आजा ओ…. रानी हम खेले चुदाई का खेल


हाय फ्रेंड्स, मैं नीतेश आप के सामने एक नयी कहानी ले कर पेश हुआ हूँ | मेरा नाम नीतेश है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ | मेरा कद 5 फुट 6 इंच है और मैं बदन गठीला है | मैं अभी एक कॉलेज स्टूडेंट हूँ, और मैं डॉन बास्को कॉलेज से अपनी बी.कॉम की पढाई कर्र रहा हूँ | अब मैं ज्यादा बोर न करते हुए कहानी पर आता हूँ |

ये घटना तब कि है जब न्यू सेशन के एडमिशन चल रहे थे और मैं वहाँ के जो प्रेसिडेन्ट थे कॉलेज के उनसे काफी अच्छी जान पहचान थी और वो गुंडा भी था उसका नाम राजन था | एडमिशन के दौरान मैं वहीँ गेट के पास बैठा था तो तभी वहाँ एक मस्त सुंदर सी लड़की दिखाई दी | यार इतनी प्यारी और इतनी स्वीट सी लड़की मैंने अपनी लाइफ में कभी नहीं देखी | मैं तो देखते ही उसका कायल हो था, फिर मैं उसके पीछे पीछे जाने लगा तो देखा कि वो एडमिशन फॉर्म लेने लाइन में खड़ी है | जून का समय था और गर्मी काफी थी तो मैं एक जगह छाओं में खड़े हो कर उसे देख रहा था और और वो धूप में खड़ी थी लाइन में बहुत बेचैन सी मासूम सी लग रही थी | वो अपना पसीना पोंछ रही थी इतनी प्यारी सी लग रही थी | तो मैंने सारे फर्स्ट इयर में जो एडमिशन की लाइन में लगे हुए थे धूप में उनको कह दिया कि आप सभी छाओं में जो धूप में खड़े हुए हैं वो सब छाओं में आ जायें | तब सबने छाओं ने आ कर लाइन लगा ली पर उसने नहीं लगायी और वो वैसे ही खड़ी रही तब मुझे बहुत बुरा लगा तो मैंने उनसे कहा कि सुनिए आप क्यों परेशान हो रहे हो ? आ जाइये छाओं में मैं आप को एडमिशन फॉर्म दिलवा देता हूँ लाइन में लगने की जरुरत नहीं | फिर उसके चेहरे पे हलकी सी मुस्कान आई तो फिर मैंने कहा ट्रस्ट मी ! फिर वो छाओं में जा कर खड़े हो गई और फिर मैंने सर से बात करके एक फॉर्म ले लिया और उन्हें पैसे दे दिए फॉर्म के | उसे मैंने फॉर्म दिलवा दिया तो वो उसने थैंक यू कहा और फिर उसने अपना नाम बताया कि मेरा नाम साक्षी है और मैं यहाँ नयी हूँ, आपने मेरी हेल्प की | तो फिर मैंने उसे अपना नाम नीतेश बताया और फिर उसे कहा की आप किसी भी चीज़ की चिंता मत करना इस कॉलेज में अगर एडमिशन में भी दिक्कत होगी तो मैं करवा दूंगा फ्री ऑफ़ कॉस्ट | उसने फिर मुझे गई थी थैंक यू कहा तो मैंने भी माय प्लेजर कह के वहाँ से निकल गया फिर वो भी बाय कहते हुए चली गयी | उसके एडमिशन की भी मैंने बात कर ली | और फिर जब क्लासेज चालू हो गयी तब मैं रोज उसका वेट करता था पर वो मुझे दिखाई नही देती थी ऐसे ही तीन दिन बीत गये | चौथे दिन वो मुझे दिखी तो मैंने उसे हाय किया और और उसने भी मुझे हाय की तो मैंने उससे पूछा कि इतने दिनों बाद तुम आई कोई परेशानी थी क्या |

