछ ज्यादा ही चस्का लगा रहता है | मैंने ये बात कई बार देखि है क्यूंकि कॉलेज में भी लड़कियां मुझसे चिपकती है | अब हुआ ये कि मैंने एक दिन सोचा खाना बना लेता हूँ और ये सब करने के लिए मुझे सब्जी चाहिए थी | वो मैंने एक आदमी से खरीद ली और उसके बाद बस मटर कम पड़ रही थी | अब मैं देखने लगा मटर कहा मिलेगी तो मैंने देखा एक औरत चली आ रही है ठेला लेके इसी तरफ | अब मैंने सोचा कि चलो मुझे कही और नहीं जाना पड़ेगा | जब वो आई और मैंने उसको देखा तो बस मैं तो वही गिरने वाला था | क्यूंकि वो एक माल थी सावली थी पर उसका चेहरा और बदन !!!! क्या कहने उसके |

मैंने सोचा इससे थोड़ी ज्यादा मटर लेके इसको पटाने की कोशिश करता हूँ | उससे मैंने 50 रुपये की मटर ले ली और 100 का नोट दे दिया अब उसने कहा बाबू खुल्ला नहीं है मेरे पास | मैंने कहा अरे रख लो बाद में आओगी तो दे देना | उसने कहा ठीक है मैं शाम को यही से जाउंगी तो मैंने कहा वो सामने वाले घर में रहता हूँ मैं | वो मान गयी और चली गयी वहाँ से और मैं बस उसके बारे में ही सोचता रहा सब्जी की माँ चुद गयी | अब मेरे सामने दो ही रास्ते थे मुठ मारो या तो मुठ मारो | मैंने मुठ ही मारा खाना तो बाहर से मंगवा लिया | अब शाम हुयी और उसकी आवाज़ मुझे आई | मैंने दरवाज़ा खोला तो वो कड़ी थी और उसके माथे से पसीना बह रहा था जो की सीधे उसकी कमर पे जा रहा था | मैंने देखा और मेरा लंड खड़ा होने लगा | मैंने उससे कहा सुनिए आप अन्दर आइये | वो आई तो मैंने उससे कहा बैठिये मैं अभी पैसे लेके आया | मैंने एक गिलास ठंडा पानी निकाला और उसको दिया उसने पानी पी लिया तब मैंने उसको पैसे भी दे दिए |

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वो उठी और मुझसे कहा बाबू आज तक मेरे साथ ऐसा किसीने नहीं किया आप शायद बाहर से आए हो | मैंने कहा हाँ मैं बनारस से हूँ यहाँ पढाई के लिए आया हूँ | फिर वो चली गयी और अगले दिन वो फिरसे ताज़ी सब्जियां लायी और मटर भी और इस बार उसने अलग से मेरे लिए सब्जियां निकाली और मेरे घर पे आ गयी | जैसे ही वो सब्जियां नीचे रख रही थी तो उसका पल्ला नीचे हुआ और मैंने देखा की क्या मस्त दूध थे उसके | उसने कहा बाबू सब्जी ताज़ी है मैंने कहा हाँ और रसभरी भी | उसने देख लिया मैं क्या देह रहा हु और एक दम से उठी और कहा हाँ वो बोहत रसभरे है | मैंने कहा तो क्झाखने दे दो उसने कहा फुर्सत नहीं है | मैंने कहा पैसे लेलो उसने कहा ज़रूरत नहीं है | मैंने कहा अब तो ज़बरदस्ती लेलो | मैंने उसको पकड़ा और कहा आ जाओ मेरे पास | वो भी हँसते हुए आरे मेरा ठेला बाहर है उसको तो हटा लूँ | वो ठेले को मेरे घर के अन्दर आँगन में ले आई और गेट बंद कर दिया | अब मैंने उसको गुड में उठाया और उसको चूमते हुए घर के अन्दर ले आया |

पहले हम लोग काफी देर तक चिपके रहे और उसने बताया उसका कोई नहीं वो यहाँ अकेली रहती है | वो मेरी बाँहों में थी और सब बता रही थी और मैं आराम से उसके पेट पर और उसकी नाभि में हाथ फेर रहा था और वो मेरे सीने में हाथ फेर रही थी | मैंने कहा खूबसूरत हो तुम पर तुम्हरी जवानी का रस किसने चखा | उसने कहा था मेरा एक भडवा पति उसने छोड़ दिया मुझे | मैंने कहा चिंता मत करो अब जब तक मेरा मन नहीं भरेगा मैं तुम्हे जाने नहीं दूंगा और तुम्हे जब तक यहाँ हूँ अपने पास ही रखूँगा | उसने भी मन नहीं किया और मेरा लंड मसलने लगी | मैंने कुछ नहीं कहा बस उसके दूध पकडके मसलने लगा | उसके बाद जैसे ही मेरा लंड खड़ा होने लगा मैंने उसका ब्लाउज खो दिया और उसके दूध को अपने मुह पे रखवा लिए | मैंने उनको चूम रहा था और उसके बाद मैंने उसके निप्प्लेस को खूब चूसा और वो आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः | मैंने उसके निप्पल को जब तक चूसा जब तक वो कड़े नहीं हो गए | उसके निप्पल जैसे ही चूसना ख़तम किया तब तक मेरा लंड खड़ा हो गया था और बाहर आने के लिए मचा रहा था | मैंने उसको नीचे कलिया और उसने धीरे से मेरा लोअर नीचे करके मेरा बड़ा लंड बाहर निकाला | वो धीरे धीरे उसे हिला रही थी और मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था |

मैंने उससे कहा अब इसको मुह में भी लेलो | उसने कहा कभी लिया नहीं है | तो मैंने कहा अब लेलो न उसने धीरे से मेरा सुपाडा मुह के अन्दर लिया और टोपा हटा दिया | वो किसी चूरन के तरह मेरे लंड को चाट रही थी और फिर चूसने लगी | मैं आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करने लगा | उसने मेरा लंड खूब देर तक चूसा और मुझे झड़ा दिया | अब मैंने कहा अपनी चूत खोलो तो वो मेरे सामने पूरी नंगी हो गयी | मैंने देखा उसकी चूत पे बाल है तो मैंने कहा इसको मस्त बना देता हूँ | मैं अन्दर से अपना शेविंग का सामान लाया और उसकी चोट के बाल साफ कर दिए | उसकी चूत कसी हुयी थी बिलकुल किसी माल पुए जैसी | मैंने उसको चाटना चालु किया और वो आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः करने लगी जोर जोर से | उसकी चूत से 5 मिनट बाद पानी निकलने लगा और मैं उसके पानी को पीता गया | वो बस आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः कर रही थी |

मैंने कहा अब मेरा लंड अन्दर जाएगा इस चूत के | मैंने तेल लगाया और एक ही बार में कसके एक झटका मारा और पूरा लंड अन्दर कर दिया | वो चीखने लगी पर मैंने चुदाई जारी रखी | तोड़ी देर बाद वो भी मज़े लेने लगी | मैं भी आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः कर रहा था और वो भी | उसको मैं कई महीने तक चोदा और उसको माँ भी बना दिया था | मैंने अपने दोस्तों के साथ भी उसको चोदा और चुदवाया भी | वो अब पूरी रंडी बन चुकी थी और उसको चोद चोद के पूरा मज़ा ले लिया और फिर सब ख़तम हो गया वो चली गयी कही और |