तब उसने कहा कि मैं यहाँ की रहने वाली नहीं हूँ और मुझे तीन दिन लग गये थे रूम ढूँढने में इसी वजह से मैं कुछ दिन आ नहीं पा रही थी | फिर उसकी क्लास का टाइम हो गया ओर मेरी भी तो हम दोनों अपनी अपनी क्लास में चले गये थे | लंच टाइम हुआ तो वो अकेले ही कैंटीन में बैठ कर लंच कर रही थी और जब मैंने ये देखा तो मैंने अपने दोस्तों से कहा कि तुम लोग आर्डर दो मैं आता हूँ | फिर मैं उसी के पास गया और कहा क्या बात है जी हो गया लंच | तो फिर उसने जवाब दिया कि हाँ बस कर ही रही हूँ आप कर लीजिये तो मैंने कहा नहीं यार ! मैंने जस्ट थोड़ी देर पहले ही लंच किया है, फिर ऐसे ही थोड़ी देर तक हम नार्मल बाते करते रहे | धीरे धीरे हम हम बहुत अच्छे दोस्त बन गये थे और मैं उसकी उसके एग्जाम टाइम में और नोट्स और असाइनमेंट बनाने में हेल्प कर दिया करता था | मैंने उसकी पहचान कॉलेज के प्रोफेसर्स से भी करवा दी थी जिससे उसे काफी मदद मिल जाया करती | जब मैं फाइनल इयर में पंहुचा और वो सेकंड इयर में आई तब हम दोनों की दोस्ती काफी अच्छी बढ़ गई | और जब भी वो अपने क्लास मेट्स के साथ ग्रुप में जाती थी तो वो मुझे भी बोलती थी कि आप भी चलो न तो मैं भी उनलोगों के साथ घूमने चल देता था | और जब हमारा ग्रुप कभी कहीं घूमने जाता था तो मैंने उसे इनवाईट करता था | एक दिन मैंने सही मौका पा कर उससे अपने प्यार का इज़हार कर दिया था और उसने भी मुझे हाँ कर दी | अब हम दोनों ने ग्रुप में घूमना फिरना ग्रुप के साथ बंद ही कर दिया था और अकेले ही मेरी बाइक पर घूमने निकल जाते थे | जब वो मुझसे चिपक कर बैठती थी तो उसके दूध मेरी पीठ पर गड़ते थे जो मुझे बहुत ही प्यारा एहसास देते थे | फिर ऐसे ही हमारे रिलेशनशिप को एक साल हो गया था और हमारे बीच कभी झगड़ा नहीं हुआ था | तो एक दिन मैंने उससे कहा की मुझे तुमसे मिलना है तो उसने कहा हाँ बताओ न कहा मिलना है ? तो मैंने कहा तुम्हारे रूम में तो उसने कहा कि ठीक है पर तुम 2 बजे आना तब कोई नहीं रहता है | तो मैं उसके रूम में गया और तब उसने ऐसे ही गाउन पहना हुआ था जो कि उसके घुटने तक अ रहा था |

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उसने मुझे पूछा की क्या बात है आज तुमने मेरे रूम में मिलने के लिए क्यूँ पुछा ? तो मैंने उसे कहा कि मुझे तुम्हे किस करना था तो उसने कहा बस इतनी सी बात और वो मेरे गोद में बैठ गई आ कर मेरे गले में हाँथ डाल कर कहने लगी बोलो कहाँ किस करूँ ? तो मैंने उसे कहा मेरे लिप्स पर तो उसने मेरे होंठो में अपने होंठ रख कर किस करने लगी और बहुत ही अच्छे से वो मेरे लिप्स को चूस रही थी और मैं भी उसके होंठो को चूसने लगा था | करीब 10 मिनट तक हम दोनों ने एक दूसरे को खूब चूमा और चाटा | अब हम दोनों ही गरम हो चुके थे और इसके भी आगे बढ़ना चाहते थे तो मैंने उसके दूध पर अपने हाँथ रख दिए और उसकी हलकी सी सिसकी निकली तो फिर मैं उसके दूध को जोर जोर से दबाने लगा तो वो अहहहाआआ अहहहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह उऊंन्ह्ह अहहाआअ ऊमम्म्म अहहाआआ अहहाआआ हहहहाआ हहाआआआ आआअह्ह्हाअ उऊंन्ह्ह ऊउम्मम्म ऊउन्न्ह अहहहहहाआ अहहहाआ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म अह्हाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह अहहहाआअ करने लगी | फिर मैंने उसका गाउन उतार दिया था और उसने मेरी शर्ट उतार दी थी | उसने ब्रा नहीं पहनी थी तो मैं उसके दूध को चूसने लगा था और वो अहहहाआआ अहहहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह उऊंन्ह्ह अहहाआअ ऊमम्म्म अहहाआआ अहहाआआ हहहहाआ हहाआआआ आआअह्ह्हाअ उऊंन्ह्ह ऊउम्मम्म ऊउन्न्ह अहहहहहाआ अहहहाआ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म अह्हाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह अहहहाआअ करने लगी | फिर मैंने उसकी पेन्टी उतारी और उसे बेड पर लेटा दिया और उसकी चिकनी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा | वो अहहहाआआ अहहहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह उऊंन्ह्ह अहहाआअ ऊमम्म्म अहहाआआ अहहाआआ हहहहाआ हहाआआआ आआअह्ह्हाअ उऊंन्ह्ह ऊउम्मम्म ऊउन्न्ह अहहहहहाआ अहहहाआ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म अह्हाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह अहहहाआअ किये जा रही थी | फिर मैं उसकी चूत चाटने के साथ साथ उसकी चूत की ऊँगली से चुदाई भी करने लगा था तो वो अहहहाआआ अहहहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह उऊंन्ह्ह अहहाआअ ऊमम्म्म अहहाआआ अहहाआआ हहहहाआ हहाआआआ आआअह्ह्हाअ उऊंन्ह्ह ऊउम्मम्म ऊउन्न्ह अहहहहहाआ अहहहाआ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म अह्हाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह अहहहाआअ करते हुए मेरे मुंह में ही झड़ गई थी |

15 मिनट तक उसकी चूत चाटने के बाद उसने मेरा पेंट उतारी और फिर मेरा लंड मुंह में ले कर चूसने लगी और मैं अहहहाआआ अहहहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह उऊंन्ह्ह अहहाआअ ऊमम्म्म अहहाआआ अहहाआआ हहहहाआ हहाआआआ आआअह्ह्हाअ उऊंन्ह्ह ऊउम्मम्म ऊउन्न्ह अहहहहहाआ अहहहाआ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म अह्हाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह अहहहाआअ करने लगा | उसने मेरा लंड 10 मिनट तक बहुत ही अच्छे से थूक लगा लगा के चूसा | फिर मैंने उसी बेड पर उसे घोड़ी बना दिया और उसकी चूत में अपना लंड टिका कर पूरा लंड उसकी चूत में घुसेड दिया और उसकी चूत की चुदाई करने लगा तो वो अहहहाआआ अहहहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह उऊंन्ह्ह अहहाआअ ऊमम्म्म अहहाआआ अहहाआआ हहहहाआ हहाआआआ आआअह्ह्हाअ उऊंन्ह्ह ऊउम्मम्म ऊउन्न्ह अहहहहहाआ अहहहाआ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म अह्हाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह अहहहाआअ करने लगी | फिर मैंने उसे लेटाया और और फिर उसकी चूत में लंड डाल के पेलने लगा और वो अहहहाआआ अहहहाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म्ह उऊंन्ह्ह अहहाआअ ऊमम्म्म अहहाआआ अहहाआआ हहहहाआ हहाआआआ आआअह्ह्हाअ उऊंन्ह्ह ऊउम्मम्म ऊउन्न्ह अहहहहहाआ अहहहाआ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्म अह्हाआअ उऊंन्ह्ह ऊउम्म्ह अहहहाआअ करते हुए झड़ गई थी और मैं भी चूत के ऊपर अपना माल गिरा दिया | फिर उस दिन मैंने उसकी दो बार चुदाई की |

आप लोग मेरी इस सच्ची कहानी पर कमेंट करके अपनी राय दे सकते हैं | आशा है की आप लोगों को पसंद आई होगी ये कहानी |